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प्रशासन की सख्ती: आज काम पर नहीं लौटने पर सफाई कर्मी होंगे सस्पेंड, आउटसोर्स पर नई भर्ती की भी तैयारी

पांच दिन से झाड़ू छोड़कर हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों पर सरकार व प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। नगर परिषद...

Danik Bhaskar | May 14, 2018, 03:15 AM IST
पांच दिन से झाड़ू छोड़कर हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों पर सरकार व प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। नगर परिषद ईओ मनोज यादव ने कहा कि सोमवार को जो कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे उनको बर्खास्त कर नई भर्ती की जाएगी।

बता दें कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर करीब 560 सफाई कर्मचारी रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल में हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इसके चलते बाजारों व कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। चारों ओर कूड़ा बिखरा पड़ा है। कई जगहों पर पशु तक मरे पड़े हुए हैं, इनकी दुर्गंध से स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बता दें कि सरकार ने शनिवार को ही कोर्ट में केस होने की बात कहकर मांगे पूरी नहीं करने में अपनी असमर्थता जताई थी।

सफाई न होने से शहर में हो गया जमा 450 टन कूड़ा

आंकड़ों के अनुसार बाजारों व घरों से हर दिन करीब 90 टन कूड़ा बाहर निकलता है। ऐसे में पांच दिन में करीब 450 टन कूड़ा शहर में शहर में जमा चुका है। मोहल्ले, नालियों से कूड़े का उठान हो नहीं पा रहा। शहर की सफाई भी पिछले पांच दिन से नहीं हुई है। इस कारण जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैँ। कूड़ा डालने के लिए बना गए डंपिंग यार्ड पूरी तरह भर चुके हैं।

अब तो हाल ये है कि कूड़ा डंपिंग यार्डों के बाहर पड़ा हुआ है। आम दिनों में नियमित रूप से डंपिंग यार्ड से कूड़ा डंपर में भरकर निर्धारित स्थान पर डाला जाता है। सड़कों पर हर रोज झाडू चलती है, इसके बाद भी सफाई की शिकायतें रहती ही हैं।

पहल... नई बस्ती और चौधरीवाड़ा में लोगों ने खुद उठाई झाड़ू

रेवाड़ी. नई बस्ती मोहल्ले में कचरा उठाते युवक। चौधरीवाड़ा में सफाई करते स्थानीय निवासी व होप क्लब सदस्य।

सफाई कर्मियों की छुट्‌टी के बाद शहर बदहाल हो रहा है। इसी के चलते आखिर शहर में नई पहल भी शुरू हो गई है। लोगों ने खुद अपने मोहल्ले की सफाई के लिए झाडू थामनी शुरू की है। शुरुआत रविवार को शहर के मोहल्ला नई बस्ती से हुई। यहां के लोगों ने कूड़ा एकत्रित कर उसे डिस्पोजल तक पहुंचाया। वहीं झाड़ू लेकर गलियों में सफाई करते नजर आए। इस दौरान नालियों की भी सफाई की गई है। वहीं चौधरी वाड़ा में स्थानीय लोगों व होप क्लब ने मिल कर मोहल्ले में सफाई अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने कूड़ा एकत्रित का यार्ड तक पहुंचाया। साथ ही अपील की कि जब तक सफाई कर्मचारियों की हड़ताल नहीं खुलती है तब तक अपने आस-पास सफाई का ध्यान रखें व कूड़ा सड़क पर ना डालें।

रेवाड़ी. हड़ताल के पांचवें दिन नगर परिषद के बाहर धरना प्रदर्शन करते नगर पालिका कर्मचारी संघ के सदस्य।

कर्मी बोले- चेतावनी से फर्क नहीं, एकजुट होकर लड़ेंगे

नगर परिषद के बाहर धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने सरकार की ओर एस्मा लगाने की धमकी पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि सरकार मांगे मानने की बजाय कर्मियों को धमकाने का प्रयास कर रही है। कहा कि कर्मचारियों पर चेतावनी व धमकियों से कतई फर्क नहीं पड़ेगा। कर्मचारी नेता ईश्वर सिंह बोडवाल व ईकाई प्रधान महेंद्र सिंह चावरिया ने कहा कि सफाईकर्मी एकजुट हो मांगे नहीं माने जाने तक संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम-समान वेतन, समय पर वेतन देने, खाली पदों को तुरंत भरने एवं ठेकेदारी प्रथा खत्म करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रही हड़ताल में अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया। इनमें बिजली निगम के किरोड़ी लाल सहित अन्य कर्मचारी नेता शामिल रहे। इसके अलावा सतीश कुमार, सुरेश कुमार, सुशीला देवी व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।