Hindi News »Haryana »Bawal» भू-जल में फ्लाेराइड की मात्रा बढ़ी, अस्पताल में पहुंच रहे प्रत्येक दूसरे बच्चे को दांतों का रोग

भू-जल में फ्लाेराइड की मात्रा बढ़ी, अस्पताल में पहुंच रहे प्रत्येक दूसरे बच्चे को दांतों का रोग

भू-जल में फ्लोराइड की मात्रा लगातार बढ़ रही है। यह चौंकाने वाली बात नागरिक अस्पताल में दांतों की बीमारी को लेकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 10, 2018, 03:15 AM IST

भू-जल में फ्लोराइड की मात्रा लगातार बढ़ रही है। यह चौंकाने वाली बात नागरिक अस्पताल में दांतों की बीमारी को लेकर दिखाने आ रहे बच्चों की जांच में सामने आई है। अस्पताल में रोज कम से कम 20 पीड़ित आ रहे हैं, इनमें आधे में फ्लोरोसिस बीमारी मिली है। यह समस्या भू-जल में फ्लाेराइड के कारण होती है। पानी में फ्लोराइड की मात्रा तय मानक से ज्यादा पहुंच गई है।

भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार पानी में इसकी सुरक्षित मात्रा 1.5 पर मिलियन तक सुरक्षित है। इधर, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों में जनवरी माह के दौरान जांच में बच्चों में सबसे ज्यादा दांतों की ही बीमारी निकली है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन पर गहरा असर पड़ता है।

जनवरी में 4453 बच्चों की जांच, 1453 रेफर

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में 18 साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। इसके अलावा आंंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों की जांच की जाती है। जनवरी में विभाग की मोबाइल हेल्थ टीम ने 4453 बच्चों की जांच की, जिनमें 1453 बच्चे रेफर किए गए। इनमें भी 470 बच्चों में दांतों की बीमारी मिली है। इधर, अस्पताल में दिखाने पहुंच रहे बच्चों मेें भी दांतों की बीमारी निकल रही है। इनमें बच्चों के दांतों में फ्लाेरोसिस नामक बीमारी ज्यादा मिल रही है।

जांच में ये बीमारियां भी निकली : इसके अलावा जांच में एनीमिया के 189, त्वचा के 173, आंखों की 219, बोलने में दिक्कत 107 सहित सामान्य बीमारियों जैसे जुकाम, खांसी 258 बच्चों में मिली हैं।

बावल में फ्लोराइड की मात्रा अधिक : जनस्वास्थ्य विभाग की लैब में जांच के दौरान आए सैंपलों के रिजल्ट में बावल क्षेत्र में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा मिली है। यह मानक 1.0 से लेकर 1.5 पीपीएम तक ठीक है। अगर इससे ऊपर जाती है तो वह पानी पीने की दृष्टि से सुरक्षित नहीं है। वैसे फ्लोराइड की मात्रा जिलेभर में अधिक है।

पानी में कुछ यूं बढ़ रही फ्लाेराइड

फ्लोराइड की अधिकता के कारण बच्चों में फ्लोरोसिस बीमारी लगातार बढ़ रही है। जमीन में फ्लोरीन युक्त चट्टानों की मात्रा अधिक होने के कारण व भूमिगत जल अधिक गहराई पर होने के कारण पानी में यह फ्लाेराइड की समस्या उत्पन्न हो रही है। एक्सपर्ट बताते हैं कि यहां अस्पताल में दोनों ही तरह के मरीज आ रहे हैं। सीरियस में दांतों की ऊपर की लेयर टूटने लगती है। बड़ों में यह ज्यादा मिलती है।

एक्सपर्ट की राय … दिन में दो बार करें ब्रश, लें पौष्टिक आहार

नागरिक अस्पताल में सीनियर डेंटल सर्जन डॉ. अजय केदार शर्मा बताते हैं कि बच्चों को ज्यादा मात्रा में दूध पिलाएं। दही, हरी सब्जी का सेवन, खट्टे फलों का सेवन तथा विटामिन-डी युक्त भोजन, केले व अन्य का सेवन करें। इनके इस्तेमाल से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसके अलावा दिन में दो बार ब्रश जरूर करना चाहिए।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bawal

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×