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गो, मानव व हथियार तस्करी रोकने को सोशल मीडिया से जुड़ेगी 4 राज्यों की पुलिस

भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा प्रदेश की सीमाओं पर होने वाले अपराध को रोकने के लिए हरियाणा समेत पड़ोसी चार...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:05 AM IST

गो, मानव व हथियार तस्करी रोकने को सोशल मीडिया से जुड़ेगी 4 राज्यों की पुलिस
भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा

प्रदेश की सीमाओं पर होने वाले अपराध को रोकने के लिए हरियाणा समेत पड़ोसी चार राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने गुड़गांव में मंथन किया। अंतर-राज्य अपराध समन्वय समिति की पहली ही बैठक में अपराधियों के वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद उसकी सूचना पड़ोसी राज्य की पुलिस को पहुंचाने के लिए पूरा खाका तैयार किया है। इसके तहत हरियाणा, राजस्थान, यूपी और दिल्ली की सीमा से लगे जिलों में पुलिस अधिकारियों का वाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। ताकि तत्काल सूचना दी जा सके। इसके अलावा ये अधिकारी मोबाइल नंबर भी एक-दूसरे के रखेंगे।

अपराध शाखा, सीआईए और एसटीएफ अधिकारियों के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों में तैनात एसएचओ के बीच नियमित रूप से बैठकों का आयोजन होगा। चारों राज्यों की वास्तविक जानकारी को सांझा करने के लिए एक-एक वरिष्ठ नोडल अधिकारी भी नियुक्त करेंगे। इस बैठक का एजेंडा हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों के साथ-साथ नई दिल्ली के पुलिस आयुक्त के साथ मिलकर तैयार किया था। इन राज्यों की अगली त्रैमासिक बैठक उत्तर प्रदेश के नोएडा में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में हरियाणा के एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर मोहम्मद अकील, एडीजीपी अंबाला रेंज आरसी मिश्रा, उत्तर प्रदेश के एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार, उत्तर प्रदेश के एडीजीपी अपराध चंद्र प्रकाश, राजस्थान जयपुर रेंज के एडीजीपी हेमंत प्रियादर्शी और दक्षिणी दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त लॉ एंड ऑर्डर पी कामराज के साथ हरियाणा के आईजीपी सीआईडी अनिल कुमार और अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे।

गुड़गांव | अंतर राज्य अपराध समन्वय समिति की बैठक में अफसरों के साथ सीएम।

हर 3 महीने से होनी चाहिए बैठक: सीएम

अंतर-राज्य अपराध समन्वय समिति की बैठक मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस बैठक को आयोजित करने का विचार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अनौपचारिक बैठक के दौरान लिया गया था। इस तरह की त्रैमासिक बैठकों का आयोजन निश्चित रूप से अपराधियों और अन्य अवैध गतिविधियों के अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ने के लिए फायदेमंद होगा।

यूपी और राजस्थान से मांगा सहयोग

सभी पुलिस अधिकारियों ने अंतर-राज्य अपराधों पर रोकने के साथ अपराधियों को पकड़ने की रणनीति तैयार करने पर विचार-विमर्श किया। हरियाणा ने अवैध हथियारों के निर्माण एवं आपूर्ति में संलिप्त अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सभी पड़ोसी राज्यों विशेषकर उत्तर प्रदेश से सहयोग मांगा है।जबकि अवैध खनन और ओवरलोडिंग की समस्या को रोकने के लिए राजस्थान से भी सहयोग मांगा है।अपराधियों की जानकारी उपलब्ध कराने की बात हुई।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

अंतरराज्यीय अपराधियों, उद्घोषित अपराधियों व बेल जंपर अपराधियों को पकड़ने में सहयोग करने।

सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त नाकाबंदी व गश्त।

विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का आपसी समन्वय करना।

वाहन चोर गिरोह के बारे में सूचना का आदान-प्रदान करना।

लावारिश शवों की पहचान करने में आपसी सहयोग।

मानव तस्करी के केसों में पुलिस सहायता।

अवैध तरीके से खनन, पशुओं (गौ तस्करी), लकड़ी वाहनों व मिलावटी खाद्य पदार्थों की तस्करी।

शराब व नशीले पदार्थों की तस्करी।

जाली करंसी का चलन।

अवैध हथियारों की तस्करी, फर्जी हथियार/वाहन लाइसेंस के मामले।

उग्रवादियों, माओवादियों, बांग्लादेशियों, रोहिंगया आदि पर सूचना का आदान-प्रदान करना।

सीमावर्ती क्षेत्रों में यातायात का सुचारू रूप से संचालन करने।

अन्तरराज्यीय ओवरलोडिंग वाहनों पर अंकुश लगाना।

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