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दूबलधन के घिकयान पाने में सड़क पर भरा दूषित पानी, ग्रामीणों को परेशानी

गंदे पानी की निकासी नहीं होने के कारण गांव घिकयान दूबलधन में घरों का गंदा पानी गलियों व मुख्य रास्ते पर बह रहा है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 24, 2018, 02:00 AM IST

गंदे पानी की निकासी नहीं होने के कारण गांव घिकयान दूबलधन में घरों का गंदा पानी गलियों व मुख्य रास्ते पर बह रहा है। जिस कारण ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जल निकासी व नालों का सही ढंग से व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों का गंदा पानी गली के मुख्य रास्ते पर एकत्रित हो गया है। इस समस्या को लेकर लोगों ने बार-बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में गंदे पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं हो रहा है। चूंकि गंदा पानी सड़क व गलियों में भरा रहता है हालात यह बन गये हैं कि लोग इन स्थानों से आसानी से गुजर नहीं सकते। गांव के मध्य बस स्टैंड पर तो कभी-कभी इतना पानी हो जाता है आस-पास घरों में भी पानी घुस जाता है। स्कूल, कॉलेज, सरकारी अस्पताल, पशु चिकित्सालय जाने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। सड़क पर ज्यादा पानी होने के कारण बहुत गहरे गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीण प्रदीप कौशिक, मैनपाल, अशोक कुमार व भूपेश कौशिक, देवराज कादयान व मास्टर महेंद्र आदि का कहना है कि लड़कियों के लिए स्कूल व कॉलेज जाने का रास्ते यही है। लोग सुबह-शाम जब सैर के लिए जाते हैं तो उस दौरान अंधेरा होने के कारण वहां से निकलना कठिन हो जाता है। मच्छर मक्खी भी इस पानी में पनप रहे हैं। क्योंकि इस गंदे पानी से दुर्गंध आनी शुरू हो जाती है। ग्रामीण भूपेश कौशिक कहना है की कभी-कभी पानी इतना भर जाता है कि पानी उनके घरों में घुस जाता है। जिससे उनको बड़ी समस्या होती हैं।

बेरी. दूबलधन गांव में भरा दूषित पानी।

पेंशन के लिए ढराणा के बुजुर्ग आते हैं 10 किलोमीटर दूर बेरी

बुजुर्ग बोले - सम्मान भत्ते की बजाए मिलते हैं धक्के, ढराणा गांव में बैंक नहीं होने के कारण बनी समस्या

भास्कर न्यूज | बेरी

बुढ़ापा पेंशन के लिए बुजुर्गों एवं विधवा महिलाओं को लगातार बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। क्योंकि उन्हें मालूम नहीं पड़ता कि पेंशन किस तारीख को मिलेंगी। बुजुर्गों का आरोप है कि एक तो अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर किसी तरह बेरी आते है। और मालूम नहीं पड़ता कि पेंशन किस दिन मिलेगी। दूसरा बैंक की तरफ से फार्म भरने की सुविधां नहीं दी जाती, इसलिए बुजुर्गों को परिवार के एक सदस्य को फार्म भरने के लिए साथ आते है। बेरी खंड में आने वाले ढाणा गांव में किसी भी बैंक की कोई शाखा नहीं है। इसलिए ढराणा गांव के बुजुर्गों को पेंशन लेने के लिए बेरी आना पड़ता है। इससे बुजुर्ग महिलाओं में रोष बना हुआ है। बुजुर्ग दीवान सिंह, धर्मपाल, धर्मसिंह व कृष्णा ने बताया कि आस-पास के सभी गांवों में गांव की चौपाल में पेंशन बांटी जाती है, लेकिन हमारे गांव ढराणा के बुजुर्गों के खाते बेरी के सहकारी बैंक में खोले गए हैं। इसके कारण बुजुर्गों को 10 किलोमीटर से अपनी पेंशन के लिए आना पड़ा रहा है। सावित्री का कहना कि पहले तो पेंशन सही समय पर मिल जाती थी, लेकिन अब मालूम नहीं पड़ता कि पेंशन कब मिलेगी क्योंकि एक साल पहले पेंशन 1 तारीख से मिलना आरंभ हुई थी अब समय बीतते बीतते 23 तारीख तक पेंशन वितरित हो रही है। एसबीआई बैंक गांव गांव जाकर पेंशन वितरित कर रहा है। गोंछी, मांगावास, वजीरपुर, धांधलान के बुजुर्गों को पेंशन वितरित में बैंक की शाखा नहीं है। गांवों को बैंकों से जोड़ा गया था। ढराणा के बुर्जगों को बेरी आना पड़ रहा।

आश्वासन के सिवाय

कुछ नहीं मिला

इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को लिखित रूप में दी जा चुकी है। लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा। पानी ज्यादा होने के कारण ग्रामीणों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सोमबीर सरपंच, दूबलधन

बेरी. पेंशन की इंतजार में सड़क पर बैठे बुजुर्ग

सराहनीय ड्यूटी करने वाले सात पुलिस जवान सम्मानित

झज्जर | पुलिस के सात जवानों को ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा वांछित अपराधियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने पर सम्मानित किया गया। पुलिस के जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए एसएसपी बी सतीश बालन की तरफ से नगद इनाम व प्रशंसा पत्र दिए गए। सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित परेड के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह व सहायक पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन द्वारा परेड में शामिल सभी जवानों को ब्रीफ किया गया। डयूटी व सराहनीय कार्यों के लिए सात अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों में निरीक्षक ललित कुमार थाना प्रबंधक शहर बहादुरगढ़, निरीक्षक जसबीर सिंह अपराध जांच शाखा प्रभारी बहादुरगढ़, उप निरीक्षक राजेश कुमार पुलिस चौकी प्रभारी मांडौठी तथा सहायक उपनिरीक्षक धर्मेंद्र, मुख्य सिपाही राजेश कुमार, सुनील कुमार व मदन आदि शामिल हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र व सहायक पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय झज्जर हंसराज, झज्जर जिला के सभी थाना प्रबंधक, चौकी प्रभारी व अन्य पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे।

1 साल पहले अधिकारियों से बैंक

बदलने के लिए मिले थे ग्रामीण

सरपंच प्रमोद सिंह का कहना था कि बुजुर्गों को गांव में पेंशन मिले इसके लिए बैंक बदलवाने के लिए 1 साल पहले ग्राम पंचायत ने लिखकर दिया था। जिला प्रशासन और समाज कल्याण के हर अधिकारी से मिल चुके है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। बुर्जगों को हर माह पेंशन लेने के लिए बेरी जाना पड़ता है।

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