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मालिक के लिए किराएदारों का सत्यापन कराना जरूरी, एसपी के पत्र पर डीसी ने दिए आदेश

बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एसपी राजेश दुग्गल द्वारा की गई पहल पर डीसी अशोक कुमार शर्मा ने आदेश जारी...

Danik Bhaskar | Jul 08, 2018, 04:10 AM IST
बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एसपी राजेश दुग्गल द्वारा की गई पहल पर डीसी अशोक कुमार शर्मा ने आदेश जारी कर दिए हैं। अब जिले में रहने वाले किरायेदारों का सत्यापन जरूरी हो गया है। डीसी अशोक शर्मा ने धारा 144 लागू करते हुए उसे प्रभावी ढंग से लागू करने के आदेश दिए हैं।

मई माह में रेवाड़ी में बतौर एसपी कार्यभार संभालते ही राजेश दुग्गल ने क्राइम को रोकने के लिए सबसे पहले किराएदारों के सत्यापन को लेकर तत्कालीन डीसी को लेटर लिखा था। इसमें मकान मालिकों को किराएदार का ब्योरा रखने का भी लिखा गया था। अब डीसी अशोक शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धारा 144 लागू कर दी है। डीसी ने आदेश दिया कि जिले में किसी भी स्थान पर रहने वाले किरायेदारों का पूरा ब्योरा मकान मालिक को रखना होगा। इसके अलावा संबंधित थाने में किराएदार की वेरिफिकेशन भी करानी होगी। इससे एक तरह किराए पर रहने वाले लोगों का पूरा डाटा एकत्रित होगा। वहीं बाहर से आकर जिले में क्राइम करने वाले लोगों पर भी अंकुश लगेगा।

जिले में हजारों की तादाद में रहते है बाहरी लोग

धारूहेड़ा व बावल औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां स्थित कंपनियों में यूपी, एमपी, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र के अलावा कई अन्य राज्यों के लोग काम करते हैं। ऐसे लोगों को किराए का मकान भी आसानी से मिल जाता है, लेकिन मकान मालिक उनका सत्यापन नहीं कराते। ऐसे में अगर कोई वारदात हो जाती है तो फिर अपराधी की पहचान करना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता है। अगर प्रत्येक किराएदार का सत्यापन होगा तो उससे पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को लिए भी काफी फायदा होगा।

महत्वपूर्ण इसलिए... कई वारदातें आई सामने

कुछेक आपराधिक घटनाओं के पीछे सभी किराएदारों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगाना हमारा मकसद नहीं है, पर ऐसी घटनाएं हमें अलर्ट जरूर करती हैं। जिले में हत्या तक की घटनाएं सामने आ चुकी, जिसमें किराएदार संलिप्त मिले। चिरहाड़ा में फिरौती के लिए दो वर्षीय बच्ची का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। मालपुरा में भी एक बच्चे का किराएदार ने मर्डर कर दिया था। ऐसे में सत्यापन नहीं होने पर अपराधियों तक जल्द पहुंचने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ती है। इसलिए यदि पुलिस स्टेशन में इनका रजिस्ट्रेशन है तो आपराधिक प्रवृति के लोगों में भी कानून का भय रहेगा।

लोग खुद अागे आकर करें सहयोग