बावल

  • Home
  • Haryana News
  • Bawal
  • शुद्ध पानी के लिए सरकारी स्कूल को भेंट किया आरओ सिस्टम
--Advertisement--

शुद्ध पानी के लिए सरकारी स्कूल को भेंट किया आरओ सिस्टम

रेवाड़ी | जौनियावास स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में मंगलवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें...

Danik Bhaskar

Jul 11, 2018, 03:10 AM IST
रेवाड़ी | जौनियावास स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में मंगलवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियाें के पीने का पानी के लिए एक कंपनी द्वारा वाटर फिल्टर आरओ सिस्टम लगाया गया। कंपनी के जीएम दीपक सुध ने कहा कि उमस गर्मी भरी गर्मी विद्यार्थियों को ठंडे पानी के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को वार्षिक डायरी देकर सम्मानित किया गया। स्कूल इंचार्ज मनीराम ने कंपनी से आए सभी पदाधिकारियों का अाभार प्रकट किया। इस मौके पर एचआर डायरेक्टर संकल्प शाकुंत, सौरभ, राजपाल, रविराज, मनोज कुमार, ललिता, पवन कुमार, राजेन्द्र सिंह, जोगेन्द्र सिंह व कुसुमलता आदि मौजूद रहे।

ओपन कराटे प्रतियोगिता में पदक विजेता को किया सम्मानित

रेवाड़ी | अंसल सोसाइटी स्थित अनेजा किड्डोज स्कूल में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। प्राचार्य ने बताया कि दिल्ली स्थित ताल कटोरा स्टेडियम में आयोजित ओपन कराटे प्रतियोगिता में कक्षा तीसरी के याशीन यादव ने स्वर्ण पदक व कक्षा सातवीं की तनिष्का ने रजत पदक जीतने पर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए उपलब्धि प्राप्त की है।

400 मीटर दौड़ में कर्ण यादव ने पाया अव्वल स्थान

रेवाड़ी | पीथड़ावास स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य राकेश शर्मा ने कहा कि खेल विकास संगठन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर पर चयन के लिए कबड्डी व दौड़ प्रतियोगिता में स्कूल के विद्यार्थियों का चयन होने पर सम्मानित किया गया। अंडर-17 कबड्डी प्रतियोगिता में आदित्य, दीपक, हितेश, कृष्ण कुमार, योगेश ने प्रथम स्थान व अंडर-19 आयु वर्ग में नितिन यादव, सुखबीर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 400 मीटर दाैड़ में कर्ण यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। टीम प्रभारी रविन्द्र कुमार ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। मौलिक मुख्याध्यापक कृष्ण कुमार, निरंजन लाल, नाहर सिंह, अशोक कुमार, विक्रम शास्त्री, सुषमा कुमारी, पूजा यादव, रेखा, बबीता यादव, नीतू यादव, रितु रानी, अंजू यादव, मंजू शर्मा, कल्पना यादव, निर्मला, लक्ष्मीबाई व पूनम आदि मौजूद रहे।

विद्यार्थियों को पौधे देकर पर्यावरण सरंक्षण के प्रति किया जागरूक

रेवाड़ी | बोलनी स्थित एसडीएस स्कूल में एलुमनी मीट का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व विद्यार्थियों ने जूनियर विद्यार्थियाें ने एक-दूसरे के साथ अपने अनुभव पर विचार विमर्श कर चर्चा की गई। विद्यार्थी हेमंत ने कहा कि चरित्र व विश्लेषण को अपने जीवन का आधार मानकर सफलता प्राप्त की है। प्राचार्या मधु यादव ने कहा कि आज के समय में प्रदूषण बहुत अधिक हो रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसलिए हमें पर्यावरण सरंक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की फेसबुक पर अच्छी बातों को ही पोस्ट करे। स्कूल निदेशक यगपाल यादव ने विद्यार्थियों को पौधे देकर पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया।

नारनौल में प्रशासन की पहल

बेटी को ही माना बेटा, ऐसे परिवारों को सम्मानित करेगा प्रशासन

भास्कर न्यूज | नारनौल

महेंद्रगढ़ जिले की जिन बेटियों ने अपनी मेहनत के बूते विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान कायम की, उनको सम्मानित करने की पहल करते हुए प्रशासन ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘डॉटर ऑफ महेंद्रगढ़’ तैयार करवाई। उसे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदर्शित करके उनका नाम घर-घर पहुंचाया। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत अब जिला प्रशासन ऐसी माताओं को सम्मान देने की तैयारी में हैं, जिन्होंने बेटा भले ही ना जन्मा हो, किंतु उन्हें इसका कोई रंज नहीं है। उनकी बेटियां ही उनके लिए बेटा बनकर आंखों का तारा बनी हुई हैं। वह उनके बचपन का सहारा और बुढ़ापे की लाठी हैं। इसके लिए नगर परिषद शहर में ऐसी माताओं की तलाश में जुटी हुई हैं, जिनके यहां सिर्फ बेटी ही हैं, बेटा नहीं। बेटियों वाली मांओं को सम्मानित करने की यह सोच उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल की हैं, और उस सोच को साकार रूप देने का जिम्मा नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी ने अपने हाथों में लिया है। उन्होंने अभी तक शहर में ऐसे 59 परिवारों की तलाश की है, जिनके एक या दो बेटी हैं। अभी तक जो प्लान बनाया गया है, उसके अनुसार 17 जुलाई को बेटी को ही बेटा मानकर पालने-पोषण में सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाली इन माताओं को नगर परिषद परिसर में विशेष सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा। नप चेयरपर्सन का कहना है कि माना जाता है कि बेटा वंश की बेल बढ़ाता है, किंतु यहां इन माताओं ने बेटी को ही अपने जीवन का आधार और बुढ़ापे का सहारा मानकर बेटे की बजाय बेटी को अहमियत दी, इसलिए इन्हें समारोह में एक पौधा भी भेंट किया जाएगा, ताकि जिस तरह एक पौधा बड़ा होने पर पेड़ बनकर सबको छाया और सुख देता है, उसी प्रकार बेटियां भी बड़ी होकर अपने अभिभावकों की देख-रेख करती रहें।

एेसे परिवारों की पहचान के लिए पार्षदों का लिया जाएगा सहयोग : भारती सैनी ने बताया कि अब तक विभिन्न वार्डों में जो सर्वे करवाया गया है, उसमें ऐसे 59 परिवारों की पहचान हुई हैं, जिनके घर एक या दो बेटियां हैं। इस काम में नगर पार्षदों से भी सहयोग मांगा गया है। उम्मीद है कि इस संख्या में और बढ़ोतरी होगी।

अब तक 59 ऐसे परिवारों की हुई पहचान जिनके नहीं है एक भी बेटा, केवल बेटियां ही हैं


रेवाड़ी. बावल बीआरसी कार्यालय में इंस्पायर अवार्ड को लेकर सेमिनार।

रेवाड़ी, बुधवार 11 जुलाई, 2018 |

03

Click to listen..