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स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर रोष जताया

अपनी लंबित मांगों को लेकर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन गुरुवार को छारा सीएचसी में काले बिल्ले लगाकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 27, 2018, 02:10 AM IST

स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर रोष जताया
अपनी लंबित मांगों को लेकर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन गुरुवार को छारा सीएचसी में काले बिल्ले लगाकर रोष प्रकट किया। एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना था कि वे लंबे समय से सरकार को अपनी मांगों के बारे अवगत कराते आ रहे, मगर उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जिससे कर्मचारियों में रोष बना है। इस दौरान मिजल रूबेला की बीमारी से 9 माह से 15 वर्ष के बच्चों को बचाने के लिए इस अभियान का शुभारंभ किया गया है। एसोसिएशन के ब्लाॅक प्रधान अमित डबास ने बताया कि मिजल रूबेला अभियान को जनहित में देखते हुए इसका विरोध नहीं किया गया है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने एक माह के अंदर एमपीएचई कर्मचारियों की मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया तो राज्य कमेटी बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। एसोसिएशन ने एक बार फिर अपनी मांगों को दोहराते हुए बताया कि कर्मचारियों को 4200 पे ग्रेड, टेक्निकल घोषित करने, एफटीए, ड्रेस अलांउस व एनएचएम में कार्यरत एमपीएचडब्लू (एफ) को पक्का करने जैसी मांगों का जायज माना था। अमित डबास ने बताया कि अगर हरियाणा सरकार ने एसोसिएशन की मांगे 24 मई तक लागू नहीं करती तो एमपीएचई एसोसिएशन हरियाणा बड़ा आंदोलन करने पर विवश होगी।

बहादुरगढ़. लंबित मांगों को लेकर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने छारा सीएचसी में काले बिल्ले लगाकर रोष प्रकट करते।

कर्मचारियों ने 9 माह से 15 आयु वर्ग तक के बच्चों को लगाए टीके

बादली | गुरुवार से शुरू हुए खसरा-रूबेला कार्यक्रम में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने रोष स्वरूप काले बिल्ले लगाकर कार्यक्रम में भाग लिया। अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य महानिदेशक निदेशक हरियाणा के आश्वासन के बाद राज्य कार्यकारिणी के फैसले के अनुसार सीएचसी बादली के कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर रोष व्यक्त करते हुए कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने 9 माह से 15 वर्ष आयु वर्ग तक के बच्चों को लगाए टीके। इस विषय में जानकारी देते हुए बहुउद्देशीय कर्मचारी एसोसिएशन के सचिव जयपाल ने बताया कि राज्य कार्यकारिणी ने पहले खसरा- रूबेला कार्यक्रम के बहिष्कार का फैसला लिया था। इसके उपरांत कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य महानिदेशक ने कर्मचारियों की मांगे पूरी करने का ठोस आश्वासन दिया है। स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य महानिदेशक के आश्वासन के उपरांत राज्य कार्यकारिणी ने पूरा कार्यक्रम रोष स्वरूप काले बिल्ले लगाकर करने का फैसला लिया। इसी के चलते बादली सीएचसी के कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर अपना रोष व्यक्त करते हुए रूबेला कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बच्चों को रूबेला की खुराक पिलाई।

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