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38 नमूने भेजे एनसीडी, 2 को खसरा, बाकियों में रूबेला, 2 42 244 बच्चों को लगेंगे टीके

जिला सचिवालय सभागार में स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें उपायुक्त पंकज ने कहा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 08, 2018, 03:05 AM IST

जिला सचिवालय सभागार में स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें उपायुक्त पंकज ने कहा कि खसरा व रूबेला की बीमारी से बचाव के लिए जिला के सभी 15 साल तक के बच्चों को एमआर अभियान के तहत वैक्सीन टीकाकरण किया जाए और इस अभियान में कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रहे।

डीसी ने बताया कि यह प्रोग्राम अप्रैल और मई माह में चलाया जाएगा। इसमें पहले दो सप्ताह तक सभी स्कूलों में एमआर वैक्सीन का टीकाकरण 15 साल तक के बच्चों या दसवीं कक्षा में पढ़ रहे बच्चों का स्कूल में ही टीकाकरण किया जाएगा। इसके बाद अगले दो सप्ताह तक सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ गांव में सत्र लगाकर सभी 15 साल तक के बच्चों को टीकाकरण होगा। डीसी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बारे में प्रचार-प्रसार करें तथा सभी स्कूलों में सुबह प्रार्थना के समय ही टीकाकरण के बारे में बताया जाए।

खसरा एक वायरल बीमारी : डीआईओ डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि खसरा एक वायरल बीमारी है। इसके कारण हर साल भारत में लगभग 49 हजार बच्चों की खसरे या उसके प्रभाव के कारण मौत हो जाती है। देश में इसके प्रभाव से हर घंटे में लगभग 15 मौत हो जाती है। खसरे का टीका अभी तक नौ माह व डेढ़ साल में लगाया जाता है। खसरा का टीका न लगवाने के कारण अंधापन, दिमागी बुखार, निमोनिया आदि बीमारियां हाेने की आशंका रहती है। रूबेला एक गम्भीर वायरल बीमारी है जिसकी वैक्सीन अभी तक नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल नहीं थी। अब एमआर अभियान के दौरान सभी बच्चों को एक बार एमआर वैक्सीन देने के बाद इसे नियमित टीकाकरण में शामिल कर लिया जाएगा।

रूबेला के कारण नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृतियां जैसे कि दिल की बीमारी, मोतियाबिंद, मानसिक विकास में कमी आदि बीमारियां हो जाती हैं। रूबेला का संक्रमण गर्भावस्था के दौरान पहले तीन महीनों में मां के गर्भ में पल रहे बच्चे को होने के ज्यादा कारण हैं।

दिल्ली भेजे जाते हैं इनके सैंपल

डाॅ. भंवर ने बताया कि अब तक रेवाड़ी जिले में खसरे के 38 केस के नमूने जांच के लिए राष्ट्रीय संक्रमण केंद्र (एनसीडी) दिल्ली में भेजे गए थे। इसमें से केवल दो में खसरे के लक्षण पाए गए, बाकी में रूबेला के लक्षण मिले। इस मौके पर एसडीएम कुशल कटारिया, बावल एसडीएम सुरेश, डीएसपी सुरेश हुड्डा, सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) से डॉ. बिन्दू व डॉ. दलीप, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश गौरया, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी चन्द्र प्रकाश, पीओ आईसीडीएस लता शर्मा व प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान डॉ. सूर्य कमल आदि मौजूद रहे।

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