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दौड़ने के लिए सेंडर ट्रैक बना दिया, क्रिकेट मैदान के लिए जगह नहीं, स्पर्धा कराने को ढूंढ़ना पड़ेगा ग्राउंड

दिल्ली रोड स्थित राव तुलाराम स्टेडियम, जहां क्रिकेट के लिए कोई मैदान नहीं है। अब से पहले यहां क्रिकेट के मैच होते...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 11, 2018, 03:05 AM IST

दौड़ने के लिए सेंडर ट्रैक बना दिया, क्रिकेट मैदान के लिए जगह नहीं, स्पर्धा कराने को ढूंढ़ना पड़ेगा ग्राउंड
दिल्ली रोड स्थित राव तुलाराम स्टेडियम, जहां क्रिकेट के लिए कोई मैदान नहीं है। अब से पहले यहां क्रिकेट के मैच होते थे, लेकिन एथलेटिक सेंडर ट्रैक बनने से मैदान के लिए जगह नहीं बची है। करीब एक माह पहले जिला को क्रिकेट का कोच भी मिल गया, मगर अब तक ये निर्धारित नहीं हो पाया है कि खिलाड़ियों को कोचिंग कहां दी जाएगी। खेल विभाग जगह ही तलाश कर रहा है, क्योंकि स्टेडियम में अभ्यास करना भी मुश्किल है। ऐसे में अब अगर कोई क्रिकेट स्पर्धा करानी पड़ जाए तो उसके लिए पहले विभाग को मैदान तलाश करना पड़ेगा, तब ही स्पर्धा करा सकते हैं।

कोच कहां कराएं अभ्यास, तलाश रहे मैदान : अब खेल विभाग के सामने ये स्थिति है कि क्रिकेट के खिलाड़ियों का अभ्यास कहां शुरू कराएं, इसके लिए मैदान की तलाश की जा रही है। कोच को भी प्रैक्टिस मैदान ढूंढ़ने के लिए कहा गया है।

एक दशक में नहीं हुई क्रिकेट की बड़ी स्पर्धा : जिले में क्रिकेट का क्रेज खूब है और गांवों में ग्राम पंचायत या क्लब की ओर से क्रिकेट स्पर्धाएं होती रहती हैं, लेकिन पिछले एक दशक की बात करें तो खेल विभाग जिला में कोई बड़ी स्पर्धा नहीं करा पाया है।

हर जिलों में अलग से क्रिकेट स्टेडियम, यहां भी उठी मांग : अगर क्रिकेट स्टेडियम की बात करें तो झज्जर, गुड़गांव व फरीदाबाद सहित कई जिलों में क्रिकेट के लिए अलग से मैदान है। ऐसे में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने यहां भी अलग से मैदान बनाने को आवाज उठाई है।

रेवाड़ी. राव तुलाराम स्टेडियम में बने सेंडर ट्रैक के कारण क्रिकेट के खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा मैदान।

रेवाड़ी. बावल रोड स्थित मैदान में खेलते खिलाड़ी। (फाइल फोटो)

जल्द शुरू होगी क्रिकेट की कोचिंग : डीएसओ

क्रिकेट का कोच मिल गया है और जल्द ही मैदान देखकर कोचिंग शुरू कराने का प्रयास रहेगा। वैसे हर जिलों में अलग से क्रिकेट स्टेडियम है और यहां भी स्टेडियम को लेकर प्रयास किए जाएंगे। -सुकन्या यादव, डीएसओ, रेवाड़ी।

पहले थी प्रैक्टिस पिच धीरे-धीरे हुई खराब

कुछ साल पहले तक इस स्टेडियम में क्रिकेट के खिलाड़ियों के लिए प्रैक्टिस पिच और जाल भी लगा था, लेकिन देखरेख के अभाव में वह जर्जर होती चली गई और अब उसका कोई नाम निशान ही नहीं है। दूसरे पहले दौड़ने के लिए कच्चा मैदान था, ऐसे में क्रिकेट की पिच भी बनी हुई थी और वहां मैच भी हो जाते थे। लेकिन अब सेंडर ट्रैक बनने से वह जमीन से कुछ फीट ऊंचा हो गया और ट्रैक के भीतर जगह भी कम हो गई है। ऐसे में यह क्रिकेट मैदान अब खत्म हो गया है।

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