--Advertisement--

चार साल पहले लिए धान का 739 मीट्रिक टन चावल नहीं दिया, डीएफएससी ने राइस मिलर पर कराई FIR

Dainik Bhaskar

Jun 29, 2018, 07:30 PM IST

तीन दिन पहले भी सरस्वतीनगर के एक राइस मिल पर करोड़ों का चावल गबन करने के आरोप में हुआ था केस।

DFSC registered FIR against rice miller in yamunanagar

यमुनानगर। सरकार के कमजोर नियमों का फायदा राइस मिलरों ने जमकर उठाया है। सरकार की एजेंसियों ने करोड़ों रुपए का धान ले लिया, लेकिन जब चावल देने की बात हुई तो उन्होंने चावल नहीं दिया। इसी तरह का एक और मामला सामने आया है। सरस्वतीनगर के जय बाला सुंदरी राइस मिलर ने सरकार का 739 मीट्रिक टन चावल हजम कर लिया। बार-बार नोटिस के बाद भी चावल नहीं दिया तो अंत में डीएफएससी को केस दर्ज करना पड़ा। छप्पर पुलिस ने डीएफएससी सुरेंद्र सिंह धौलरा की शिकायत पर राइस मिलर पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।

- धौलरा ने बताया कि साल 2013-14 में जय बाला सुंदरी राइस मिल ने धान खरीदी। उस धान का उन्हें चावल देना था। यह चावल 739 मीट्रिक टन बनता है। जिसकी कीमत करीब पौने दो करोड़ है।
- धान का चावल निकाल समय पर मिलर ने वापस नहीं दिया। उसे कई बार नोटिस देकर चावल सप्लाई करने को कहा, लेकिन उन्होंने चावल नहीं दिया। अंत में उन्हें मिलर पर केस दर्ज करना पड़ा।

तीन दिन पहले भी हुआ था एक राइस मिलर पर केस
- राइस मिलर लगातार सरकार को चूना लगा रहे हैं। तीन दिन पहले भी एक सरकारी एजेंसी के अधिकारी ने राइस मिलर पर केस दर्ज किया है। करीब तीन करोड़ रुपए का चावल राइस मिलर ने सरकार को वापस नहीं किया। इससे केस दर्ज करना पड़ा। बता दें पिछले एक साल में आधा दर्जन राइस मिलर पर केस दर्ज हो चुका है।

X
DFSC registered FIR against rice miller in yamunanagar
Astrology

Recommended

Click to listen..