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उपद्रवियों ने गांव बंद आंदोलन के नाम पर कहीं सब्जी के वाहने लूटे, कहीं दूधियों का दूध बिखेरा

राष्ट्रीय किसान महासंघ के गांव बंद प्रदर्शन को लेकर माहौल तनाव पूर्ण होन लगा है। इसको लेकर डीजीपी बीएस संधू ने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 03, 2018, 03:05 AM IST

उपद्रवियों ने गांव बंद आंदोलन के नाम पर कहीं सब्जी के वाहने लूटे, कहीं दूधियों का दूध बिखेरा
राष्ट्रीय किसान महासंघ के गांव बंद प्रदर्शन को लेकर माहौल तनाव पूर्ण होन लगा है। इसको लेकर डीजीपी बीएस संधू ने शनिवार को सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। उन्होंने आदेश जारी किए कि सभी पुलिस अधिकारी अपने-अपने इलाकों में अधिक से अधिक पुलिस बल तैनात करें। ताकि किसी भी स्थिति में आवश्यक वस्तुओं और सुविधाओं की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न न हो। यही नहीं यातायात में किसी तरह की बाधा भी नहीं आनी चाहिए। और सभी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग खुले रहें।

गांव बंद हड़ताल के तहत हो रहे दस दिवसीय किसान आंदोलन को लेकर अब सिरसा के गांवों के अलावा शहरी क्षेत्र में भी माहौल तनावपूर्ण होने लगा है। हालांकि पुलिस भी अलर्ट हो गई है और हरकत में आई है। वहीं आंदोलनकारी नेता स्वामीनाथन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने भी आंदोलन के दौरान घुसपैठ कर गए कुछ शरारती तत्वों की ओर से किए गए उत्पात की कड़ी निंदा की है अौर प्रशासन से भी मांग की है कि ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

जींद वीटा मिल्क प्लांट में सिर्फ 269 किलो दूध ही पहुंचा

जींद। ईक्कस गांव में सड़क पर बहाया जा रहा दूध व फैंकी जा रही सब्जी।

जींद | भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में कई गांवों के किसानों ने सुबह जींद-हांसी राजमार्ग पर ईक्कस गांव में बरवाला रोड चौक पर करीब 4 क्विंटल दूध सड़क पर बहा दिया। इसके अलावा कई किलो घीया व टमाटर भी सड़क पर फेंक किसानों ने रोष जताया। किसानों के इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही लेकिन उसके द्वारा किसानों को दूध बहाने और सब्जी फेंकने से नहीं रोका गया। भाकियू ने इसके बाद ईक्कस गांव में चौक पर ही 10 जून तक के लिए धरना भी शुरू कर दिया। गांव बंद व दुग्ध सहकारी समितियों की हड़ताल के पहले दिन शुक्रवार को प्लांट में सिर्फ 6800 किलो दूध पहुंचा। जबकि दूसरे दिन शनिवार को सिर्फ 269 किलो दूध ही प्लांट में पहुंच पाया।

कुरुक्षेत्र | शनिवार देर शाम भाकियू चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष कृष्णलाल माजरा के नेतृत्व में किसान टेंट लगाने की तैयारी में थे। थाना प्रभारी प्रतीक कुमार व यातायात प्रभारी देवेंद्र कुमार, सुभाष मंडी प्रभारी सेवा सिंह की ने गेट के नजदीक टेंट लगाने से भाकियू सदस्यों को रोका। इसे लेकर पुलिस से नोकझोंक भी हुई। इसके बाद किसान बिना टेंट लगाए मंडी के गेट के अंदर बैठ गए। मंडी गेट पर तैनात पुलिस खुद सब्जी की गाडिय़ों को अंदर तक छोड़ा। भाकियू प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा गांव बंद आंदोलन को सफल बनाने में किसानों ने खुद मोर्चाबंदी कर ली है। ताकि गांव से शहरों में सब्जी की सप्लाई न पहुंच सके। इसके अलावा किसान मंडियों में बैठ गए हैं। वहीं

कुरुक्षेत्र में पुलिस ने भाकियू सदस्यों को टेंट लगाने से रोका

फतेहाबाद में उपद्रवियों ने की मारपीट

किसान संगठनों के आह्वान पर शुरू हुए गांव बंद आंदोलन के दूसरे दिन शनिवार को भी उपद्रवी लोगों ने कई जगहों पर आतंक मचाते हुए लोगों से मारपीट की और उनका सामान छीनकर फेंक दिया। गांव ढांड में नहर के पास उपद्रवियों ने सब्जी से भरी गाड़ी को लूट लिया और चालक व एक अन्य व्यक्ति से मारपीट की। उपद्रवियों ने आंदोलन के नाम पर लूटी गई सब्जी को गांव में बांट दिया और कुछ को गोशाला में पशुओं के आगे डाल दिया।

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Web Title: उपद्रवियों ने गांव बंद आंदोलन के नाम पर कहीं सब्जी के वाहने लूटे, कहीं दूधियों का दूध बिखेरा
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