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विद्यार्थी लक्ष्य निर्धारित करके शिक्षा ग्रहण करें

बराही गांव स्थित बाल विकास पब्लिक स्कूल में तनाव रहित शिक्षा ग्रहण करने व आंखों की देखभाल करने से संबंधित एक...

Dainik Bhaskar

Apr 24, 2018, 02:00 AM IST
विद्यार्थी लक्ष्य निर्धारित करके शिक्षा ग्रहण करें
बराही गांव स्थित बाल विकास पब्लिक स्कूल में तनाव रहित शिक्षा ग्रहण करने व आंखों की देखभाल करने से संबंधित एक सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार में मोटिवेटर डॉ रूपक गिल व नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. अजय कुमार ने विद्यार्थियों को तनाव रहित शिक्षा ग्रहण करने व आंखों की उचित देखरेख के बारे में महत्वपूर्ण टिप्स देकर जागरूक किया। विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए मोटिवेटर डॉ रूपक गिल ने बताया कि विद्यार्थी अपने स्कूली जीवन में भविष्य का लक्ष्य निर्धारित करके शिक्षा ग्रहण करें। सकारात्मक सोच रखने वाला जो विद्यार्थी क्लास रूम में पिछले बेंच पर बैठता हो वह भी पहले बेंच पर बैठने वाले विद्यार्थी से अधिक अंक हासिल कर सकता है। क्लास रूम में अंतिम बेंच बैठने वाला विद्यार्थी सकारात्मक सोच के साथ मन में यह धारण करें की वह पहले बेंच पर बैठने वाले विद्यार्थी से भी ज्यादा अंक हासिल करूंगा। डा. रूपक गिल ने कहा कि विद्यार्थी मन में नेगेटिव विचारों को लाने की बजाय हमेशा पॉजिटिव विचार रखकर शिक्षा ग्रहण करेंगे तो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता उनके कदमों को चूमेगी व स्कूली जीवन में देखे गए उनके लक्ष्य भी पूरे होंगे।

इस अवसर पर स्कूल की डायरेक्टर सीमा छिल्लर, प्रिंसिपल नीरू सिंह, शिक्षिका रेखा शर्मा, ज्योति शर्मा, प्रेमलता, शिक्षक सुभिर घोष सहित अनेक शिक्षकगण मौजूद रहे।

तनाव रहित शिक्षा और आंखों की देखभाल विषय पर सेमिनार

बहादुरगढ़. बराही गांव में तनाव रहित शिक्षा ग्रहण करने से संबंधित सेमिनार में मौजूद स्कूली बच्चे।

बच्चे मोबाइल व कंप्यूटर पर गेम न खेले

सेमिनार में नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. अजय कुमार ने विद्यार्थियों को आंखों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि आजकल बच्चे मोबाइल फोन, टीवी व कम्प्यूटर पर गेम खेलने में व्यस्त रहते है जिसके कारण सबसे ज्यादा असर बच्चों की आंखों पर पड़ता है, इसलिए बच्चों को मोबाइल फोन, टीवी व कम्प्यूटर पर गेम खेलने की आदत को छोड़ना होगा। आंखों के प्रति हमें सजग रहना चाहिए। अगर आंखों से पानी आता हो, धुंधला दिखता हो, कम दिखाई देता हो, आंखों में जलन हो तो आंखों की जांच करवानी चाहिए ताकि समय पर इस प्रकार की समस्या का ईलाज किया जा सके। डाॅ. अजय ने विद्यार्थियों से कहा कि हर छह महीने में एक बार अपनी आंखों की जांच जरूर करवानी चाहिए तथा हरी सब्जी, गन्ने का जूस, दूध का सेवन करना चाहिए। दिन में तीन या चार बार पानी से आंखों को जरूर धोना चाहिए। विद्यार्थियों को पेन, पेंसिल व अन्य नुकीली चीजों से नहीं खेेलना चाहिए। सेमिनार में विद्यार्थियों ने तनाव रहित शिक्षा व आंखों की देखभाल से सवाल भी किए जिनका डा. अजय व डा. रूपक गिल ने जवाब देकर सवालों को विस्तार से समझाया।

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