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एनएच-8 जेएलएन पुल अधूरा, न संकेतक न बेरिकेड्स, सर्विस रोड जाता है सीधा नहर में

कसौला चौक के नजदीक दिल्ली-जयपुर हाईवे के नीचे से गुजर रही जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) नहर में शुक्रवार रात को बाइक...

Dainik Bhaskar

Jun 17, 2018, 03:10 AM IST
एनएच-8 जेएलएन पुल अधूरा, न संकेतक न बेरिकेड्स, सर्विस रोड जाता है सीधा नहर में
कसौला चौक के नजदीक दिल्ली-जयपुर हाईवे के नीचे से गुजर रही जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) नहर में शुक्रवार रात को बाइक गिरने से 2 कंपनी कर्मचारियों की मौत हो गई। वजह ये रही कि सर्विस रोड सीधा नहर की तरफ जा रहा है, इसका अंदाजा बाइक सवार युवकों को नहीं था। अंधेरे में सामने से वाहनों की रोशनी के चलते भी शायद नहर नजर नहीं आई और बाइक सीधे नहर में जा गिरी।

हाईवे से गुजरते वाहनों के इस नहर में गिरने का यह पहला मामला नहीं है। नहर में वाहन गिरने से 4 साल के अंदर 4 लोगों की मौत हो चुकी है तथा 40 से ज्यादा घायल हो चुके हैं। मुख्य रोड पर पुल है, मगर सर्विस रोड पर पुल नहीं बना। लिहाजा जब सर्विस रोड एनएच-8 का हिस्सा है तो ऐसे में यह पुल अधूरा ही है। बावजूद वाहनों को निर्देशित और आगाह करने के लिए न ताे यहां संकेतक लगे हैं और न ही ढंग से बेरिकेड्स लगाए गए। पुल लंबे समय से प्रस्तावित है, अभी काम कागजों में ही चल रहा है। एनएचआई की यह लेटलतीफी व लापरवाही जान पर भारी पड़ रही है।




अब ये हादसा

सर्विस रोड से बाइक समेत नहर में गिरे दोनों युवक

जींद जिला के बिशनपुरा निवासी 32 वर्षीय कृष्ण और हिमाचल के जिला कांगड़ा के गांव मीरपुर निवासी 27 वर्षीय राहुल बावल क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी में काम करते थे तथा यहां के सेक्टर-2 स्थित एक पीजी में रह रहे थे। शुक्रवार देर रात को दोनों बाइक पर हाईवे स्थित एक हाेटल पर खाना खाने के लिए जा रहे थे। सर्विस रोड पर चलते समय अंधेरे के चलते कसौला चौक के निकट उन्हें नहर नजर नहीं आई और बाइक सीधे नहर में जा गिरी। हादसे में दोनों की मौत हो गई। राहुल अविवाहित था, जबकि कृष्ण के दो बेटियां हैं।

4 सालों में हो चुके ये 4 जानलेवा हादसे, जिम्मेदारों को फर्क नहीं

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बस गिरी महिला की मौत

वर्ष 2014 में सवारियों से भरी एक बस दिल्ली से जयपुर की ओर जा रही थी। आसलवास के निकट नहर में बस असंतुलित होकर गिर गई थी। उक्त दर्दनाक हादसे में भी दर्जनभर से अधिक लोग घायल हुए थे और एक महिला की तो मौत तक भी हो गई थी।

बस गिरने से 35 घायल

मई 2015 में देर रात एक सवारियों से भरी बस दिल्ली से राजस्थान जा रही थी। इसी दौरान अचानक बस नहर में गिर गई। इस हादसे में 35 लोग घायल हो गए थे। गनीमत यह रही कि किसी की जान नहीं गई। उस समय भी पुल बनाने का मामला उठा था।

एंबुलेंस गिरी चालक की मौत

21 मई 2017 की रात को झज्जर के गांव बिसान निवासी नरेश धारूहेड़ा के एक हॉस्पिटल की एंबुलेंस लेकर खाना-खाने के लिए बावल की तरफ आया था। जब वह सर्विस रोड से जा रहा था तो इसी जगह एंबुलेंस नहर में जा गिरी तथा हादसे में नरेश की मौत हो गई थी।

2014 के बाद से ज्यादा परेशानी: वर्ष 2014 में जब बस नहर में गिरी तो पुल को चौड़ा करने का मुद्दा उठना शुरू हो गया था। इसके बाद 2015 में भी एक बस नहर में गिरी। इस दौरान एनएचआईए द्वारा हाईवे पर पुल को बढ़ाया गया, लेकिन सर्विस रोड पर यह आज भी नहीं बन पाया है। अचानक ही सर्विस रोड खत्म हो जाने पर रात के समय चालक अनुमान नहीं लगा पाता और कई बार वाहन सीधे नहर में उतर जाते हैं।

बेरिकेड्स रखवाएंगे, पुल का काम जल्द


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