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साढ़े 6 लाख कर्जे की जमीन का किया इंतकाल

बावल तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव आनंदपुर निवासी एक व्यक्ति ने कर्ज की जमीन पर गलत तरीके से इंतकाल के आरोप लगाए...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 27, 2018, 03:05 AM IST

साढ़े 6 लाख कर्जे की जमीन का किया इंतकाल
बावल तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव आनंदपुर निवासी एक व्यक्ति ने कर्ज की जमीन पर गलत तरीके से इंतकाल के आरोप लगाए हैं। इसके लिए सीएम विंडो पर भी शिकायत भेजी गई है।

इसमें अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। दूसरी ओर तहसीलदार का कहना है कि इंतकाल के समय जमीन पर ऋण की बात अंकित की गई है। ऐसे में शिकायतकर्ता आगे एसडीएम को अपील करे तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कार्यप्रणाली पर सवाल

इंतकाल को लेकर लापरवाही, शिकायतकर्ता ने सीएम को भेजी शिकायत

2014 में तहसीलदार ने नकारा, अब इंतकाल मंजूर किया

गांव आनंदपुर निवासी उमराव ने अपनी शिकायत में कहा कि 25 अगस्त 2005 को उन्होंने एक व्यक्ति को 6.50 लाख रुपए दिए थे तथा उसकी दो किला जमीन गिरवी (आढरहण) रख रजिस्ट्री कराई थी। इसका इंतकाल सितंबर 2005 को किया गया। मामले में सीएम विंडो पर शिकायत भेजने वाले उमराव के बेटे राजबीर ने आरोप लगाए कि सितंबर 2013 में उनके इंतकाल को छिपाकर आठ साल पुराने इंतकाल पर गांव नांगलचौधरी के पते पर एक के नाम रजिस्ट्री करा दी गई। इसके बाद उमराव ने राजस्व विभाग व डीसी को 18 सितंबर 2013 को एप्लीकेशन लगाई की रजिस्ट्री गलत हुई है तथा जांच होनी चाहिए। 2014 में दूसरे पक्ष ने रजिस्ट्री का इंतकाल चढ़ाने के लिए एप्लीकेशन लगा दी, जिसे कर्जा की जमीन के चलते तत्कालीन तहसीलदार ने खारिज कर दिया। अब दोबारा एप्लीकेशन लगाकर अक्टूबर 2017 में वर्तमान तहसीलदार से मंजूर करा लिया गया तथा इंतकाल चढ़ा दिया। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए कि कर्जे की जमीन पर जब पहले तहसीलदार ने इंतकाल खारिज किया तो अब कैसे मंजूर हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए।

शिकायतकर्ता अपील कर सकता है : तहसीलदार

बावल तहसीलदार मनीष यादव का कहना है कि इंतकाल मंजूर करते समय अंकित किया गया है कि जमीन पर 6.50 लाख रुपए ऋण है। हम केवल बैंक लोन पर इंतकाल नहीं कर सकते, निजी लोन पर ऋण का जिक्र कर ऐसा किया जा सकता है। ऐसे में 6.50 लाख रुपए ऋण की राशि डूबी नहीं है, बल्कि उसे मिलेगी। फिर भी शिकायतकर्ता को लगता है कि कहीं कोई खामी रही है तो वह एसडीएम के पास अपील करे। खामी मिलने पर इंतकाल रद्द भी कर सकते हैं।

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