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दुष्कर्म पर सख्ती का जिम्मा संसद पर छोड़ा था, कुछ नहीं हुआ: चीफ जस्टिस

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:05 AM IST

दिल्ली में आठ माह की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने इसे बेहद गंभीर घटना माना है।...
दिल्ली में आठ माह की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने इसे बेहद गंभीर घटना माना है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा, ‘बच्चियों से दुष्कर्म पर सुप्रीम कोर्ट पहले भी चिंता जता चुका है। बच्चियों से होने वाले बर्बर और अमानवीय यौन शोषण के खिलाफ सख्त कानून बनाने का काम हमने संसद पर छोड़ा था। अब तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे में आज फिर हमें वही बात दोहरानी पड़ रही है।’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एम्स के दो डाॅक्टर अस्पताल जाकर पीड़ित बच्ची की जांच करें। उनके साथ विशेष एम्बुलेंस भी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे तुरंत एम्स में शिफ्ट किया जा सके। दिल्ली लीगल सर्विस अथॉरिटी का सदस्य भी डॉक्टरों के साथ रहेगा। वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने बुधवार सुबह चीफ जस्टिस के समक्ष इस केस का उल्लेख किया था। चीफ जस्टिस ने इस पर सुनवाई का निर्णय लेते हुए एडिशनल सॉलीसिटर जनरल को 2 बजे मौजूद रहने को कहा। एएसजी पीएस नरसिम्हन, तुषार मेहता और पिंकी आनंद तय समय पर कोर्ट पहुंच गए। सुनवाई के दौरान अलख आलोक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में आदेश दिया था कि 10 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म के दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए। अब तक कुछ नहीं हुआ। कोर्ट निर्देश दे कि 12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म का ट्रायल छह महीने में पूरा कर दोषियों को मौत की सजा दी जाए।

पीड़ित बच्ची की जांच के लिए एम्स के दो डॉक्टर अस्पताल में भेजे, जांच रिपोर्ट के आधार पर आज फिर होगी सुनवाई

बच्चे सभ्यता का अमूल्य उपहार, इन्हें कुंठाओं की भेंट नहीं चढ़ने दे सकते

बच्चे मानव सभ्यता का अमूल्य उपहार हैं। इन्हें किसी की कुंठाओं की भेंट नहीं चढ़ने दे सकते। बच्ची के साथ हुए घिनौने अपराध की मानसिक पीड़ा लंबे समय तक रहती है। बच्चों के प्रति अपराध रोकना जरूरी है। यह कठोर दंड के प्रावधानों से ही संभव है। संसद ऐसे अपराधों में कठोर दंड तय करे। - चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच

इधर, कुरुक्षेत्र में 5 साल की बच्ची से पड़ोसी ने किया दुष्कर्म का प्रयास

शाहाबाद (कुरुक्षेत्र) | रविदास जयंती पर निकल रही झांकी देखने निकली साढ़े पांच साल की बच्ची से उसके ही पड़ोस के युवक ने दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची के रोने व लोगों को आता देख आरोपी भाग निकला। बच्ची ने परिजनों को घटना के बारे में बताया। परिजनों की शिकायत पर बुधवार को पुलिस ने आरोपी युवक सोनू (21) पर पॉस्को एक्ट की धारा 6 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। वहीं, बच्ची का मेडिकल कराया गया। बच्ची की मां ने बताया कि उनकी बेटी मंगलवार शाम 6 बजे रविदास जयंती के उपलक्ष्य में निकल रही झांकी देखने गई थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला 21 वर्षीय सोनू उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। जब बच्ची वापस नहीं लौटी तो परिवारवालों ने तलाश शुरू की। करीब 8:30 बजे वह सोनू के पास मिली। वह रो रही थी। इसकी सूचना पुलिस को दी। सोनू पटियाला में संगरूर रोड पर एक शोरूम में नौकरी करता है। वह रविदास जयंती के उपलक्ष्य में दो दिन पहले गांव आया था। वहीं, सोनू ने पुलिस पूछताछ में बताया किया है कि वह बच्ची को राजकीय स्कूल के साथ लगते ट्यूबवेल के कमरे में ले गया था। जहां उसके साथ गलत हरकत की। बच्ची रोने लगी तो वह डर गया। एसएचओ रमेश जागलान के मुताबिक पुलिस ने प्राथमिक जांच में पाया कि सोनू ने बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया।

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Web Title: दुष्कर्म पर सख्ती का जिम्मा संसद पर छोड़ा था, कुछ नहीं हुआ: चीफ जस्टिस
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