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जेसीबी ने गिराईं घरों की दीवारें, लोगों ने रुकवाया ड्रेन का काम

80 फीट जमीन पूरी होने के बाद भी लोगों के मकान तोड़ने का आरोप भास्कर न्यूज | बहादुरगढ़ जुआं ड्रेन के दोनों तरफ सड़क...

Dainik Bhaskar

May 16, 2018, 02:10 AM IST
80 फीट जमीन पूरी होने के बाद भी लोगों के मकान तोड़ने का आरोप

भास्कर न्यूज | बहादुरगढ़

जुआं ड्रेन के दोनों तरफ सड़क निर्माण के काम के दौरान मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। मंगलवार सुबह यहां एक व्यक्ति ने लोगों को धमकाया कि सभी के मकान तोड़े जाएंगे। तभी वहां खुदाई के लिए आ रही जेसीबी ने रास्ता बनाने के लिए भवनों के बाहर बनी कच्ची दीवारों को तोड़कर जेसीबी को आगे निकालने का प्रयास किया। देखते ही देखते वहां सैकड़ों परिवार एकत्र हो गए व नगर परिषद के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी व काम को रुकवा दिया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व बुल्लड़ पहलवान ने किया। प्रदर्शन व काम रोक देने की खबर लगते ही प्रशासन मौके पर पहुंच गया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ कि किस तरह से गलतफहमी में छोटे सी बात बड़े विवाद का कारण बन गई। देर शाम तक नगर परिषद की टीम मौके पर मौजूद थी और लोगों को विश्वास दिला रही थी कि केवल जेसीबी निकालने के लिए कब्जा किया हुआ स्थान खाली करवाया है। वहीं लोगों के नाम पते नोट करने व घरों को तोड़ने की धमकी देने वाले की पहचान का प्रयास शुरू कर दिया है। नप अधिकारियों ने कहा कि किसी असामाजिक तत्व ने यहां अशांति फैलाने का प्रयास किया है। इस मामले की शिकायत पुलिस में भी की जाएगी।

लोगों ने पक्षपात का लगाया आरोप,

दिन भर रहा विवाद

सुबह कबीर बस्ती में एक व्यक्ति जो हाथ में डायरी लिए आया व लोगों के नाम पते पूछने के बाद लोगों को कब्जे खाली करवाने को कहने लगा। लोगों ने विरोध किया तो उसने सभी के मकानों को तोड़ने की धमकी दी। विरोध के चलते वह वहां से वापस चला गया। थोड़ी ही देर में ड्रेन पर काम शुरू हो गया तो जेसीबी मशीन ने आगे बढ़ने के लिए कच्ची दीवारों को तोड़ दिया। इस पर प्रदर्शन कर रहे लोगों का बुल्लड़ पहलवान ने नेतृत्व किया व तोड़फोड़ कार्रवाई का विरोध किया, जिसके चलते कार्रवाई बीच में ही रोक दी गई। बुल्लड़ पहलवान ने भेदभाव पूर्ण कार्रवाई न करने की मांग की और लोगों के तोड़े गए मकान का उचित मुआवजा देेने की मांग की है।

लोगों ने भेदभाव का लगाया आरोप

कबीर बस्ती निवासी दर्शना, पुष्पा, दुलारी, पूनम, सुमन, ओमी, सरोज, रेखा, अनिता, उर्मिला, रानी, कपरी, बिमला, सुनीता, राजकुमारी आदि ने बताया कि दुर्गा मंदिर वाली पुलिया से सांखौल गांव की ओर तो ड्रेन की पटरी के अंदर की साइड मिट्टी भरत करके जेसीबी व पोपलेन का रास्ता बनाया गया, लेकिन कबीर बस्ती की ओर पटरी के अंदर मिट्टी डालकर रास्ता बनाने की बजाय कई पीढ़ियों से घर बनाकर रह रहे अनुसूचित जाति के लोगों के घरों को तोड़ दिया। बुल्लड़ पहलवान ने बताया कि सरकार द्वारा 80 फीट के अंदर सारा काम पूरा किए जाने का वादा किया गया था, लेकिन उनके मकान इससे बाहर होनेे के बाद भी तोडफ़ोड़ कर दी गई। उन्होंने कहा की जो भी मकान सरकारी पैमाइश 80 फीट के अंदर आएगा उसे ये गरीब लोग खुद हटाने को तैयार हैं तो उससे बाहर के मकानों को तोड़ना नाइंसाफी है।

देर शाम तक डटी रही नगर

परिषद की टीम

जेसीबी का काम रोक देने की खबर के बाद नगर परिषद देर शाम तक ड्रेन पर जमी रही व लोगों को शांत करती रही। नगर परिषद के ईओ अपूर्व चौधरी ने बताया कि लोगों को किसी ने बहका दिया था। इसी कारण अब लोगो को नगर परिषद अधिकारियों को फोन नंबर दिए गए हैं कि यदि अब कोई भी डायरी वाला व्यक्ति धमकाने अाता है तो वे फोन पर इसकी सूचना देंे। जिससे मौके पर ही उसे काबू किया जा सके। वहीं 80 फीट से अधिक आने वाले भवनों को तोड़ा नहीं जाएगा।

लोगों ने स्वयं अपने कब्जे

खाली करने शुरू किए

जैसे-जैसे ड्रेन पर सड़क बनने के लिए काम शहर की तरफ आता जा रहा है वैसे-वैसे लोग खुद भी अपने 80 फीट तक के क्षेत्र में हो रहे कब्जों को खाली करने का भी सिलसिला शुरू कर दिया है। विवाद के बाद पहुंचे नगर पार्षद युवराज ने बताया कि विवेकानंद नगर में तो पहले से ही लोगों ने अपने कब्जे खाली करवा लिए हैं। यहां भी लोग सड़क बनाने से खुश हैं व अपनी दीवारों को तोड़कर पीछे बनाने का काम कर रहे हैं।

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