Hindi News »Haryana »Bawal» बावल कृषि महाविद्यालय में स्किल डेवलेपमेंट कोर्स चलेंगे और पीजी-पीएचडी की कक्षाएं लगेंगी

बावल कृषि महाविद्यालय में स्किल डेवलेपमेंट कोर्स चलेंगे और पीजी-पीएचडी की कक्षाएं लगेंगी

बावल शहर के कृषि महाविद्यालय में 100 सोलर लाइटें लगाई गईं। ये लाइटें तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम के सीएसआर फंड से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 15, 2018, 03:10 AM IST

बावल कृषि महाविद्यालय में स्किल डेवलेपमेंट कोर्स चलेंगे और पीजी-पीएचडी की कक्षाएं लगेंगी
बावल शहर के कृषि महाविद्यालय में 100 सोलर लाइटें लगाई गईं। ये लाइटें तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम के सीएसआर फंड से स्थापित की गई। इनको लगाने में 18 लाख रुपए की लागत आई है। गुरुवार को उद्घाटन करते हुए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारीलाल ने कहा कि राज्य के डेढ़ लाख किसानों को सोलर पंप भी दिए जाएंगे। सभी पीएचसी व आगनबाड़ी सेंटरों में अक्टूबर माह तक सोलर लाइटें लगवाई जाएंगी। साथ ही विभिन्न भवनों, स्कूलों एवं क्षेत्रों के प्रवर्ग के लिए सौर फोटोवोलटाइक विद्युत संयंत्र की स्थापना की जा रही है। मनोहर ज्योति (सोलर होम लाइटिंग सिस्टम) लीथियम बैट्री के साथ सोलर स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम, सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम, सोलर कुकर, सोलर वाटर हिटिंग सिस्टम विशेष अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

बावल कृषि कॉलेज में होगी पीजी व पीएचडी की कक्षाएं शुरू : डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि कृषि महाविद्यालय में दसवीं पास के लिए छह वर्षीय बीएससी एग्रीकल्चर ऑनर्स पाठ्यक्रम तथा 12वीं पास के लिए बीएससी एग्रीकल्चर का चार वर्षीय पाठ्यक्रम चलाया जा रहा है। इससे पहले कृषि महाविद्यालय न होने के कारण इस क्षेत्र के लोगों को बीएससी एग्रीकल्चर करने के लिए हिसार जाना पड़ता था। 80 करोड़ रुपए की लागत से महाविद्यालय का भवन, गर्ल्स व ब्वॉयज होस्टल सहित लगभग सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इस भवन का उद्घाटन निकट भविष्य में मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उप कुलपति केपी सिंह ने जनस्वास्थ्य मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की यह बहुत पुरानी मांग थी। डाॅ. सिंह ने कहा की बावल में स्किल डेवलेपमेंट के कोर्स शुरू किए जाएंगे, ताकि जरूरत के हिसाब से रोजगार मिल सके।

यहां पर पीजी व पीएचडी की कक्षाएं भी शुरू की जाएगी, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूर नहीं जाना पड़े। ओएनजीसी के जनरल मैनेजर एमएस टोक ने कहा की सीएसआर के तहत यह लाइटें लगाई गई हैं तथा यह उनकी एक छोटी पहल है। इस मौके पर निदेशक अनुसंधान केन्द्र एसके सहरावत, डीन ऑफ एग्रीकल्चर केएस ग्रेवाल, कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. नरेश वर्मा, बावल नगरपालिका के प्रधान अमर सिंह महलावत, चेतराम, पार्षद अजय पटौदा, सरपंच रणधीर, चीफ इंजीनियर भूपेन्द्र सिंह व पूर्व संयुक्त निदेशक एसके जोशी सहित कृषि महाविद्यालय के स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लगेंगे रूफ टॉप सोलर प्रोजेक्ट

रेवाड़ी. सोलर लाइटों का उद्घाटन करते मंत्री डॉ. बनवारी लाल।

मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। पहले चरण में एक किलोवाट से लेकर 28 किलोवाट क्षमता के 3222 राजकीय विद्यालयों में 235.50 करोड़ रुपए की लागत से रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट तैयार होंगे। बड़े स्तर के सरकारी भवनों पर 24 मेगावाट क्षमता के रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट 137 करोड़ रुपए की लागत से लगाए जाएंगे, जिससे वार्षिक 36 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा तथा इससे सरकारी विभागों में 21.60 करोड़ रुपए बचाया जा सकेगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bawal

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×