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परशुराम जयंती पर हवन-यज्ञ के बाद प्रसाद बांटा

शहर के सब्जी मंडी रोड स्थिति भगवान परशुराम मंदिर में बुधवार सुबह से ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई। जयकारों से मंदिर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 19, 2018, 02:05 AM IST

शहर के सब्जी मंडी रोड स्थिति भगवान परशुराम मंदिर में बुधवार सुबह से ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई। जयकारों से मंदिर गूंज गया। दयानंद नगर स्थित भगवान परशुराम मंदिर में परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। पुजारी प्रेमनाथ मिश्रा ने विधिपूर्वक हवन-यज्ञ कराया, जिसमें ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों ने आहुति डाली। सुबह 9 बजे हवन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। सभा के प्रधान तोताराम ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम से समाज में आपसी भाईचारा व एकता को बढ़ावा मिलता है। कोषाध्यक्ष राजकुमार गौतम ने कहा कि भगवान परशुराम के विचारों को मन में धारण करके आमजन समाज की भलाई करने का काम करें। इस अवसर ब्राह्मण सभा के संरक्षक राधेश्याम कुश, प्रधान पंडित तोताराम, उप प्रधान केके कौशिक, हरिनिवास शर्मा, धर्मेंद्र, देवीदत्त, संतराम शर्मा, सीताराम, देवी सिंह, नरेंद्र मुदगिल, भीम सेन शर्मा, पंडित प्रेमनाथ आिद मौजूद रहे।

सब्जी मंडी रोड स्थित भगवान परशुराम मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पूर्व नगर पार्षद धर्मेंद्र वत्स ने कहा कि कलयुग चल रहा है। आज के समय में भी ऐसे 8 चिरंजीव देवता और महापुरुष हैं जो जीवित हैं। इन्हीं आठ महापुरुषों में एक भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम हैं, जितनी जयंती अक्षय तृतीया के दिन मनाई जाती है। कहा जाता है कि भगवान शिव के परम भक्त परशुराम न्याय के देवता हैं, जिन्होंने 21 बार इस धरती को क्षत्रिय विहीन किया था। परशुराम ने अपने माता-पिता के अपमान का बदला लेने के लिए 21 बार इस धरती को क्षत्रिय विहीन कर दिया था। ऐसा इसलिए क्योंकि हेहय वंश के राजा सहास्रर्जुन ने अपने बल और घमंड की वजह से ब्राह्मणों और ऋषियों पर अत्याचार करते जा रहा था। वत्स ने कहा कि सहास्रर्जुन अपनी पूरी सेना समेत भगवान परशुराम के पिता जमदग्रि मुनी के आश्रम पहुंच गया। मुनि ने कामधेनु गाय के दूध से पूरी सेना का आदर से स्वागत किया, लेकिन चमत्कारी कामधेनु को उसने अपने बल का प्रयोग कर बलपूर्वक छीन लिया। इसके बाद जब यह बात परशुराम को पता चली तो उन्होंने सहास्रर्जुन को मार डाला। सहास्रर्जुन के पुत्रों ने बदला लेने के लिए परशुराम के पिता का वध कर दिया। माता-पिता के वियोग में चिता पर सती हो गईं। इसके बाद पिता के शरीर पर 21 घाव को देखते हुए परशुराम ने शपथ ली थी कि वह इस धरती से समस्त क्षत्रिय वंशों का संहार कर देंगे। इसके बाद पूरे 21 बार उन्होंने पृथ्वी से क्षत्रियों का विनाश कर अपनी प्रतिज्ञा पूरी की।

बहादुरगढ़. सब्जी मंडी रोड स्थित भगवान परशुराम मंदिर में हवन-यज्ञ करते लोग।

सुख-शांति की कामना की

बादली |
उपमंडल के निकटवर्ती गांव पाहसौर में बुधवार को पूरे उत्साह और उमंग के साथ परशुराम जयंती मनाई गई। कार्यक्रम गांव के परशुराम मंदिर में किया गया। इस अवसर पर प्रात: हवन का आयोजन किया गया। भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना की गई, जिसमें ग्रामीण महिलाओं व बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। हवन व पूजा अर्चना के उपरांत प्रसाद वितरण का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों ने गांव व क्षेत्र में परशुराम से सुख-शांति की कामना की गई। आयोजित कार्यक्रम में गोरखपुर से आए महंत योगी धीरेंद्र नाथ, अयोध्या से आए बाबा राम बहादुर दास, समाज सेवी पंडित केडी शर्मा, पंडित ऋ षिराज, पंडित राजवीर शर्मा आिद रहे।

विद्यार्थियों ने परशुराम को पुष्प अर्पित किए

भास्कर न्यूज | बेरी

अक्षय तृतीय पर शुभ मुहूर्त के उपलक्ष्य पर धर्मनगरी बेरी में कई आयोजन किए गए। मंदिर लाला रूढ़मल मंदिर बेरी दोखली में मंदिर का 126वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर रूढ़मल परिवार की तरफ से सरकारी स्कूलों के 650 छात्राओं को शिक्षण सामग्री वितरित की गई। इसके लिए प्रबुद्ध लोगों ने परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया। इसके बाद भगवान परशुराम को पुष्प अर्पित किए। रूढ़मल परिवार के सदस्य एसपी अग्रवाल मुंबई ने बताया कि बेरी धर्मनगरी है। यहां समय-समय पर भक्तों की ओर से आयोजन किए जाते हैं। कार्यक्रम में श्योराम अग्रवाल, त्रिलोक चन्द, पुष्कर, जयप्रकाश, सतप्रकाश,नरेश बेरीवाल, बिशन स्वरूप, पीतांबर दास, रमेश चन्द्र, डाॅ. जगदीश कादयान माैजूद थे।

सेना में अधिकारी बनने के लिए सकारात्मक

साेच जरूरी: कर्नल सुनील

साल्हावास | एचडी स्कूल में बुधवार काे भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में रिटायर्ड कर्नल सुनील दत्त ने कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों काे राेजगार के बारे में जानकारी दी। वर्तमान में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भरतपुर एवं धौलपुर में कार्यरत कर्नल सुनील दत्त ने उन सभी विषयों के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक योग्यताएं शामिल हों। उन्होंने बताया कि सेना में अधिकारी बनने के लिए एकाग्रता, दृढ़ निश्चय, सकारात्मक की जरूरत है। हमारे क्षेत्र के विद्यार्थियों में यह काबलियत है, क्योंकि इस विद्यालय व क्षेत्र ने अनेक सेना अधिकारी देश को दिए हैं। उन्होंने स्वयं के परिचय से अवगत कराते हुए बताया कि वे इसी क्षेत्र के गांव अच्छेज पहाड़ीपुर के निवासी हैं। अध्यक्षता रसायन शास्त्र के प्राध्यापक रविंदर कुमार ने की। कार्यक्रम में एचडी शिक्षण ग्रुप निदेशक रमेश गुलिया, उप प्राचार्या कमलेश ढिल्लो माैजूद रहे।

झज्जर. परशुराम जयंती पर पुष्प अर्पित करती प्राचार्या लीला देवी व विद्यार्थी।

पूजा-अर्चना के बाद प्रार्थना की

झज्जर |
हिमालय हाई स्कूल में भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पूजा-अर्चना कर परशुराम को पुष्प अर्पित कर ज्ञान मांगा। इस दौरान प्राचार्या लीली देवी समेत स्टाफ रहा।

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