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25 अप्रैल से ढाई लाख बच्चों को लगेगा एमआर टीका

शहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों को खसरा एवं रूबेला रोग से मुक्ति के लिए...

Danik Bhaskar | Apr 11, 2018, 02:00 AM IST
शहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों को खसरा एवं रूबेला रोग से मुक्ति के लिए जरूरी जानकारी देने को स्वास्थ्य विभाग ने बैठक की। इसमें मुख्य वक्ता स्वास्थ्य विभाग के जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. सुभाष ने बताया कि खसरा और रूबेला जर्मन टीकाकरण अभियान के तहत केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 तक दोनों बीमारियों काे समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। राष्ट्रीय मिशन के तहत झज्जर में 25 अप्रैल से ढाई लाख बच्चों को एमआर टीकाकरण लगाने की तैयारी शुरू की गई है। पांच सप्ताह तक दिन-रात चलने वाले इस अभियान के दौरान 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को इस बीमारियों से बचाव का फ्री टीका लगाया जाएगा। देश में खसरा व रूबेला से करीब 50 हजार बच्चों में होती मृत्यु

जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. सुभाष ने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक विश्व में खसरे व रूबेला के लगभग 36 फीसदी मामले भारत में पाए जाते हैं। प्रत्येक वर्ष देश में खसरा व रूबेला से पीड़ित करीब 50 हजार बच्चों में मृत्यु हो जाती है। अभियान का उद्देश्य मीजल्स और रूबेला के कारण 0-5 साल के लगभग 10 फीसद बच्चों की मृत्यु दर कम करना है। हरियाणा में अभियान के पहले दो सप्ताह के भीतर कक्षा 10 तक के सभी स्कूलों को कवर किया जाएगा।खंड शिक्षा अधिकारी मदन चोपड़ा ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी स्कूल के प्रतिनिधियों से आग्रह किया। उन्होंने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में टीकाकरण खर्च महंगा (लगभग 2 हजार रुपए) होने से दंपती अपने बच्चों को टीका नहीं लगवा पाते। ऐसे में मीजल्स-रूबेला उन्मूलन की दिशा में यह सरकार का बड़ा कदम है।

बहादुरगढ़. मीजल्स एवं रूबेला रोग से मुक्त करने के टिप्स देते हुए विशेषज्ञ।

टीकाकरण अभियान के

लिए प्रोत्साहित किया

साल्हावास | उप स्वास्थ्य केंद्र तुंबाहेड़ी, सुबाना, न्यौला व धारौली में आंगनबाड़ी केंद्रों व चौपाल पर खसरा रुबेला टीकाकरण अभियान के तहत डाॅ. ममता वर्मा की अगुवाई में सामुदायिक सभाओं का आयोजन किया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर क्रमश : कृष्णा, क्रांति, प्रदीप, अनीता, कैलाश व अरुण भूकर सरौला में, पूजा व बिन्नी सिंह, छपार में, ओमपति धारौली में ने ग्रामीणों को संबोधित किया। जिसमें सभी को 25 अप्रैल से शुरू होने वाले खसरा रुबेला अभियान में अपने 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि दी जाने वाली वेक्सिन पूरी तरह सुरक्षित व निशुल्क है व प्रत्येक बच्चे के लिए नई सिरिंज का प्रयोग किया जाएगा।