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अब रखे जाएंगे सारस, बनेंगे चारागाह, 4 करोड़ से बनाई जाएगी चारदीवारी

बावल रेंज स्थित 784 एकड़ में फैला रिजर्व फॉरेस्ट झाबुआ। यहां चिंकारा और मोर प्रजनन केंद्र स्थापित है। अब इस जंगल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 18, 2018, 03:10 AM IST

अब रखे जाएंगे सारस, बनेंगे चारागाह, 4 करोड़ से बनाई जाएगी चारदीवारी
बावल रेंज स्थित 784 एकड़ में फैला रिजर्व फॉरेस्ट झाबुआ। यहां चिंकारा और मोर प्रजनन केंद्र स्थापित है। अब इस जंगल क्षेत्र में सारस के जोड़े भी रखे जाएंगे। इसके लिए पिछले दिनों वाइल्ड लाइफ टीम ने सर्वे भी किया था। अगर जलवायु उनके लिहाज से ठीक रही तो निकट भविष्य में यहां सारस भी घूमते हुए दिखाई देंगे। इधर, नीलगाय व अन्य जानवरों के द्वारा आसपास के किसानों के खेतों में नुकसान पहुंचाने के चलते किसानों की ओर से वन मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर अब इस पूरे जंगल की चारदीवारी भी कराने की योजना है। इसके लिए वन विभाग की मुख्य वन संरक्षक ने दौरा भी किया है।

मंडे पॉजिटिव

मोर व चिंकारा रिजर्व फॉरेस्ट झाबुआ में चारदीवारी बनाने की स्वीकृति के लिए प्लान भेजा मुख्यालय

रेवाड़ी. मोर एवं चिंकारा रिजर्व फॉरेस्ट झाबुआ में सारस पक्षी का बनाया गया आशियाना।

सारस के जोड़े रखने के लिए फैंसिंग व सर्वे कराया

मोर प्रजनन केंद्र के साथ ही सारस के जोड़े रखने के लिए फैंसिंग कराने के साथ ही टीम यहां के मौसम को देखने के लिए सर्वे भी कर चुकी है। सारस को लेकर जलवायु कैसी है, इसकी रिपोर्ट आते ही आगामी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जलवायु अनुकूल मिलती है तो भविष्य में यहां सारस भी घूमते हुए नजर आएंगे।

गौरेया के लिए बनाई हट

लुप्त होती गौरैया (चिड़िया) की प्रजाति को बचाने के लिए यहां तीन विशेष प्रकार की झोपड़ी भी बनाई गई हैं। इस झोपड़ी में चिड़िया अपने घोसले बनाती हैं। इसमें पानी की व्यवस्था भी की गई है। ऐसी हट ना हड़ के जंगल में भी बनाने की तैयारी है।

फसलों को न पहुंचे नुकसान, ग्रामीणों ने उठाई चारदीवारी की मांग :जंगल क्षेत्र में विचरण करने वाले जानवर जैसे नील गाय व अन्य से आसपास लगते खेतों में भी नुकसान हो रहा था, इसे लेकर ग्रामीणों ने इसकी चारदीवारी कराने की मांग को लेकर वन मंत्री को मांग पत्र सौंपा था। उसके बाद अब चारदीवारी कराने को लेकर सर्वे हो चुका है। एस्टीमेट तैयार कर जल्द ही मुख्यालय भेज दिया जाएगा। उसके बाद स्वीकृति आते ही काम शुरू हो जाएगा। अनुमानित बजट करीब 4 करोड़ बनाया गया है। यहां जानवरों के लिए अतिरिक्त चारागाह बनाने के साथ ही सबमर्सिबल बोर भी लगाया जाएगा। ताकि जानवरों के लिए पीने के पानी का बेहतर इंतजाम हो सके।

चारदीवारी को लेकर प्रक्रिया जारी : इंस्पेक्टर

जंगल क्षेत्र की चारदीवारी को लेकर प्रक्रिया चल रही है। विभाग के उच्च अधिकारी भी दौरा कर चुके हैं। एस्टीमेट बनाया जा रहा है और जल्द उसे मुख्यालय भिजवा दिया जाएगा। -सुरजीत सिंह यादव, निरीक्षक, वन्य प्राणी विहार झाबुआ।

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