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भ्रूण लिंग जांच में महिला डॉक्टर को तीन वर्ष की सजा, जेल भेजा

निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा भास्कर न्यूज | झज्जर बहादुरगढ़ में लिंग जांच के आरोप में पकड़ी गई एक महिला...

Danik Bhaskar | Apr 13, 2018, 02:05 AM IST
निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा

भास्कर न्यूज | झज्जर

बहादुरगढ़ में लिंग जांच के आरोप में पकड़ी गई एक महिला चिकित्सक को एडीसी लाल चंद की अदालत ने दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा व एक हजार रुपए जुर्माना किया है। सजा सुनाने के बाद महिला को जेल भेज दिया गया। गुरुवार को यह फैसला निचली अदालत की अपील के संबंध में था, जिसको ऊपरी अदालत ने सही माना और सजा बरकार रखी।

बहादुरगढ़ की संत नगर में अल्ट्रासाउंड चलाने वाली महिला चिकित्सक मीना तनेजा को साल 2014 में जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सबूत के साथ पकड़ा था। मामला पीएनडीटी एक्ट के तहत नीचली अदालत में चला। जहां पर महिला चिकित्सक को दोषी ठहराते हुए उसे तीन साल की सजा सुनाई थी। और एक हजार रुपए जुर्माना भी किया गया था, लेकिन तीन साल की सजा में सेशन अदालत की ओर से बेल की प्रावधान है, लिहाजा महिला चिकित्सक को बेल हो गई और उसने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी। उस समय डाॅ. मीना तनेजा को जमानत दे दी गई। बाद यह मामला एडीजे की अदालत में चला। लेकिन यहां भी महिला चिकित्सक प्रमाण पेश नहीं कर पाई।

गुरुवार को इसी मामले में जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लालचंद ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए न सिर्फ उसकी तीन साल की सजा को बरकरार रखा जुर्माना भी अदा करने के आदेश दिए। उसे जेल भी भेज दिया। कैस की पैरवी करने वाले एडवोकेट संजय शर्मा व डिप्टी डीए सुरेश खत्री ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच के मामले में झज्जर जिले में यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें किसी महिला चिकित्सक को तीन साल के लिए जेल भेजा गया हो।