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तीन बार रोका हाईवे, पुलिस प्रशासन की फूली रहीं सांसें

खेदड़ के रहने वाले अमित और विक्रम की मौत की सूचना आने के बाद थर्मल के आसपास के गांव सरसौद, बिचपड़ी, जेवरा, खेदड़,...

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 03:10 AM IST
तीन बार रोका हाईवे, पुलिस प्रशासन की फूली रहीं सांसें
खेदड़ के रहने वाले अमित और विक्रम की मौत की सूचना आने के बाद थर्मल के आसपास के गांव सरसौद, बिचपड़ी, जेवरा, खेदड़, पाबड़ा इत्यादि के ग्रामीण थर्मल के नजदीक एकत्रित हो गए। दोपहर को दोनों के शवों को थर्मल गेट के सामने रख कर धरना लगा कर बैठ गए और अंतिम संस्कार तब तक ना किए जाने का ऐलान कर दिया जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी। प्रदर्शनकारियों ने इस बीच 15-15 मिनट के लिए तीन बार हिसार चंडीगढ़ नेशनल हाईवे को भी बाधित किया। तीनों बार ग्रामीण एक दूसरे को समझाने और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हाईवे से हट गए। हालांकि जब जाम लगाया गया तब यातायात व्यवस्था जरूर प्रभावित होती नजर आई।

एचपीजीसीएल ढाई-ढाई लाख रुपए देगा मुआवजा

पॉवर प्लांट के चीफ इंजीनियर विनोद सेठी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि एचपीजीसीएल की ओर से मृतकों के परिजनों को ढाई-ढाई लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हादसे में घायल हुए कर्मियों का उपचार संबंधित कंपनी करवा रही है। घायलों को मुआवजा राशि देने बारे उन्होंने कहा कि नियमानुसार घायलों को मुआवजा राशि दी जाएगी। सुरक्षा इंतजामों बारे उन्होंने कहा कि प्लांट में सभी तरह के नियमों का पालन किया जाता है। संबंधित अधिकारियों से परमिट लेकर ही काम किया जा रहा था। कंपनी के ब्लैक लिस्ट में होने बारे सेठी ने कहा कि इस बारे शिकायत आई थी लेकिन जांच करवाने पर ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था। कंपनी पूरे मापदंड पूरे कर रही थी ऐसे में उसे टेंडर दिया गया। 21 सदस्यीय संघर्ष समिति में खेदड़ गांव के जोगीराम खेदड़, कलीराम खेदड़, ताराचंद नैन, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पूनिया, इनेलो जिला प्रधान राजेंद्र लितानी, विधायक अनूप धानक, पूर्व जिला परिषद चेयरमैन बृजलाल बहबलपुर, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, ब्लॉक समिति चेयरमैन पवन खेदड़ , राजू सोनी, जिला पार्षद राजवीर खेदड़ धर्मवीर गोयत, राजेश संदलाना, आशा खेदड़ , संदीप सहारण आदि शामिल हैं। जोगीराम खेदड़ व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जब से थर्मल का निर्माण हुआ है तब से लगातार हादसे हो रहे हैं। हालात यह है कि अब तक 30 लोग जान गवां चुके हैं।

उधर, हादसे की जांच के लिए हरियाणा पॉवर जनरेशन कॉरपोरेशन ने 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें एचपीजीसीएल पंचकूला के चीफ इंजीनियर शरद भटनागर, पानीपत प्लांट के एसई मनोज अग्रवाल व यमुनानगर प्लांट के एक्सईएन जेपी धीमान शामिल हैं। एचपीजीएल के जनरल सेक्रटरी की ओर से इस बारे पत्र भी जारी कर दिया गया है।

देर रात तक थर्मल के बाहर डटे रहे ग्रामीण

हादसे में गांव के दो युवाओं की मौत के समाचार से खेदड़ के ग्रामीण काफी गुस्से में दिखाई दिए। प्रशासन और संघर्ष कमेटी की बातचीत सिरे नहीं चढ़ पाई। देर रात तक ग्रामीण मौके पर ही डटे हुए थे।

हिसार चंडीगढ़ हाईवे पर जाम लगाते ग्रामीण। गांव के ही दूसरे लोग प्रयास कर जाम खुलवाते रहे।

खेदड़ से काफी संख्या में महिलाएं भी थर्मल के बाहर डटी रहीं। उनमें भी हादसे पर रोष साफ झलक रहा था।

पुलिस व सीन ऑफ क्राइम ने जुटाए साक्ष्य

पुलिस ने थर्मल प्लांट में पहुंचकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस कर्मचारियों ने मौके से झुलसे कर्मियों की त्वचा के अंश भी उठाए। पुलिस ने बॉयलर के नजदीक से हेल्मेट, सेफ्टी बेल्ट आदि भी कब्जे में लिए। वहीं पुलिस की सीन ऑफ क्राइम की टीम ने भी महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच की।

सुरक्षा उपकरण से लैस कभी नहीं होते कर्मचारी

प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों व अधिकारियों ने बताया कि थर्मल प्लांट में जो कर्मचारी काम करते हैं उन्हें कभी पूरे सुरक्षा उपकरण से लैस नहीं देखा गया। इसी के अंतर्गत बॉयलर में जो लोग काम कर रहे थे उनके पास हेल्मेट व शूज़ ही थे। हालांकि इस दौरान उन्हें हेल्मेट, मास्क, कॉस्टयूम, ग्लब्स आदि उपकरणों से लैस होना चाहिए था।

अफसरों को सस्पेंड करने पर स्पष्ट जवाब नहीं

प्रशासन व संघर्ष समिति के बीच हुई करीबन 8 घंटों की वार्ता के बाद तकरीबन सभी मसलों पर सहमति नहीं बनी है। उपायुक्त सहित थर्मल के अधिकारियों ने भी मामले में आरोपित अधिकारियों को सस्पेंड करने बारे कोई स्पष्ट जवाब कमेटी सदस्यों को नहीं दिया। इससे कमेटी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। ऐसे में अब गुरुवार सुबह दोनों पक्षों में दोबारा बात होगी।

वार्तालाप के लिए पहुंचे परिवहन मंत्री

मंत्री कृष्ण पंंवार थर्मल हादसे के बारे में बातचीत करते हुए।

थर्मल में हुए हादसे के बाद हंगामे की सूचना मिलने के बाद बुधवार को प्रशासन की टीम ग्रामीणों और कर्मचारियों को समझाते नजर आई। खेदड़ थर्मल के अंदर बने रेस्ट हाउस में हिसार उपायुक्त अशोक मीणा, एसपी मनीषा चौधरी, एसडीएम पृथ्वी सिंह और न्याय के लिए बनाई गई 21 सदस्य संघर्ष समिति के बीच वार्तालाप का दौर चला। लेकिन देर रात तक बात सिरे नहीं चढ़ पाई। प्रशासन की तरफ से पीडि़त परिवारों को सहायता देने की बात भी कही गई है। साथ ही पीडि़तों के इलाज के खर्च का वहन भी सरकार की तरफ से करवाने व परिवार के सदस्य को डीसी रेट या एडहॉक पर नौकरी देने का प्रस्ताव रखा गया। मुआवजे की राशि और अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने पर समझौते में पेंच फंसा रहा। इस बीच देर शाम को सरकार की तरफ से ग्रामीणों से वार्तालाप करने के लिए हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार भी बरवाला के किसान रेस्ट हाउस पहुंच गए। यहां उन्होंने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं व अधिकारियों से मामले की जानकारी जुटाई। शव लेकर बैठे ग्रामीणों से डीसी व एसपी की समझौते की बात नजदीक नहीं पहुंचने के चलते मंत्री यहीं डटे रहे।

खेदड़ पावर प्लांट में हादसे की जिम्मेदार मैनेजमेंट, दोषियों पर हो कार्रवाई : संपत

हिसार | पूर्व मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रो. संपत सिंह ने कहा कि खेदड़ स्थित राजीव गांधी पॉवर प्लांट के बॉयलर के क्लिंकर फटने की घटना बहुत ही गंभीर और चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि यह घटना स्वभाविक न होकर पॉवर प्लांट चलाने वाले प्रबंधकों की लापरवाही की वजह से हुई है। खेदड़ पॉवर प्लांट आसपास के गांवों के विकास के लिए लगाया गया था न कि हादसों में नौजवानों की जान जोखिम में डालने के लिए। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को थर्मल पावर प्लांट में स्थायी रोजगार दिया जाए। घायलों का मुफ्त इलाज व उन्हें बसाने के लिए उचित व्यवस्था की जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।

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