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ई-पंचायत का विरोध कर रहे सरपंचों ने धरना देकर की नारेबाजी

ई-पंचायत प्रणाली और अन्य मांगों को लेकर झज्जर और बेरी व मातनहेल ब्लाॅक में सरपंचों का धरना-प्रदर्शन सोमवार को भी...

Dainik Bhaskar

Apr 03, 2018, 02:10 AM IST
ई-पंचायत का विरोध कर रहे सरपंचों ने धरना देकर की नारेबाजी
ई-पंचायत प्रणाली और अन्य मांगों को लेकर झज्जर और बेरी व मातनहेल ब्लाॅक में सरपंचों का धरना-प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। यहां सामाजिक और राजनीतिक संगठन से जुड़े लोगों के अलावा कांग्रेस विधायक डाॅ. रघुवीर कादियान ने भी पहुंचकर अपना समर्थन दिया।

झज्जर के ब्लाॅक कार्यालय परिसर में चल रहे धरने में झज्जर ब्लाॅक सरपंच एसोसिएशन के प्रधान व महराणा के सरपंच महावीर सिंह नांदल की अगुवाई में सरपंचों और ग्राम सचिवों ने नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकारी मांग पूरी नहीं करती आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर पूर्व सरपंच एसोसिएशन के प्रधान परजीत उफ काला लाडपुर, इनेलो से युवा संगठन के जिला प्रधान उपेंद्र कादियान, साधुराम झामरी, पवन दिल्ली गेट कांग्रेस से मोहित पहलवान खरहर ने सरपंचों को समर्थन दिया। धरने पर प्रवीण कबलाना, नाम सिलानी, पवन सिलाना, प्रदीप रईया, जितेंद्र भदाना, सोमवीर भदानी, नरेंद्र शेखुपर,जोगेंद्र जौण्धी, चांद बीड़ सुनार, मीतू गुढ़ा, कृष्ण सुरर्खपुर, अनिल गिरावड़, रामनिवास खुंगाई, सुंदर कोट उखलचना, जिले की सरपंच एसोसिएशन के प्रधान अभिमन्यु खेड़ी जट्ट मौजूद रहे।

अपमान का खामियाजा भुगतना पड़ेगा : डाॅ. कादियान

कांग्रेस बेरी क्षेत्र के सरपंच, पंच व ग्राम सचिवों ने सोमवार को खंड पंचायत कार्यालय के सामने धरना दिया। ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष महाबीर सिंह दूबलधन बिध्यान ने धरने की अध्यक्षता की। धरने के तीसरे दिन सोमवार को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बेरी विधायक डाॅ. रघुवीर कादयान, कांग्रेस के मोहित सिंह, इनेलो के डाॅ. जगदीश कादयान, सतवीर शास्त्री, उपेन्द्र कादयान, ओम पहलवान पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने समर्थन देते हुए सरपंचों को संघर्ष में अपनी अपनी पार्टी की तरफ से पूरा सहयोग देने का वादा किया। डाॅ. रघुवीर कादयान ने कहा कि इतिहास में पहली बार सरपंच सरकार के खिलाफ धरने पर बेठे हैं। सरकार को जनता के हित से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सरपंचों के अपमान का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वर्तमान सरकार जनप्रतिनिधियों का अपमान कर रही है। बेरी ब्लाॅक आॅफिस में चल रहे 36 पंचायतों के धरने पर पूरा दिन बेरी ब्लाॅक के 13 सचिव भी मौजूद थे।

झज्जर. ई-पंचायत के विरोध में धरनास्थल पर सभा को संबोधित करते कांंग्रेस बेरी से विधायक डाॅ. रघुवीर कादयान।

बादली उपमंडल के सरपंचों ने की चंडीगढ़ में पंचायत मंत्री से मुलाकात

कृषि मंत्री ने सरपंचों की परेशानियों के समाधान का दिया आश्वासन

भास्कर न्यूज | बादली

बादली ब्लाॅक के सरपंच एसोसिएशन के विभिन्न पदाधिकारियों ने सोमवार को चंडीगढ़ में कृषि एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और प्रिंसिपल सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी से मुलाकात की। सरपंच एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंत्री व पंचायत सेकेट्री के सम्मुख ई-पंचायत प्रणाली से आने वाली परेशानियों को रखा। सोमवार को चंडीगढ़ में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ व प्रिंसिपल सेक्रेटरी से ई-पंचायत प्रणाली के समाधान को लेकर बादली ब्लॉक एसोसिएशन के प्रधान अमित कुमार बादली, उपप्रधान अशोक कुमार सौंधी, एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष सरपंच महावीर गुलिया पेलपा, प्रेस प्रवक्ता सतेन्द्र सरपंच पाहसौर, चांद सरपंच लगरपुर, सत्यव्रत सरपंच लुक्सर और अन्य एसोसिएशन के पदाधिकारी सरपंचों ने मुलाकात की। मुलाकात के उपरांत बादली ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन के प्रधान अमित कुमार ने बताया कि कृषि मंत्री और प्रिंसिपल सेकेट्री से उन्हें सकारात्मक जवाब मिले हैं। इसके साथद ही जो ई-पंचायत प्रणाली को लेकर सरपंचों की परेशानियां थी उनके समाधान का आश्वासन दिया है।

1 साल की बजाय 3 महीने के कार्यों की रुपरेखा दी जाए: मुलाकात के दौरान तय किया कि एक साल की बजाय 3 महीने के कार्यों की रूपरेखा सरपंच द्वारा दी जाए। कोई अचानक पंचायत के जिम्मे ऐसा काम आ गया है जो पूर्व एस्टीमेट में नहीं दिया है तो उसे सिस्टम में अपडेट कराएं। दो दिन में उस नए काम पर विचार होगा। किसी अन्य गली की ग्रांट वहां किसी कारण के चलते नहीं लग रही है तो सरपंच उस ग्रांट को किसी अन्य गली के निर्माण में प्रयोग कर सकता है। नगद मजदूरी सरपंच मजदूरों को दे सकता है।

सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे सरपंच

ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में सरपंच और ग्राम सचिवों का धरना-प्रदर्शन जारी

भास्कर न्यूज | बहादुरगढ़

ई-प्रणाली के विरोध में सरपंचों और ग्राम सचिवों का बीडीपीओ कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर बेमियादी भूख हड़ताल बैठ गए। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर ई-प्रणाली व्यवस्था वापस लेने की मांग की। सरपंचों ने कहा कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायत में ई-प्रणाली लागू न करने बारे ग्राम सभा में प्रस्ताव पास करने संबंधी जो सुझाव दिया गया है। इस सुझाव के अनुसार ई-प्रणाली न अपनाने पर पंचायत की वित्तीय शक्तियां दस लाख रुपए तक ही रहेंगी, जबकि ई-प्रणाली अपनाने वाली पंचायतों की वित्तीय सहायता 20 लाख रुपए रहेगी। लिहाजा यह फैसला सरपंचों को दोफाड़ करने का प्रयास है। सरकार की यह मंशा कभी पूरी नहीं होने देंगे।

बहादुरगढ़. भूख हड़ताल पर बैठे सरपंच।

सरकार कर रही है तानाशाही

ई-प्रणाली से पंचायतों को जोड़ने से सरपंचों को परेशानी आएगी। उन्होंने मांग की है कि सरकार की ओर से लागू ई प्रणाली को वापस लिया जाए और जिन ग्राम सचिव को सस्पेंड किया गया है उन्हें बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सरपंचों के साथ जो अभद्र व्यवहार किया गया है उसका खामियाजा सरकार को 2019 के लोकसभा व विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर पूरे हरियाणा के सरपंच प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार तानाशाही रवैये के चलते सरपंचों की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सरपंचों के प्रति जो तानाशाही चल रही है उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए सरपंच किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी आंदोलन टलने वाला नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द से जल्द मांग पूरी नहीं की तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सरपंच और ग्राम सचिव नाराज है। इस मौके पर कसार के सरपंच टोनी, छारा से बबलू, मुंकदपुर से मंजीत, सिलोठी के हरीकेश, सांखोल के हुकम सिंह, बालोर के सतबीर, जाखोदा के जगबीर, टांडाहेड़ी ओमप्रकाश, बराही से रमेश, छुड़ानी से सत्ते, बामनोली से माइकल, खेड़ी जसोर से अनिल, मातन से जस्सा, रोहद से सतीश, लडरावण से राजू, आसंडा से आजाद, डाबोदा से महेंद्र,भापड़ोदासे बिजेंद्र, माजरा से मंजीत, कानौंदा से अशोक,आसौदा से रणबीर आदि प्रमुख लोग मौजूद रहे।

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