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आशा यूनियन का रोष प्रदर्शन, सीएचसी में सौंपा मांग पत्र, अब 15 को ज्ञापन देंगी

आशा कार्यकर्ता यूनियन संबंधित एआईयूटीयूसी के तत्वावधान में मंगलवार को बावल हलके की हुई। इस दौरान सीएचसी बावल के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 07, 2018, 04:15 AM IST

आशा यूनियन का रोष प्रदर्शन, सीएचसी में सौंपा मांग पत्र, अब 15 को ज्ञापन देंगी
आशा कार्यकर्ता यूनियन संबंधित एआईयूटीयूसी के तत्वावधान में मंगलवार को बावल हलके की हुई। इस दौरान सीएचसी बावल के वरिष्ठ मेडिकल अफसर के माध्यम से नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक के नाम ज्ञापन भी दिया गया। इसी कड़ी में आशा कार्यकर्ता यूनियन जिला प्रधान राजबाला के नेतृत्व में मीरपुर सीएचसी, गुरावड़ा में सचिव सुमन यादव के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। आशा ने बताया कि 15 फरवरी को रेवाड़ी में सुबह 11 बजे राव तुलाराम पार्क में एकत्रित होकर सिविल सर्जन को ज्ञापन दिया जाएगा।

इनकी मांग है कि मासिक मानदेय का नियमित रूप से भुगतान हो। उन्होंने कहा कि प्रसूति के लिए जच्चा के साथ अस्पताल जाना और डिलीवरी होने तक वहीं अस्पताल में रुकना अनिवार्य किया हुआ है। कई बार डिलीवरी होने में दो-तीन दिल लग जाते हैं, जबकि अस्पताल पहुंचने के बाद आशा की कोई भूमिका नहीं रहती। ऐसे में इस अनिवार्य की शर्त को हटाया जाए। यूनियन के सलाहकार कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि एकता के साथ अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करें। इस मौके पर राजेश, प्रियंका, बबीता, उर्मिला, राजबाला, सुमन देवी, अनिता, कविता, सुनीता, ललिता, ममता, माया, सुमन व अन्य मौजूद रहीं।



रेवाड़ी. एनएचएम निदेशक के नाम सीएचसी बावल में ज्ञापन देतीं आशा।

मांगपत्र में ये मांगें शामिल : वक्ताओं ने मांगपत्र में बताया कि उनकी मुख्य मांगों में 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुरूप आशा कार्यकर्ताओं को श्रमिक का दर्जा दिया जाए, मासिक न्यूनतम वेतन 18000 रुपए व 3000 रुपए महीना पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आशा स्कीम का किसी भी रूप में निजीकरण न करने सहित अन्य शामिल हैं।

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