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नंदीशाला में भूख से 2 और गोवंश की मौत, नपा सचिव के खिलाफ पुलिस चौकी में कटी डीडीआर

हरियाणा सरकार ने भले ही बीते दिनों गोवंश को संरक्षण देने के लिए विशेष कानून बनाया हो, लेकिन बरवाला में प्रशासन की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 27, 2018, 04:05 AM IST

नंदीशाला में भूख से 2 और गोवंश की मौत, नपा सचिव के खिलाफ पुलिस चौकी में कटी डीडीआर
हरियाणा सरकार ने भले ही बीते दिनों गोवंश को संरक्षण देने के लिए विशेष कानून बनाया हो, लेकिन बरवाला में प्रशासन की लापरवाही के चलते हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। आलम यह है कि यहां के बनभौरी मार्ग पर शहीद स्मारक के पिछली तरफ डेढ़ एकड़ एरिया में बीते दिनों बनाए गई नंदीशाला में भूख और प्यास के चलते लगातार गोवंश दम तोड़ रहा है। शेड की व्यवस्था ना होने के चलते गर्मी के इस मौसम में पशुओं का धूप में झुलसने से बुरा हाल है।

गुरुवार को यहां 2 पशुओं ने और दम तोड़ दिया। इससे पहले भी यहां पानी, चारे व अन्य बंदोबस्त नहीं होने के चलते पशु जान गंवा चुके हैं। नंदीशाला से गुरुवार को पशुओं को बाहर खदेडऩे के बाद अब यहां दो पशु अभी भी बेसुध हालत में पड़े हैं। मामले को लेकर क्षेत्रवासी राजेश श्योकंद, मुकेश गर्ग, प्रभात अरोड़ा, सुरेश पूनिया, अनिल गर्ग, विजय मोर्या, राहुल कक्कड़ आदि ने पशुओं की मौत के लिए नगर पालिका प्रशासन व नपा सचिव राजेंद्र सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। इस संबंध में बरवाला पुलिस चौकी में एक शिकायत देकर सचिव के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग भी की गई है। जांच अधिकारी फलेल सिंह के अनुसार पालिका सचिव के खिलाफ डीडीआर काट दी गई है, मामले की जांच जारी है। प्रदेश के गो रक्षा आयोग को भी शिकायत की गई है। मृत पशुओं का पोस्टमार्टम भी करवाया गया है। फिलहाल रिपोर्ट आना बाकी है। मामले को लेकर क्षेत्रवासियों ने स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं नंदीशाला में चारे व पीने के पानी के अभाव के चलते लगातार हो रही पशुओं की मौतों के बाद गुरुवार को नगर पालिका प्रशासन के निर्देश पर यहां रह रहे करीबन 300 पशुओं को पालिका कर्मियों ने नंदीशाला से बाहर खदेड़ दिया।

प्रशासन द्वारा नंदीशाला से निकाले जा रहे लावारिस पशु।

न शेड-न चारा, गर्मी से बेहाल पशु

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डेढ़ एकड़ में पिछले दिनों 10 लाख रुपए की लागत से नंदीशाला तैयार की गई थी। लेकिन प्रशासन ना तो पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था कर पाया और ना ही चारे की। क्षेत्रवासी एडवोकेट राजेश श्योकंद ने प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले के बारे में जब उन्होंने आला अधिकारियों को शिकायत की तो नपा सचिव राजेंद्र सिंह और एसडीएम पृथ्वी सिंह नंदीशाला का दौरा करने आए। इस बीच पालिका सचिव ने नंदीशाला का गेट खुलवाकर वहां बंद पशुओं को भगा दिया।

एसडीएम बोले- व्यवस्था सही नहीं थी ऐसे में बाहर निकालने पड़े पशु

एसडीएम पृथ्वी सिंह ने बताया कि नंदीशाला पालिका प्रशासन द्वारा बनाई गई थी। लेकिन इसमें शेड व अन्य व्यवस्था के लिए एस्टीमेट बनाकर सरकार को भेजा गया था लेकिन राशि अभी तक जारी नहीं हुई है। एसडीएम ने कहा कि नंदीशाला में जितने पशु रखे गए थे उनकी देखभाल के लिए स्थानीय किसानों ने जिम्मेदारी ली थी। कर्मचारियों की सेलरी व अन्य लोगों से चंदे की व्यवस्था कर 1 लाख 40 हजार रुपए एकत्रित किए थे।

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