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बंदरों ने महिला पर किया हमला, अस्पताल में नहीं मिला टीका, बाहर 270 रुपए में लगवाया

नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी के कारण बेरी में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को बेरी कस्बे के नौबत राय गंज...

Bhaskar News Network| Last Modified - Apr 11, 2018, 02:00 AM IST

बंदरों ने महिला पर किया हमला, अस्पताल में नहीं मिला टीका, बाहर 270 रुपए में लगवाया
बंदरों ने महिला पर किया हमला, अस्पताल में नहीं मिला टीका, बाहर 270 रुपए में लगवाया
नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी के कारण बेरी में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को बेरी कस्बे के नौबत राय गंज में बंदरों की टोली ने मकान के बाहर खड़ी महिला पर हमला बोल उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिला के चिल्लाने पर लोगों ने किसी तरह बंदरों को भगाया। बंदरों ने महिला को कई जगह से काटा है। परिजन उसे नागरिक अस्पताल ले गए। जहां रैबीज के इंजेक्शन खत्म मिले। इसके बाद परिजनों ने बाहर मेडिकल स्टोर से 270 रुपए का इंजेक्शन खरीदकर लगवाया। बंदरों के हमले से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। उन्होंने नपा की अनदेखी पर रोष जताया है। साथ ही प्रशासन से बंदरों के आंतक से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। नौबत राय गंज निवासी अनिता मंगलवार को अपने मकान के बाहर खड़ी होकर अन्य महिलाओं से बातचीत कर रही थी, तभी अचानक बंदरों की टोली ने उस पर हमला बोल दिया। इस दौरान अन्य महिलाएं तो बचकर भाग गईं, जबकि बंदरों ने अनिता को घेर कई जगह से काट लिया। शोर शराबा होने पर परिजनों के अलावा अन्य लोग आ गए।

बंदर के काटने पर हाथ दिखाते हुए।

बंदर लोगों को बना रहे शिकार : रोजाना कस्बे के लोगों का कहना है कि नगर पालिका ने 2 साल पहले लाखों रुपए खर्च कर बंदर पकड़ने का ठेका छोड़ा था। इसके बावजूद काफी बंदर कस्बे में बच गए। अब स्थिति यह है कि कभी भी बंदर लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं। कुछ दिन पूर्व विभिन्न जगहों पर बंदरों ने कई लोगों और बच्चों पर हमला बोल उन्हें घायल कर दिया था। यह जानते हुए भी नगर पालिका इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है। इस कारण बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है।

एक महिला समेत दो लोगों

की हो चुकी मौत

तीन साल पहले बेरी के बैठान पाना का रमेश कुमार बंदरों को भगाने छत पर गया था, तभी बंदरों ने उस पर हमला बोल दिया। वह घबराकर छत से नीचे गिर गया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। ढाई साल पहले बाघपुर गांव में बंदरों ने एक मकान छज्जा गिरा दिया था। इसके नीचे एक ही परिवार के 6 बच्चे दबकर घायल हो गए थे। लगभग 2 साल पहले ही बेरी के हिन्दयान पाना की महिला रेणू की बंदरों की वजह से माैत हो गई थी।

बंदर पकड़वाने की अनुमित के लिए फाइल वन विभाग को भेजी थी, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली। अब बंदर पकड़वाने के लिए टैंडर छोड़े जाएंगे। इसके बाद ही बंदरों को पकड़ा जाएगा। -मनदीप धनखड़, एमई नगर पालिका

10 दिन से अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन खत्म हैं। इन्हें मंगवाया जा रहा है। डिमांड के लिए उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। जल्द ही अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन आ जाएंगे। -जेपी चौहान, एसएमओ नागरिक अस्पताल बेरी

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