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सरसों औने-पौने दाम पर बेचने को किसान मजबूर

बहादुरगढ़. सरकार के खिलाफ विरोध जताते ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के सदस्य। भास्कर न्यूज | बहादुरगढ़ ऑल...

Dainik Bhaskar

Apr 03, 2018, 02:10 AM IST
सरसों औने-पौने दाम पर बेचने को किसान मजबूर
बहादुरगढ़. सरकार के खिलाफ विरोध जताते ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के सदस्य।

भास्कर न्यूज | बहादुरगढ़

ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने सरसों खरीद को लेकर सरकार पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। सोमवार को अनाज मंडी में पहुंची संगठन की टीम ने किसानों से बातचीत भी की और प्राइवेट खरीद में उन्हें 500 से 600 रुपए प्रति क्विंटल का घाटा होने पर रोष जताया है। संगठन की राज्य कमेटी के सदस्य जयकरण मांडौठी ने कहा कि सरकार की तरफ से सरसों की सरकारी खरीद को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। मुकुंदपुर के किसान ने जहां उनके सामने ही 500 रुपए प्रति क्विंटल के घाटे पर अपनी सरसों की फसल बेची वहीं कुलासी के किसान भी औने-पौने दाम पर फसल बेचकर लौटे। ये मामले तो बानगी भर है। ज्यादातर किसान इसी तरह से घाटे पर फसल बेचने के लिए विवश हो रहे है। सरकार ने केवल जिला मुख्यालय पर सरसों की सरकारी खरीद के लिए केंद्र बनाया, लेकिन उस पर भी इतनी शर्तें थोप दी कि मजबूर होकर किसान कही भी फसल बेच रहे हैं। एक तरफ सरकार किसानों की फसल डेढ़ गुना दाम पर खरीदने का दावा कर रही तो दूसरी तरफ बाजार के हवाले किया जा रहा है। आखिरकार फसल बेचने के लिए इतने दस्तावेज जमा करवाने, लंबा इंतजार करवाने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि गेहूं का एमएसपी भी उचित नहीं दिया गया है।

लागत ज्यादा और आमदनी कम होने से 80 फीसदी किसान कर्ज में फंसे: जयकरण ने बताया कि लागत ज्यादा और आमदनी कम होने से प्रदेश के 80 फीसदी किसान कर्ज जाल में फंस गए हैं और उनके निकलने का रास्ता भी नहीं दिख रहा है। इस मौके पर सतबीर सिंह बल्हारा, सतीश कुमार, सुरेश कुमार आसोदा के अलावा कई अन्य उपस्थित रहे।

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