Hindi News »Haryana »Bawal» समर्थन मूल्य पर 45 सौ क्विंटल सरसों बिकी, इससे 5 गुना आढ़त पर बेचनी पड़ी और घाटे में रहे किसान

समर्थन मूल्य पर 45 सौ क्विंटल सरसों बिकी, इससे 5 गुना आढ़त पर बेचनी पड़ी और घाटे में रहे किसान

जिला की सबसे बड़ी नई अनाज मंडी में सरसों की ढेरियों से फड़ व रास्ते ब्लॉक होते जा रहे हैं। सरसों में नमी की मात्रा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 29, 2018, 02:15 AM IST

समर्थन मूल्य पर 45 सौ क्विंटल सरसों बिकी, इससे 5 गुना आढ़त पर बेचनी पड़ी और घाटे में रहे किसान
जिला की सबसे बड़ी नई अनाज मंडी में सरसों की ढेरियों से फड़ व रास्ते ब्लॉक होते जा रहे हैं। सरसों में नमी की मात्रा ज्यादा निकलने से किसानों द्वारा जगह-जगह सरसों सुखाई हुई हैं। सरकारी समर्थन मूल्य पर जहां 45 सौ क्विंटल सरसों बिकी है, वहीं इससे 5 गुना यानी 21 हजार क्विंटल सरसों किसानों को आढ़त के माध्यम से बेचनी पड़ गई। मंडी में सरसों के रेट 3500 से लेकर 3800 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। ऐसे में किसान लगभग 300 रुपए घाटे में रहे। अगर सरसों 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल बिकती तो उनको रु 63 लाख ज्यादा मिले होते। इधर, सरकारी केंद्र पर रोज 30 से ज्यादा किसान पहुंचते हैं, लेकिन उनमें आधे किसानों की ही सरसों मानकों पर खरी उतरती हैं। ऐसे में किसानों को सरसों बिक्री के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।

नमी की शर्त से परेशानी, हर दिन आधे किसान लौट रहे बैरंग : सरकारी खरीद के लिए 8 प्रतिशत नमी की शर्त किसानों के लिए सबसे बड़ी अड़चन बन रही है। क्योंकि अगर 8 फीसदी से आधा प्वाइंट भी ज्यादा नमी निकली तो खरीद मानक के अनुसार वह रिजेक्ट हो जाती है। ऐसे में किसान या तो सरसों को घर ले जाए अथवा मंडी में औने-पौने दाम पर ही बिक्री करें। सरकारी केंद्र बिठवाना में रोज 30 के आसपास किसान पहुंच रहे हैं, लेकिन इनमें से आधे किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।

सरसों बिजाई की ज्यादा, बिक रही केवल 25 क्विंटल : सरकारी केंद्र पर सरसों की बिक्री करने आए गांव हरचंदपुर के किसान धर्मचंद, हवासिंह व साहिल का कहना है कि सरसों की बिजाई कई एकड़ में की गई थी, लेकिन यहां केवल एक दिन में 6.6 क्विंटल और एक किसान केवल 25 क्विंटल तक ही सरसों की बिक्री कर सकता है। जबकि इस बार एक एकड़ में 25 से लेकर 30 मण का उत्पादन हो रहा है। ऐसे में किसानों को आधी सरसों सरकारी तो बाकी बची सरसों को व्यापारियों को ही औने-पौने दाम पर बिक्री करनी पड़ रही है। इससे उनको नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

रेवाड़ी. बावल रोड स्थित नई सब्जी मंडी में किसानों की सरसों की नमी चेक करते हैफेड अधिकारी।

एक गांव का आता है दो दिन में नंबर, रह जाती है सरसों

किसानों का कहना है कि शेड्यूल अनुसार एक गांव के किसानों के लिए सरसों बिक्री करने के दो दिन आते हैं। यहां उनके लिए दिक्कत ज्यादा हो जाती है, जिनकी सरसों में पहले दिन नमी ज्यादा निकल आती है। जिससे उनको दूसरे नंबर पर पहले वाली ही सरसों बिक्री करनी पड़ जाती है। अभी तीसरे नंबर के लिए कोई निर्देश भी नहीं है। इससे मंडी में किसानों को सरसों बिक्री के लिए मारा-मारी झेलनी पड़ रही है।

खरीद केंद्र पर लगाए इन्वर्टर बिजली की समस्या सुधरी

बिठवाना सब्जी मंडी में बनाए गए खरीद केंद्र पर बिजली की अल्टरनेट व्यवस्था न होने से किसानों को दोपहर के समय फार्म भरने के लिए दो-दो घंटे इंतजार करना पड़ रहा था। अब बिजली समस्या सुधार के लिए मार्केट कमेटी की ओर से वहां इन्वर्टर लगवा दिया गया है। पीने के लिए पानी के कैंपरों का इंतजाम किया हुआ है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bawal

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×