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भूख से नंदीशाला में दो और गोवंश की मौत, नपा सचिव के खिलाफ पुलिस चौकी में कटी डीडीआर

यहां के बनभौरी मार्ग पर शहीद स्मारक के पिछली तरफ डेढ़ एकड़ एरिया में बीते दिनों बनाए गई नंदीशाला में भूख और प्यास...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 27, 2018, 03:10 AM IST

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    यहां के बनभौरी मार्ग पर शहीद स्मारक के पिछली तरफ डेढ़ एकड़ एरिया में बीते दिनों बनाए गई नंदीशाला में भूख और प्यास के चलते लगातार गोवंश दम तोड़ रहा है। शैड की व्यवस्था ना होने के चलते गर्मी के इस मौसम में पशुओं का धूप में झुलसने से बुरा हाल है। गुरुवार को यहां 2 पशुओं ने और दम तोड़ दिया। इससे पहले भी यहां पानी, चारे व अन्य बंदोबस्त नहीं होने के चलते पशु जान गंवा चुके हैं।

    नंदीशाला से गुरुवार को पशुओं को बाहर खदेड़ने के बाद अब यहां दो पशु अभी भी बेसुध हालत में हैं। मामले को लेकर क्षेत्रवासी राजेश श्योकंद, मुकेश गर्ग, प्रभात अरोड़ा, सुरेश पूनिया, अनिल गर्ग, विजय मोर्या, राहुल कक्कड़ आदि ने पशुओं की मौत के लिए नगर पालिका प्रशासन व नपा सचिव राजेंद्र सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। इस संबंध में बरवाला पुलिस चौकी में एक शिकायत देकर सचिव के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग भी की गई है। जांच अधिकारी फलेल सिंह के अनुसार पालिका सचिव के खिलाफ डीडीआर काट दी गई है, मामले की जांच जारी है। प्रदेश के गो रक्षा आयोग को भी शिकायत की गई है। मृत पशुओं का पोस्टमार्टम भी करवाया गया है। फिलहाल रिपोर्ट आनी बाकी है। नंदीशाला में चारे व पीने के पानी के अभाव के चलते लगातार हो रही पशुओं की मौतों के बाद गुरुवार को नगर पालिका प्रशासन के निर्देश पर यहां रह रहे करीबन 300 पशुओं को पालिका कर्मियों ने नंदीशाला से बाहर खदेड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डेढ़ एकड़ में पिछले दिनों 10 लाख रुपए की लागत से नंदीशाला तैयार की गई थी। लेकिन प्रशासन ना तो पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था कर पाया और ना ही चारे की। एडवोकेट राजेश श्योकंद ने प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले के बारे में जब उन्होंने आला अधिकारियों को शिकायत की तो नपा सचिव राजेंद्र सिंह और एसडीएम पृथ्वी सिंह नंदीशाला का दौरा करने आए। इस बीच पालिका सचिव ने नंदीशाला का गेट खुलवाकर वहां बंद पशुओं को भगा दिया।

    मृत पशुओं की जांच के लिए पहुंचे चिकित्सक।

    प्रशासन द्वारा नंदीशाला से निकाले जा रहे लावारिश पशु।

    एसडीएम बोले-व्यवस्था सही नहीं थी ऐसे में बाहर निकाले पशु

    मामले के संबंध में एसडीएम पृथ्वी सिंह ने बताया कि नंदीशाला पालिका प्रशासन द्वारा बनाई गई थी। इसमें शैड व अन्य व्यवस्था के लिए 10 लाख रुपयों की ग्रांट के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा गया था। राशि अभी जारी नहीं हुई है। नंदीशाला के पशुओं की देखभाल के लिए स्थानीय किसानों ने जिम्मेदारी ली थी। कर्मचारियों की सेलरी व अन्य लोगों से चंदे की व्यवस्था कर 1 लाख 40 हजार रुपए एकत्रित किए थे। लेकिन इतने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था इतनी छोटी राशि में नहीं हो सकती। एसडीएम पृथ्वी सिंह ने बताया कि नंदीशाला में पर्याप्त बंदोबस्त नहीं होने के चलते उन्होंने यहां रखे गए पशुओं को बाहर निकलवा दिया। शहर व क्षेत्र में एक हजार से अधिक लावारिश पशु और भी हैं। ऐसे में नंदीशाला में जो पशु रखे गए थे वे भी बाहर चारा आदि खा लेंगे इससे उनकी मौत तो नहीं होगी।

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