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आक्रोश बेरी-मातनहेल ब्लाॅक के सरपंचों और ग्राम सचिवों ने ई-पंचायत के विरोध में रोष जताया

ई पंचायत के मसले पर सरकार की सख्ती के बाद भी सरपंच और ग्राम सचिवों में सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। ब्लाॅक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 31, 2018, 02:00 AM IST

ई पंचायत के मसले पर सरकार की सख्ती के बाद भी सरपंच और ग्राम सचिवों में सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। ब्लाॅक स्तर से लेकर चंडीगढ़ में प्रदर्शन के बाद अब सरपंच एसोसिएशन ने ब्लाॅक ऑफिसों में तालाबंदी शुरू कर दी है। शुक्रवार को झज्जर, बेरी व मातनहेल ब्लाॅक में ताला लगाकर सरपंचों और ग्राम सचिवों ने नारेबाजी की। झज्जर ब्लाॅक के सरपंचों व ग्राम सचिवों ने शुक्रवार को बीडीपीओ कार्यालय में बैठक कर ताला जड़ दिया। बैठक में सामूहिक रूप से सरकार द्वारा सरपंचों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। भदानी के सरपंच सोमवीर सिंह व खुंगाई सरपंच रामनिवास का कहना है कि प्रदेश सरकार पंचायती राज एक्ट को खत्म करने पर तुली है। सरपंचों के अधिकारों में लगातार कटौती की जा रही है। ऐसे में सरपंचों ने इकट्ठा होकर बीडीपीओ कार्यालय पर ताला जड़ दिया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक ताला नहीं खोला जाएगा।

सरपंचों और ग्राम सचिवों ने बीडीपीओ कार्यालय पर ताला जड़ की नारेबाजी

झज्जर. बीडीपीओ कार्यालय पर अपनी मांगों को लेकर ताला लगाते हुए सरपंच व ग्राम सचिव।

बेरी में सरकारी बैठक के दौरान की तालाबंदी

बेरी |
ब्लाॅक सरपंच एसोसिएशन के प्रधान महाबीर सिंह की अगुवाई में सरपंचों ने बेरी ब्लाक में ताला जड़ा। यहां नारेबाजी करते हुए सरपंचों ने बताया कि है कि सरकार विकास के लिए पर्याप्त ग्रांट नहीं जारी कर रही है। इसके कारण गांवों का विकास प्रभावित हो रहा है। जिस तरह से इस सरकार में किया जा रहा है, ऐसा पहले कभी नहीं किया गया। उन्होंने शुक्रवार को मांगों को लेकर बैठक भी की। तालाबंदी पर बीडीपीओ बिजेंद्र सिंह का कहना था कि सरपंचों ने कार्यालय पर ताला लगाया था। उस समय ग्राम पंचायत डेवलेपमेंट प्लान की मीटिंग चल रही थी इसके लिए नीलोखेड़ी से टीम आई थी और बेरी ब्लाक की आशा वर्कर मौजूद थी।

साल्हावास. मातनहेल ब्लाॅक में ताला लगाते सरपंच।

ये मांगे हैं सरपंचों की :ई-पंचायत प्रणाली को खत्म किया जाए। हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 को पूर्णतया लागू किया जाए। ग्राम सचिव की योग्यता स्नातक की जाए और पटवारी के समान ग्रेड पे लागू हो। सांसदों, विधायकों की तर्ज पर सरपंचों और पंचों का मानदेय बढ़ाया जाए। ग्राम सचिवों के 20 रुपए मासिक भत्ते को बढ़ाकर 5 हजार किया जाए। गांवों में जल्द से जल्द राशन कार्ड बनवाएं जाएं और सर्वे कराकर बीपीएल कार्ड बनाएं। प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार किया जाए, शहरों की तर्ज पर गांवों में भी इस योजना का लाभ दिया जाए, ताकि ग्रामीणों को छत मिल सके। प्रत्येक गांव में ग्राम सचिवालय बनाए जाएं, जिसमें पर्याप्त संसाधन एवं खंड एवं जिला मुख्यालय स्तर की विभिन्न सुविधाएं दी जाए।

मातनहेल में 11 बजे ताला जड़ा, सीएम का पुतला फूंका

खंड कार्यालय मातनहेल में ग्राम सचिव व सरपंच एसोसिएशन की बैठक प्रधान सतेंदर उर्फ भुरु पहलवान की अध्यक्षता में हुई। 11बजे से चार बजे तक खंड कार्यालय पर जड़ा ताला। ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में कार्यालय में काम काज हुआ। प्रभावित सरकार पर लगाए आरोप को कमजोर करना चाहती सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया गया।

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