• Hindi News
  • Haryana
  • Bahadurgarh
  • इंसान अपने चित को निर्मल बनाने का हमेशा करे प्रयास
--Advertisement--

इंसान अपने चित को निर्मल बनाने का हमेशा करे प्रयास

छुड़ानी स्थित छतरी साहिब छुड़ानी धाम में माघ पूर्णिमा पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महंत दयासागर ने...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:00 AM IST
इंसान अपने चित को निर्मल बनाने का हमेशा करे प्रयास
छुड़ानी स्थित छतरी साहिब छुड़ानी धाम में माघ पूर्णिमा पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महंत दयासागर ने कहा कि हर इंसान को अपने चित को निर्मल बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीव का मन के साथ घनिष्ट संबंध है। जब से मन ने अपना नाम रख लिया है तब से यह जीव परमात्मा से अलग हो गया है। जब मन का अपना अस्तित्व कुछ नहीं था तब जीव परमात्मा था। जीव व परमात्मा के बीच मन की दीवार बन जाने के कारण ही जीव अलग हुआ है। आत्मा तो परमात्मा का ही अंश है जो निर्विकार व निर्मल है। आत्मा व परमात्मा दोनों ही स्वच्छ जल की तरह निर्मल है। बंदी छोड़ गरीबदास महाराज कहते है कि गरीब आत्मा व परमात्मा एके नूर जहूर बीच कर जाई कर्म की ताते कहिये दूर। तात्पर्य यह है कि कर्म का जो पर्दा बीच में पड़ गया है यह भी तो मन ही है। मन के बिना कोई कर्म बनता ही नहीं। इसलिए मन की मलीनता को दूर करना आवश्यक है।

X
इंसान अपने चित को निर्मल बनाने का हमेशा करे प्रयास
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..