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दक्षिण हरियाणा में अरण्डी उत्पादों को बेचने के लिए मंडी बनाने की मांग

रेवाड़ी| क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल में बुधवार को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत अरण्डी मेले का आयोजन किया...

Danik Bhaskar | Mar 22, 2018, 03:10 AM IST
रेवाड़ी| क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल में बुधवार को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत अरण्डी मेले का आयोजन किया गया। भारतीय किसान मोर्चा के कोषाध्यक्ष रामपाल यादव की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में दक्षिण हरियाणा में अरण्डी की खेती को बढ़ावा देने के लिए मंडी बनाने की मांग रखी गई। यादव ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से अनेक किसान कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं। सभी को इसका लाभ लेना चाहिए। क्षेत्रीय निदेशक डॉ सत्यवीर यादव ने किसानों से अरण्डी की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। मेले के आयोजक एवं अरण्डी की खेती के परियोजना प्रभारी डॉ जोगिंद्र सिंह यादव ने बताया कि केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि यहां की मिट्टी में कम जोखिम, कम खर्चे से अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अरण्डी की औसत पैदावार 35-40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है। जिससे 2-2.5 लाख रुपए की कमाई होती है। उन्होंने बताया कि मेले में करीब 800 किसानों ने भाग लिया। मेले में डॉ बिक्रम यादव, डॉ किरणपाल यादव,डॉ बलबीर सिंह,डॉ नरेंद्र यादव, डॉ नरेश कौशिक, डॉ मुकेश कुमार, डॉ बीना जैन एवं अन्य कृषि वैज्ञानिक मौजूद रहे।