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अनंत को पाने चले हो तो धैर्य भी होना चाहिए अनंत : छोटे मुरारी बापू

अम्बाला छावनी के बांके बिहारी मंदिर में कथा करते छोटे मुराली बापू और कथा का आनंद उठाते क्षेत्र के भगतजन। भास्कर...

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 02:10 AM IST
अम्बाला छावनी के बांके बिहारी मंदिर में कथा करते छोटे मुराली बापू और कथा का आनंद उठाते क्षेत्र के भगतजन।

भास्कर न्यूज | अम्बाला

श्री बांके बिहारी मंदिर, गोबिंद नगर में छोटे मुरारी बापू ने नौ दिवसीय संगीतमयी श्री राम कथा के 8वें दिन श्री राम जी के “वन पथ” में हुई लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि श्री राम छोटों को गले लगाते हैं और बड़ों के आगे सिर झुकाते हैं।

वन ने श्री राम को भगवान बना दिया। यदि उनकी लीलाओं में से वनवास प्रसंग हटा दिया जाए तो वह साधारण राज कुमार की तरह दिखते हैं। सुखी आदमी सतह पर जीता है और दुखी इंसान जिंदगी की गहराई में डूबता है।

महाराज ने भगवान की वन महिमा पर सुंदर भजन “मुक्त गगन है मुक्त पवन है - वन प्रभु का खुला भवन है” एवं “तोड़ के सारे बंधन, छोड़ के सारे काम-कोई कुटिया सजा दो, आ रहे मेरे राम” और “कान्हा जी तुम आओगे कैसे, हम बुलाएंगे वैसे हम बुलाएंगे वैसे, तुम आओगे जैसे” प्रस्तुत कर मन मोह लिया। शबरी प्रसंग सुनाते हुए संत ने कहा कि भगवान श्री राम, शबरी जी से वन में मिले। शबरी ने धैर्य से भगवान का इंतजार किया। समय आने पर शबरी का उद्धार श्रीराम ने किया। बापू कहते हैं कि अनंत को पाने चले हो तो धैर्य भी अनंत होना चाहिए। राकेश गुप्ता, ललित मोहन परिवारों द्वारा प्रसाद की व्यवस्था की गई। मौके पर संतोष, सतीश दुआ, राकेश गुप्ता, कैलाश चंद्र मल्होत्रा, अरुण गुप्ता, अविनाश शर्मा, विनोद कुमार, अत्तर चंद शर्मा, बृजमोहन गुप्ता, रोमी बहल, ओम प्रकाश, पुरुषोत्तम, चंद्र मोहन, अविनाश शर्मा, जंग बहादुर उप्पल, पंडित ओमप्रकाश, पंडित परमेश्वरानंद एवं अन्य मौजूद रहे।