पहाड़ों में हो रही बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर, हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया 1 लाख 44 हजार क्यूसेक पानी / पहाड़ों में हो रही बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर, हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया 1 लाख 44 हजार क्यूसेक पानी

अगले 24 घंटे तक पहाड़ों में बारिश के आसार। बढ़ सकता है जलस्तर।

dainikbhaskar.com

Aug 13, 2018, 11:09 AM IST
जलस्तर बढ़ने के बाद हथनीकुंड बैराज का दृश्य। जलस्तर बढ़ने के बाद हथनीकुंड बैराज का दृश्य।

यमुनानगर। पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश से हथनीकुंड बैराज का जलस्तर सोमवार को 1 लाख 44 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों में अगले 24 घंटे तक तेज बारिश के आसार है। इसके चलते आने वाले दिनों में हथनीकुंड बैराज का जलस्तर और बढ़ सकता है। हरियाणा सिंचाई विभाग ने यमुनानगर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। हथनीकुंड बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं। हथनी कुंड बैराज से 72 घंटे में दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। बता दें कि इससे पहले 28 जुलाई को यमुना का जलस्तर 6 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। इससे यमुना से लगते आसपास के गांवों में पानी भर गया था।


सिंचाई विभाग का कहना है कि यमुनोत्री में हो रही भारी बारिश के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ा है। इस वजह से सिंचाई विभाग के सभी अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है। जहां-जहां तटबंध कमजोर है, वहां-वहां निगरानी रखी जा रही है। बोट, नाव व जरुरी सामान का प्रबंध पहले से कर लिया गया है। पानी के प्रैशर को देखते हुए बैराज से निकलने वाली हरियाणा व यूपी की नहरों को बंद कर दिया गया है। नहरें बंद होने से 64.4 मेगावाट क्षमता के पनबिजली इकाइयों में बिजली उत्पादन बंद हो गया है।


बैराज पर दर्ज है 8 लाख क्यूसेक पानी का रिकॉर्ड
3 सितम्बर 1978 को यमुना नदी में 7.9 लाख क्यूसेक पानी पहुंचने से बाढ़ आ गई थी। 13 सितम्बर 2010 में नदी में 7.7 लाख क्यूसेक पानी आया। 16 जून 2013 को सबसे अधिक 8 लाख 6 हजार 464 क्यूसेक का रिकॉर्ड भी हथनीकुंड बैराज पर दर्ज है। 8 लाख क्यूसेक पानी के सैलाब के बाद ही बैराज पर पानी नापने के लिए पैमाना बढ़ा कर 10 लाख क्यूसेक किया गया है। बैराज की जल बहाव क्षमता 9 लाख 95 हजार क्यूसेक की है।

बैराज से दूसरी नहरों में भी छोड़ा जाता है पानी। जलस्तर बढ़ने पर खोल दिए जाते हैं सभी 18 गेट। बैराज से दूसरी नहरों में भी छोड़ा जाता है पानी। जलस्तर बढ़ने पर खोल दिए जाते हैं सभी 18 गेट।
जलस्तर बढ़ने से यमुना किनारे के खेतों में भी घुस जाता है पानी। जलस्तर बढ़ने से यमुना किनारे के खेतों में भी घुस जाता है पानी।
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जलस्तर बढ़ने के बाद हथनीकुंड बैराज का दृश्य।जलस्तर बढ़ने के बाद हथनीकुंड बैराज का दृश्य।
बैराज से दूसरी नहरों में भी छोड़ा जाता है पानी। जलस्तर बढ़ने पर खोल दिए जाते हैं सभी 18 गेट।बैराज से दूसरी नहरों में भी छोड़ा जाता है पानी। जलस्तर बढ़ने पर खोल दिए जाते हैं सभी 18 गेट।
जलस्तर बढ़ने से यमुना किनारे के खेतों में भी घुस जाता है पानी।जलस्तर बढ़ने से यमुना किनारे के खेतों में भी घुस जाता है पानी।
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