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ट्राॅमा सेंटर को मिलेगी एमआरआई मशीन गुरावड़ा-खोल सीएचसी में बनेंगे दो भवन

शहर के ट्रॉमा सेंटर में घायलों व अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों की बारीकी से जांच के लिए उपयोग में आने वाली...

Dainik Bhaskar

May 27, 2018, 04:10 AM IST
ट्राॅमा सेंटर को मिलेगी एमआरआई मशीन गुरावड़ा-खोल सीएचसी में बनेंगे दो भवन
शहर के ट्रॉमा सेंटर में घायलों व अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों की बारीकी से जांच के लिए उपयोग में आने वाली एमआरआई मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसी के साथ यहां पर अतिरिक्त डॉक्टर की तैनाती का प्रपोजल भी तैयार किया गया है। गुरावडा व खाेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन के हालात सुधारने के लिए अतिरिक्त नई बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। वहीं सब सेंटर में चल कसौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए भी अलग से जमीन की व्यवस्था कर नया निर्माण किया जाएगा।

यह बात स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर डाॅ. आरएस धनखड़ ने अपने दो दिवसीय दौरे के बाद रविवार को दैनिक भास्कर संवाददाता से बातचीत में कही। डॉ. धनखड़ ने बताया कि दो दिन में शहर के नागरिक अस्पताल, खोल व गुरावड़ा सीएचसी के साथ कसौला पीएचसी की खामियों को जांचा गया। इसके बाद यहां पर जो भी कमी है इस सीएमओ के साथ बैठकर प्रपोजल बनाया गया है। सोमवार को चंडीगढ़ जाते ही उच्चाधिकारियों के साथ मिलकर कर्मियों को दूर करने व नई जरुरतों को पूरा करने के लिए बजट की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मोर्चरी शिफ्ट कराने के लिए शनिवार को डीसी के साथ बैठक कर जमीन तलाशने पर विचार किया गया है। बता दें कि जिले में 5 सीएचसी, 13 पीएचसी व 113 सब सेंटर हैं। बावजूद इसके सुविधाओं का भार शहर के नागरिक अस्पताल पर ही रहता है।

हेल्थ विभाग की प्लानिंग

सब सेंटर में चल कसौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए भी अलग से जमीन की व्यवस्था कर नया निर्माण किया जाएगा

एमआरआई के बारे में वह सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं

1. मैगनेटिक रेजोनेंस इमेज स्कैन(एमआरआई) सिटी स्कैन की पकड़ में नहीं आने वाली बीमारियों की जांच के लिए मशीन है। बहुत ज्यादा

2. मशीन की कीमत बहुत ज्यादा होने के चलते अधिकतर निजी रेडियोलॉजिस्ट के यहीं पर यह जांच मशीन मिलती है।

3. रोहतक पीजीआई व बड़े सरकारी अस्पतालों में ही यह सुविधा उपलब्ध होती है।

4. निजी सेंटरों पर एमआरआई कराने के लिए 5-6 हजार रुपए देने पड़ते हैं। जिसके चलते आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की इसकी सुविधा नहीं मिल पाती है।

5. शहर के ट्रॉमा सेंटर में एमआरआई मशीन आने से यहां पर सिटी स्कैन की तर्ज पर मामूली फीस में यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

6. सिर में चोट व न्यूरो जैसी बीमारियांे में इस मशीन से जांच जरूर करानी पड़ती है।

नहीं मिला सफाई कर्मी, बावल से बुलाया

रविवार को हेल्थ डायरेक्टर ने कसौला पीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान यहां पर न तो सफाई कर्मी मिला और न ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी। डायरेक्टर के निर्देश पर सीएमओ ने मौके पर ही बावल सीएचसी के एक सफाई कर्मी व चतुर्थ श्रेणी कर्मी को यहां तैनात कराया। इसके अलावा यहां की टूटी हुई दीवार को भी ठीक कराने के निर्देश दिए। बता दें कि कसौला पीएचसी सब सेंटर में चल रही है। इसके लिए जमीन तलाशने का काम आगे बढ़ गया है।

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