Hindi News »Haryana »Bawal» भिवाड़ी वाहिनी के पहिये बेरोजगारों के इंतजार में अटके

भिवाड़ी वाहिनी के पहिये बेरोजगारों के इंतजार में अटके

अलवर वाहिनी की तर्ज पर उद्योग नगरी में भिवाड़ी वाहिनी चलाने की योजना को मूर्त रूप देने में शुरूआती दौर में ही...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 06, 2018, 03:05 AM IST

अलवर वाहिनी की तर्ज पर उद्योग नगरी में भिवाड़ी वाहिनी चलाने की योजना को मूर्त रूप देने में शुरूआती दौर में ही विभागों को पसीने आ रहे हैं।

योजना का दारोमदार जिन बेरोजगारों पर टिका है वो भिवाड़ी वाहिनी के लिए नए वाहन खरीदने में कतई रूचि नहीं दिखा रहे। बड़ा कारण यह बताया जा रहा है कि नए प्रदूषण रहित वाहन की खरीद कर फिर उसे रूट पर चलाना है। जबकि बेरोजगारों की चिंता यह है कि ऋण लेकर वे वाहन खरीदेंगे, लेकिन रूट पर सवारी नहीं मिली तो उन्हें आर्थिक नुकसान हो सकता है। दरअसल योजना में बेरोजगार युवाओं को उद्योग केन्द्र व बैंकों के माध्यम से प्रदूषण रहित सवारी वाहन टाटा मैजिक, इलेक्ट्रिक रिक्शा, सोलर रिक्शा आदि दिलाने का प्रस्ताव था। उद्योग केंद्र ने प्रचार प्रसार भी किया लेकिन युवा इसी चिंता से आगे नहीं आ रहे।

ब्याज में छूट के साथ दे रहे ऋण

उद्योग केन्द्र ने बेरोजगारों को ऋण के ब्याज दर में 8 प्रतिशत छूट देने की व्यवस्था भी रखी है। इसके लिए उन्हें भामाशाह रोजगार सृजन योजना में ई-रिक्शा, महेन्द्रा सुपरो, टाटा मैजिक से आवेदन का विकल्प लिया गया। जिसमें कोई भी बेरोजगार भामाशाह कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस होने पर योजना का लाभ ले सकता है।

इन 11 रूटों पर मजबूत होगी परिवहन व्यवस्था

परिवहन विभाग की ओर से जिन दस रूटों को चिन्हित किया गया है, उनमें वीरनवास से टपूकडा बस स्टैण्ड, टपूकडा से मेहंदीका, श्रीसीमेंट से भिवाड़ी मोड, तावडू मोड से चौपानकी थाना, धारूहेडा मोड से मोहनराम मंदिर, आकेडा से पथरेड़ी, भिवाड़ी मोड से जोडिया झिवाना, बूढी बावल से टपूकडा, टपूकडा से चौपानकी, भिवाड़ी मोड से बाया डीटीओ ऑफिस से मुंडाना मेव व टपूकडा से सैन्ट्रल मार्केट भिवाड़ी शामिल हैं।

असुविधा

11 रूटों पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू होनी है योजना, अब तक िसर्फ 4 आवेदन

यह है मामला

भिवाड़ी वाहिनी चलाने के लिए विभाग सितम्बर 2017 से तैयारी कर रहे हैं। जिला कलेक्टर के निर्देश पर 11 नए रूट परिवहन विभाग ने चिन्हित किए थे। उनका सर्वे कर मंजूर भी कर दिया गया। नए रूटों की मांग भिवाड़ी की जरूरतों के हिसाब से लंबे समय से की जा रही थी। यहां बड़ी संख्या में रहने वाले कामगारों को औद्योगिक इलाकों में आने-जाने के लिए वाहनों की समस्या से जूझना पड़ता है। कागजों में योजना लगभग तैयार है लेकिन बेरोजगार युवक इसमें बिल्कुल रूचि नहीं दिखा रहे।

युवा रुचि नहीं दिखा रहे

भिवाड़ी वाहिनी के लिए हमने काफी प्रचार प्रसार किया है लेकिन युवा इसमें रूचि नहीं दिखा रहे। इस योजना में जितने युवा लाभांवित होंगे, उतनी ही भिवाड़ी की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी। -एस सी मथुरिया, महाप्रंबधक, जिला उद्योग केन्द्र भिवाड़ी

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bawal

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×