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चार सरकारी जॉब में हो गया था सेलेक्शन, आईएएस बनने को ज्वाइन नहीं की

सेक्टर-6 निवासी सुधीर कुमार ने सिविल सर्विस परीक्षा में 42वीं रैंक हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है। परिणाम के...

Dainik Bhaskar

Apr 29, 2018, 02:10 AM IST
चार सरकारी जॉब में हो गया था सेलेक्शन, आईएएस बनने को ज्वाइन नहीं की
सेक्टर-6 निवासी सुधीर कुमार ने सिविल सर्विस परीक्षा में 42वीं रैंक हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है। परिणाम के बाद से ही सुधीर के घर बधाई देने वालों का तांता लगा है। शुरू से ही सिविल सर्विस का सपना संजोए सुधीर ने अपना लक्ष्य पाने के लिए चार सरकारी जॉब भी ज्वाइन नहीं की। मूल रूप से सोनीपत के रिढाऊ निवासी जसमेर सिंह गहलावत के छोटे बेटे सुधीर की इस उपलब्धि पर पूरा परिवार फूला नहीं समा रहा है। जसमेर सिंह दिल्ली पुलिस में एएसआई हैं और कमला मार्केट एरिया क्राइम ब्रांच में तैनात हैं। परिवार में सुधीर से बड़े उसके भाई शेखर बीटेक करने के बाद कोचिंग ले रहे हंै। सबसे बड़ी बहन नितिका फिलहाल पीडीएम डेंटल कॉलेज में डॉक्टर हैं। सभी सदस्य सुधीर की कामयाबी पर गौरवान्वित हैं।

शुक्रवार शाम परिणाम घोषित होने के बाद उसमें सुधीर की 42वीं रैंक का पता चलने के बाद परिवार में बधाई का सिलसिला शुरू हो गया। शनिवार को भी सुबह से शाम तक रिश्तेदार और परिचित घर पहुंचते रहे। इस बीच सुधीर अपनी खुशी बांटने के लिए दिल्ली में दोस्तों के पास पहुंच गए।

सैनिक स्कूल में पढ़े

शुरुआत में बहादुरगढ़ आने के बाद सुधीर का परिवार कुछ समय तक लाइनपार क्षेत्र में रहा। उन्होंने सरस्वती शिक्षा मंदिर से शिक्षा शुरू की थी। चौथी कक्षा के बाद सुधीर का दाखिला सैनिक स्कूल में हुआ। यहां सातवीं तक पढ़ाई की। इसके बाद बाल भारती स्कूल में 12वीं तक पढ़ने के बाद सुधीर ने दिल्ली के करोड़ीमल कॉलेज से बीएससी की। इसके बाद से ही लगातार सुधीर ने अपना ध्यान सिविल सर्विस की तैयारी पर केंद्रित रखा। हालांकि पहले प्रयास में सुधीर को कामयाबी नहीं मिल पाई। इंटरव्यू में असफल रहने के बाद सुधीर ने हार न मानी और कोशिश जारी रखी। अब दूसरे प्रयास में सुधीर ने और बेहतर परिणाम के साथ अपने इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। सुधीर ने अपनी इस सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को दिया।

8 से 10 घंटे करता

था पढ़ाई

सुधीर की बहन डॉ. नितिका ने बताया कि सुधीर 8 से 10 घंटे रोजाना पढ़ाई करता था। पढ़ाई के अलावा ज्यादातर वक्त भी घर पर ही रहता था। हमें खुशी है कि सुधीर का जो सपना था वह पूरा हो गया। सुधीर की दादी होशियारी देवी, माता सुनीता, पिता जसमेर सिंह, चाचा आनंद कुमार, चाची स्नेहलता के अलावा चचेरे भाई हर्ष, बहन वैशाली के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों ने सुधीर की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है।

आर्य नगर की नीतू कादियान ने यूपीएससी में पाया 254वां रैंक

आर्य नगर की नीतू कादियान ने यूपीएससी में पाया 254वां रैंक

भास्कर न्यूज | झज्जर

हाल ही में आयोजित यूपीएससी की परीक्षा में झज्जर की आर्य नगर की रहने वाली नीतू कादियान ने 254वां रैंक हासिल किया है। उनको आईपीएस कैडर मिला है। इनके पिता संपूर्ण कादियान ने बताया कि नीतू शुरू से ही पढ़ाई में होशियार रही है। वह दिल्ली हंसराज कालेज में टॉप रही। उसने नॉन मेडिकल से पढ़ाई की। बाद में दिल्ली में परीक्षा की तैयार की और सिविल सर्विस में अच्छा रैंक हासिल किया। उनका गांव में खेतीबाड़ी के साथ-साथ शहर में प्रॉपर्टी का भी काम है। वह 1990 में शहर आए थे। इससे पहले गांव दूबलधन माजरा में रहते थे। नीतू की माता गिरावड़ में एएनएम के पद पर तैनात हैं। कादियान ने बताया कि बेटी का सपना आईएएस का है। वह दोबारा भी तैयारी के बारे में सोच सकती है।

भास्कर न्यूज | झज्जर

हाल ही में आयोजित यूपीएससी की परीक्षा में झज्जर की आर्य नगर की रहने वाली नीतू कादियान ने 254वां रैंक हासिल किया है। उनको आईपीएस कैडर मिला है। इनके पिता संपूर्ण कादियान ने बताया कि नीतू शुरू से ही पढ़ाई में होशियार रही है। वह दिल्ली हंसराज कालेज में टॉप रही। उसने नॉन मेडिकल से पढ़ाई की। बाद में दिल्ली में परीक्षा की तैयार की और सिविल सर्विस में अच्छा रैंक हासिल किया। उनका गांव में खेतीबाड़ी के साथ-साथ शहर में प्रॉपर्टी का भी काम है। वह 1990 में शहर आए थे। इससे पहले गांव दूबलधन माजरा में रहते थे। नीतू की माता गिरावड़ में एएनएम के पद पर तैनात हैं। कादियान ने बताया कि बेटी का सपना आईएएस का है। वह दोबारा भी तैयारी के बारे में सोच सकती है।

नीतू कािदयान।

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