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ट्रकों का नया रास्ता बनेगा नाहरा-नाहरी रोड

बहादुरगढ़ से होते हुए यूपी के शहरों को जोड़ने वाला 135 किलोमीटर लंबा इस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे इस महीने के अंत व...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 09, 2018, 02:10 AM IST

बहादुरगढ़ से होते हुए यूपी के शहरों को जोड़ने वाला 135 किलोमीटर लंबा इस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे इस महीने के अंत व मई के पहले सप्ताह तक चालू हो जाएगा। बहादुरगढ़ की तरफ से दिल्ली होते हुए यूपी जाने का एक मात्र मार्ग हाईवे हैं। इस कारण बहादुरगढ़ से दिल्ली होते हुए यूपी के बार्डर तक के क्षेत्र को जाममुक्त करने की योजना के तहत इस मार्ग को बनाने में सरकार का पूरा ध्यान है। इसके शुरू होने के साथ ही बहादुरगढ़ से राई 37 किलोमीटर दूरी पर स्थिति इस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस तक पहुंचना होगा वहां से वह सीधे बिना किसी रुकावट के यूपी में पहुंच सकेंगे। इस कारण एक दिन में दो हजार से अधिक ट्रकों को बहादुरगढ़ के नाहरा नाहरी रोड की तरफ से राई तक पहुंचना होगा। अभी तक नाहरा नाहरी नाहरी रोड पर नाम मात्र का भीड़ रहती है पर अगले माह से इस मार्ग पर दिन रात ट्रकों की कतार लगनी शुरू हो जाएगी। फिलहाल यह मार्ग दो लेन का है जहां दुर्घटना का सबसे अधिक खतरा बना रहता है। अब यहां हजारों की संख्या में ट्रकों को निकाला जाएगा तो नौ माह तक इस सड़क की हालत खराब हो जाएगी। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस के शुरू होने के साथ-साथ यहां से वाहन निकलेंगे व बहादुरगढ़ क्षेत्र के हिस्से में आए केएमपी को शुरू करने का समय फरवरी 2019 का है। इस कारण हजारों ट्रकों को नौ माह तक इस मार्ग का इस्तेमाल करना होगा।

बहादुरगढ़. शहर में खड़े ट्रक।

ऐसी हालत में नाहरा नाहरी और अन्य मार्ग जहां से वाहन राई की तरफ जाएंगे वहां यातायात पुलिस कर्मचारियों को तैनात कर दिया जाएगा, जिससे वहां यातायात जाम जैसी कोई अव्यवस्था पैदा नहीं हो। -अशोक कुमार, थाना प्रभारी यातायात

एक्सप्रेस वे बनने से मिलेगी राहत

कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे करीब 135.65 किलोमीटर लंबा है। इस परियोजना को वर्ष 2003 में मंजूरी मिली थी और 2007 में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था, लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार के कार्यकाल में मिट्टी भरने का कार्य करने के बाद निर्माण कार्य बंद हो गया था। यह कार्य करीब तीन साल ही चला। भाजपा सरकार आने पर काम ने तेजी पकड़ी है। निर्माण पूरा होने के बाद इस पर वाहन नॉन स्टॉप चलेंगे। यह एक्सप्रेस-वे खासतौर पर सोनीपत, सोहना, बहादुरगढ़, पलवल, झज्जर और नूहं से गुजरता है। इस सुविधा के शुरू होने से दिल्ली में वाहनों की भीड़ कम हो जाएगी। वहीं, हरियाणा में ग्रामीण स्तर के वाहन चालकों को भी लाभ होगा। पलवल से कुंडली तक आवागम सुरक्षित और छोटा हो जाएगा। सोनीपत, जीटी रोड से पलवल, उत्तर प्रदेश और पलवल, यूपी से सोनीपत, जीटी रोड पर जाना आसान हो जाएगा।

120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से

वाहन चलाने की होगी अनुमति

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस के उद्घाटन की तारीख 15 अप्रैल तय की गई थी, लेकिन फिलहाल इस पर काम चल रहा है। ऐसे में इसे महीने के आखिर तक के लिए टाल दिया गया है। यह देश का सबसे तेज एक्सप्रेस वे होगा। इसकी वजह यह है कि इस पर 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से वाहन चलाने की अनुमति होगी, जबकि यमुना एक्सप्रेस वे पर यह सीमा 100 किमी प्रतिघंटा है। यह पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है, जिसे केंद्र सरकार की ओर से तैयार किया गया है। यह भविष्य में बनने वाले एक्सप्रेसवेज के लिए स्टैंडर्ड होगा।

अभी काम होना बाकी

छह लेन के इस एक्सप्रेस-वे के बीच आने वाली चार रेलवे लाइनों पर रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इनके लिए रेलवे से जरूरी अनुमति ली जा चुकी है। केएमपी एनएच-8 को पंचगांव के निकट फजलीवास गांव में और एनएच 9 को बहादुरगढ़ के आसौदा मोड़ के पास क्रॉस करेगा। यह एक्सप्रेस वे बीओटी बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर बेस पर बनाया जा रहा है। पर वर्ष 2007 में परियोजना की शुरुआत में 2000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया था।

इस साल पूरा नहीं होगा कार्य

गत एक साल से सरकार ने कहा था कि यह एक्सप्रेस वे वर्ष 2018 में बनकर तैयार हो जाएगा। एचएसआईआईडीसी का कहना है कि निर्माण के लिए फरवरी 2019 तक का समय निर्धारित है। इसका खुलासा भी जनसूचना अधिकार से हुआ था। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम लिमिटेड के अनुसार यह कार्य इस साल पूरा नहीं होगा।

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