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योग करने से दिव्य प्रकाश से आलौकिक हो उठता है मस्तिष्क

रेवाड़ी | हमारा परिवार सामाजिक संस्था की ओर से योग, ध्यान व साधना कार्यक्रम आओ धरती को स्वर्ग जैसा सुंदर बनाए बावल...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 03:05 AM IST
योग करने से दिव्य प्रकाश से आलौकिक हो उठता है मस्तिष्क
रेवाड़ी | हमारा परिवार सामाजिक संस्था की ओर से योग, ध्यान व साधना कार्यक्रम आओ धरती को स्वर्ग जैसा सुंदर बनाए बावल रोड स्थित एक रेजीडेंसी में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता समाजसेवी एमपी गोयल ने की।

गोयल ने कहा कि जब हम अभ्यास करते हैं तो हमारा मस्तिष्क दिव्य प्रकाश से आलौकिक हो उठता है। अपने सभी कठिन कार्य एकदम सरल लगने लगते हैं। नटराज संस्था के निर्देशक विनोद शर्मा ने ध्यान साधना के बारे में बताया। संयोजक दिनेश कपूर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर प्रो. अनिरुद्ध यादव, प्रो. एचआर आनंद, रवि अरनेजा, सरदार हरदीप सिंह, किशोरीलाल नंदवानी, पूर्णचंद पुन्हानी, बाबूलाल, परमानंद वसु, रूपचंद नारंग, लक्ष्मी नारायण, जगदीश यादव, दलीप गुलियानी, प्रो. सीएल सोनी, त्रिलोक चावला, योगेश चावला, होशियार सिंह, गजेंद्र सिंह यादव, भारत भूषण राजपाल, जगदीश पाहवा, सुनील, सुभाष अरोड़ा, सुदर्शन कुमार, ओपी कालड़ा, डाॅ. अमित अरोड़ा आदि उपस्थित रहे।

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