• Home
  • Haryana News
  • Bahadurgarh
  • रेडिएशन से डरने की जरूरत नहीं, बच्चों को बांटी किताबें
--Advertisement--

रेडिएशन से डरने की जरूरत नहीं, बच्चों को बांटी किताबें

न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से परनाला गांव के गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल में परमाणु उर्जा...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:05 AM IST
न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से परनाला गांव के गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल में परमाणु उर्जा शत्रु नहीं मित्र भी विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन के मोटिवेटर संदीप पाल ने विद्यार्थियों को परमाणु उर्जा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्र-छात्राओं में रेडिएशन के भय से दूर करने का प्रयास किया गया। साथ ही बच्चों को एक था बुधिया किताब निशुल्क वितरित की।

उन्होंने बताया कि रेडियशन से डरने की जरूरत नहीं है, आज बीमारियों से लड़ने, सूई को संक्रमण से बचाने और अन्य चीजों में रेडिएशन का इस्तेमाल होता है। जो हमारे हित में है। इसलिए हम कह सकते हैं कि विकरण दुश्मन नहीं दोस्त भी है। इस मौके पर उपमंडल विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सतेंद्र दहिया, प्रिंसिपल सुमेर सिंह ने भी अपने विचार रखें।

गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को परमाणु उर्जा के बारे में किया जागरूक

नया विकल्प है

परमाणु उर्जा

संदीप पाल ने कहा कि भविष्य में आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश में 20-25 प्रतिशत लोगों को अपना जीवन अंधकार में व्यतीत करना पड़ा रहा है। इस कारण काफी क्षेत्रों में शिक्षा, चिकित्सा सेवा बदहाल है, उद्योग-धंधे प्रभावित हैं। इससे लोग आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं। आज केंद्र और राज्य सरकारों के लिए देश की जनता को 24 घंटे सस्ती बिजली उपलब्ध कराना चुनौती बन गया हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए परमाणु उर्जा नया विकल्प है।

बहादुरगढ़ . परनाला गांव के गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल में परमाणु उर्जा शत्रु नहीं मित्र भी विषय पर सेमिनार में उपस्थित विद्यार्थी।

रेडिएशन का गलत

हो रहा प्रचार

आज देश में कुछ संगठन जनता में रेडिएशन का भय दिखाकर उसका गलत प्रचार कर रहे हैं, जबकि आज रेडिएशन का इस्तेमाल एक्सरे, एमआर और कैंसर की बीमारी समेत अन्य बीमारियों से लड़ने में किया जा रहा है। ऐसे संगठन व लोग देश के विकास की राह में बाधा हैं। हम कह सकते हैं कि विकरण शत्रु नहीं मित्र भी है। आज फ्रांस, रूस, चाइना, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका समेत विश्व के 31 देशों ने परमाणु ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल कर खूब तरक्की की है।