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स्टेशन इंचार्ज से लोगों ने मांगा न्याय, मां उसी बेंच पर जाकर रोई, जहां बच्ची की जान गई थी

रेलवे स्टेशन पर मां की आंखों के सामने उसकी 3 साल की बेटी की जान चली गई और वह कुछ नहीं कर पाई। हादसे के एक सप्ताह बाद...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 13, 2018, 02:05 AM IST

स्टेशन इंचार्ज से लोगों ने मांगा न्याय, मां उसी 
बेंच पर जाकर रोई, जहां बच्ची की जान गई थी
रेलवे स्टेशन पर मां की आंखों के सामने उसकी 3 साल की बेटी की जान चली गई और वह कुछ नहीं कर पाई। हादसे के एक सप्ताह बाद गुरुवार को मां शालू जब रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उसके कदम खुद ही हादसे वाली जगह की ओर मुड़ गए। वह सीधा उसी बेंच पर पहुंची, जहां उसकी बेटी की मौत हुई थी। बेंच पर बैठकर वह अपनी बेटी को याद कर रोने लगी। जगह, बेंच और प्लेटफार्म सब कुछ वही, बदल गई तो उसकी जिंदगी, जिसमें अब उसकी मासूम बच्ची नहीं है। परिजनों ने किसी तरह से उसे वहां से उठाया और घर लेकर गए। हम बात कर रहे हैं लाइनपार में परिवार के साथ रहने वाली शालू की। पांच अप्रैल को प्लेटफार्म नंबर दो पर अपनी बेटी रोशनी को उसने खो दिया था। वह बेंच पर बैठी थी कि तभी ट्रेन की चपेट में आकर अर्थिंग पत्ती टूटकर रोशनी के सीने में जा लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। अब तक रेलवे इसमें जिम्मेदारी तय नहीं कर पाया है। वहीं, पीड़ित परिवार को मुआवजा के बारे में भी कुछ पता नहीं है। इसे लेकर कई सामाजिक संगठनों के लोग स्टेशन अधीक्षक से मिले और जवाब मांगा।

रोहतक के यातायात निरीक्षक ने भेजी जांच रिपोर्ट

दिल्ली मंडल कार्यालय की तरफ से प्रारंभिक जांच के लिए रोहतक में तैनात यातायात निरीक्षक को नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट कार्यालय में भेज दी है। अब उच्चस्तरीय कमेटी अपनी जांच करेगी। इसको लेकर गुरुवार शाम को दिल्ली कार्यालय में जांच कमेटी की मीटिंग भी हुई, जिसमें सदस्यों ने विचार-विमर्श किया। कुछ दिनों में कमेटी के सदस्य बहादुरगढ़ स्टेशन पर अपना दौरा भी कर सकते हैं।

बच्ची रोशनी की फाइल फोटो

बहादुरगढ़. बच्ची रोशनी की मां शालू रेलवे स्टेशन पर इंसाफ मांगने पहुंची तो वह खुद हो उस बेंच तक जाने से नहीं राेक पाई, जहां बच्ची की जान गई थी।

बेटे को है किडनी की दिक्कत, जा रही थी इलाज करवाने : मुकेश के एक बच्चे को किडनी की गंभीर बीमारी है, इलाज में काफी खर्चा उठाना पड़ रहा है। 5 अप्रैल को बच्चे के इलाज के लिए प|ी शालू दिल्ली जा रही थी। जब वह प्लेटफार्म दो पर बेंच पर बैठी थी तो एक्सप्रेस की चपेट में आने से अर्थिंग पत्ती टूट गई थी। यह पत्ती उसकी बच्ची रोशनी के सीने में लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

बहादुरगढ़. स्टेशन अधीक्षक से इंसाफ की मांग करते विभिन्न संगठनों के लोग।

डीआरएम को ज्ञापन भेज प्रदर्शन की दी चेतावनी

गुरुवार दोपहर छोटूराम अखाड़े के संचालक बुल्लड़ पहलवान की अगुवाई में शहर के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि व रोशनी के परिजन स्टेशन अधीक्षक यशपाल सिंह से मिले। उन्होंने अब तक की गई कार्रवाई की प्रगति के बारे में पूछा। स्टेशन अधीक्षक ने कहा कि जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ रेलवे नियमों के तहत एक्शन लिया जाएगा। परिजनों ने दिल्ली मंडल के डीआरएम के नाम एक ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक को सौंपा व प्रदर्शन की चेतावनी दी।

बच्ची की मौत का हमें भी दुख है। पीड़ित परिवार को न्याय जरूर मिलेगा। परिजनों ने एक ज्ञापन दिया है, जिसे डीआरएम कार्यालय में भिजवा दिया जाएगा। मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी पहले ही गठित कर दी गई है।-यशपाल सिंह, स्टेशन अधीक्षक, बहादुरगढ़

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Web Title: स्टेशन इंचार्ज से लोगों ने मांगा न्याय, मां उसी बेंच पर जाकर रोई, जहां बच्ची की जान गई थी
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