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आध्यात्मिकता से समाज को मिलती है नई दिशा: देवव्रत

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि आध्यात्मिक व सामाजिक चेतना से समाज को एक नई दिशा मिलती है और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 15, 2018, 04:10 AM IST

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि आध्यात्मिक व सामाजिक चेतना से समाज को एक नई दिशा मिलती है और युवा वर्ग को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा मिलती है। आचार्य देवव्रत आज बतौर मुख्य अतिथि उपमंडल नारनौंद के गांव कोथकलां में दादा काला पीर डेरे में एक धार्मिक आयोजन को सं‍बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि युवा वर्ग के सकारात्मक दृष्टिकोण से ही सामाजिक कुरीतियों का स्वयं उन्मूलन हो जाएगा और एक आदर्श समाज की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि हमें अच्छे कर्म करने चाहिए ताकि समाज में चहुं ओर शांति व भाईचारे का माहौल बना रहे। उन्होंने कहा कि एक धार्मिक व्यक्ति ही अच्छे और बुरे की पहचान कर सकता है। यह स्पष्ट है कि बुरा कर्म वो होता है जिससे समाज के अन्य व्यक्ति को असहनीय पीड़ा होती हो और अच्छा कर्म वो होता है जिससे किसी व्यक्ति के दु:ख कम होते हों और सुख का एहसास हो। इसलिए लोगों को शुभ कर्मों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिससे कर्म करने वाले को आत्म संतुष्टि तो मिलती ही है और समाज भी सुदृढ़ बनता है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए आयोजकों की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए बहुत जरूरी है। ऐसे आयोजन नियमित होने चाहिए क्योंकि इनसे सामाजिक ताना-बाना मजबूत रहता है और धार्मिक प्रवृति बलवती होती है।

राज्यपाल ने कहा कि सभी धार्मिक डेरों के साधु जनचेतना अभियान आरंभ करें। लोगों को विशेषकर युवकों को नशे की बुराइयों से अवगत कराएं और नशा न करने का संकल्प लें। समाज का युवा वर्ग अपार शक्ति का धनी होता है और समाज को सही दिशा देने में भी सक्षम होता है। यदि युवा वर्ग व्यसनों एवं बुराइयों से दूर रहेंगे तो वे समाज व राष्ट्र को सुदृढ़ करने में और मजबूती से अपनी भागीदारी कर सकेंगे। उन्होंने सभी धार्मिक डेरों के प्रबंधकों से आग्रह किया कि उनके अधीनस्थ कृषि भूमि में जैविक खेती करें और जैविक खाद का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि गौमूत्र और गोबर से जैविक खाद बनाया जा सकता है । उन्होंने कहा कि जैविक खाद के उपयोग से ही हम प्रोटीनयुक्त खाद्यान्नों का उत्पादन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पनप रही विभिन्न प्रकार की बीमारियों की जड़ अंधाधुंध यूरिया व कीटनाशक का उपयोग है। इसका विकल्प एक ही है कि जैविक खेती हो अपनाना। उन्होंने इस अवसर पर जैविक खाद बनाने की विधि की विस्तार से जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक कृषक परिवार से हैं और कृषि के बारीकियों को भलीभांति समझते हैं। उन्होंने किसानों का भी आहवान किया कि जैविक खेती हो तरजीह दें। ऐसा करने से उनकी आय में अपने आप वृद्वि होगी। उन्होंने कहा कि जैविक खेती से उत्पन्न होने वाले खाद्यान्न हमारे शरीर के लिए लाभकारी है।

राज्यपाल का गांव में पहुंचने पर डेरा प्रमुखों व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने फूल मालाओं से स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेन्द्र बरवाला, अतिरिक्त उपायुक्त एएस मान, उपमण्डलाधीश राजीव अहलावत, उप पुलिस अधीक्षक जोगेंद्र सिंह, तहसीलदार हवा सिंह भांभू श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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