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हिसार के शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र बावल को मिले कृषि विवि का दर्जा

बावल कस्बे में खुले हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र को कृषि विश्वविद्यालय का...

Dainik Bhaskar

May 04, 2018, 03:10 AM IST
हिसार के शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र बावल को मिले कृषि विवि का दर्जा
बावल कस्बे में खुले हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र को कृषि विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने की मांग उठने लगी है। इसे लेकर दक्षिण हरियाणा विकास लोक मंच की ओर से राज्य सरकार के कृषि विभाग चंडीगढ़ की प्रधान सचिव अभिलक्ष लिखी को पत्र भेजा गया है।

मंच के अध्यक्ष बाबू जगजीत सिंह व महासचिव प्रो. रणबीर सिंह यादव ने पत्र में बताया कि राज्य सरकार द्वारा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र बावल को कृषि विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाना है। इसके अलावा चौ. चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार का कार्य क्षेत्र तो केवल 21 प्रतिशत नहरी सिंचित क्षेत्र ही है, जबकि शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र बावल का कार्यक्षेत्र राज्य का 79 प्रतिशत शुष्क क्षेत्र है। बावल केंद्र वर्ष 1972 में स्थापित किया गया था और भारत सरकार की कृषि नीति के तहत देश में जो भी अनुसंधान केंद्र तथा कृषि रीजनल सेंटर वर्ष 1972 में बने थे उन सभी केंद्रों को पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा कई वर्ष पहले दिया जा चुका है। लेकिन बावल केंद्र को आज तक विश्वविद्यालय का दर्जा नहीं मिल पाया है।

तमिलनाडु में चल रहे 6 कृषि विश्वविद्यालय

उन्होंने बताया कि देश में कृषि के विकास पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी की जा सके। इसके अलावा तमिलनाडु में 6, राजस्थान में 5 और देश के सभी राज्यों में 2 से लेकर 6 तक कृषि विश्वविद्यालय कार्यरत है। हरियाणा ही देश में एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसमें केवल एक कृषि विश्वविद्यालय है। मंच ने जल्द कृषि अनुसंधान केंद्र को कृषि विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई है।

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