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15 जगह बनेंगे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चार जिलों में कचरे से बनाई जाएगी बिजली

भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा देश में स्वच्छता को लेकर चल रहे अभियान के बीच हरियाणा के लिए भी अच्छी खबर है। 2020 तक...

Dainik Bhaskar

Apr 30, 2018, 02:10 AM IST
भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा

देश में स्वच्छता को लेकर चल रहे अभियान के बीच हरियाणा के लिए भी अच्छी खबर है। 2020 तक हरियाणा भी लगभग कचरा मुक्त हो जाएगा। शहरों में जहां-तहां दिखाई देने वाले कचरे से लोगों को निजात मिलेगी। सरकार इसके लिए 15 जगह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाएगी। इनमें ज्यादातर का काम 2019 में ही पूरा हो जाएगा। इनके लिए सरकार ने कहीं टेंडर दे दिए हैं, तो कहीं टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सरकार फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक और अम्बाला 4 जिलों में कचरे से बिजली बनाएगी। वहीं, करनाल, भिवानी, रेवाड़ी, हिसार, यमुनानगर, फतेहाबाद-भूना, पंचकूला, डबवाली-सिरसा, फारूखनगर, पुन्हाना और जींद में लगने वाले प्लांटों पर कचरे से खाद बनेगी, जो किसानों को दी जाएगी। इन 15 कलस्टरों में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका समेत 82 नगर निकाय कवर किए जाएंगे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगने से प्रदेश को प्लास्टिक से भी निजात मिलेगी। एक रिपोर्ट के अनुसार कचरे में 9 फीसदी तक प्लास्टिक होती है। प्रदेश में हर दिन 4515 टन कचरा निकल रहा है। यानी हर दिन 400 टन प्लास्टिक का इस्तेमाल कर लोग सड़कों पर फैंक रहे हैं। हरियाणा में प्लास्टिक की थैलियां नहीं बन रही है लेकिन दिल्ली से लोग खरीद कर ला रहे हैं। नगर निकाय विभाग की मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्लांटों को लेकर काम शुरू कर दिया है। कुछ जगह टेंडर दे दिए गए हैं। बाकी पर अभी प्रोसेस चल रहा है। हमारा मकसद प्रदेश को कचरा मुक्त करना है।

जानिए... किस कलस्टर में कौन से शहर होंगे शामिल

फरीदाबाद कलस्टर: इस कलस्टर में फरीदाबाद और गुड़गांव शामिल रहेंगे। यहां से फिलहाल 1236 टन कचरा प्रतिदिन निकल रहा है। यहां के लिए प्लांट बंधवाड़ी में लगेगा। 2019 तक काम पूरा हो जाएगा। यहां घर-घर से कचरा उठाने का काम शुरू कर दिया गया है।

सोनीपत कलस्टर: इसमें गन्नौर, पानीपत, सोनीपत और समालखा नगर निकाय क्षेत्र शामिल होंगे। यहां से फिलहाल प्रतिदिन 435 टन कचरा निकल रहा है। प्लांट सोनीपत जिले के मुरथल में लगेगा। यहां सितंबर, 2019 तक इसका काम पूरा हो जाएगा। यहां घर से कचरा उठाया जा रहा है।

रोहतक कलस्टर: इसमें रोहतक के अलावा सांपला, महम , खरखौदा, कलानौर, जुलाना, झज्जर, गोहाना, बेरी और बहादुरगढ़ नगर निकाय क्षेत्र शामिल हैं। इन निकायों से हर दिन 800 टन कचरा बन रहा है। प्लांट रोहतक में लगेगा। इसका काम सितंबर, 2020 तक पूरा होगा।

अम्बाला कलस्टर: इस कलस्टर में अम्बाला के अलावा चीका, पिहोवा, शाहबाद और थानेसर नगर निकाय क्षेत्र शामिल होंगे। यहां से हर दिन 363 टन कचरा निकल रहा है। प्लांट अंबाला में लगेगा, जिसका काम जून, 2020 तक पूरा होगा। इस प्लांट पर कचरे से बिजली बनाई जाएगी।

करनाल कलस्टर: इसमें करनाल के अलावा घरौंडा, इंद्री, नीलोखेड़ी, निसिंग, पूंडरी और तरावड़ी शहर में शामिल होंगे। इन शहरों से हर दिन 242 टन कचरा निकलता है। प्लांट करनाल में लगेगा, जिसका काम अगस्त, 2019 तक पूरा होगा।

भिवानी कलस्टर: बवानी खेड़ा, भिवानी, चरखी दादरी और लोहारु नगर निकाय क्षेत्र इस कलस्टर में शामिल होंगे। यहां से 154 टन कचरा हर दिन बन रहा है। प्लांट बवानी खेड़ा में लगेगा, जिसका काम अगस्त, 2019 तक पूरा होगा।

रेवाड़ी कलस्टर: इस कलस्टर में रेवाड़ी के अलावा नारनौल, नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़, कनीना, धारूहेड़ा, बावल और अटेली मंडी नगर निकाय क्षेत्र शामिल हैं। रेवाड़ी में बनने वाले इस प्लांट का काम अगस्त, 2019 में पूरा होगा।

फतेहाबाद-भूना कलस्टर: इसमें भूना, फतेहाबाद के अलावा रतिया, टोहाना और उकलाना मंडी नगर निकाय क्षेत्र शामिल हैं। इन निकायों से हर दिन 112 टन कचरा पैदा हो रहा है। भूना में लगने वाले प्लांट का काम अगस्त, 2019 में पूरा होगा।

पंचकूला कलस्टर: इसमें पंचकूला और नारायणगढ़ नगर निकाय क्षेत्र शामिल हैं। यहां से 180 टन कचरा हर दिन निकल रहा है। इसके लिए पंचकूला के झूरीवाला को प्रस्तावित क्षेत्र बताया है। प्लांट का काम अगस्त, 2019 में पूरा होगा।

यमुनानगर कलस्टर: यमुनानगर के अलावा जगाधरी, लाडवा, बराड़ा और रादौर नगर निकाय क्षेत्र इसमें शामिल हैं। इन क्षेत्रों से हर दिन 289 टन कचरा पैदा हो रहा है। यमुनानगर में लगने वाले इस प्लांट का काम अक्टूबर, 2019 में पूरा होगा।

हिसार कलस्टर: इसमें हिसार के अलावा बरवाला, हांसी, नारनौंद और सिवानी को शामिल किया है। यहां से 244 टन कचरा हर दिन निकलता है। हिसार में प्लांट लगेगा, जिसका पूरा काम अक्टूबर, 2019 में पूरा होगा।

डबवाली-सिरसा कलस्टर: इसमें सिरसा और डबवाली के अलावा एलनाबाद, कालांवाली, रानियां को शामिल किया है। इन क्षेत्रों से 172 टन कचरा हर दिन निकल रहा है। डबवाली में लगने वाले इस प्लांट का काम अक्टूबर, 2019 में पूरा होगा।

फारूखनगर कलस्टर: इसमें फारूखनगर के अलाव हेलीमंडी, नूंह, पटौदी, सोहना और तावडू को शामिल किया हैं। यहां से 70 टन कचरा हर दिन पैदा हो रहा है। फारूखनगर में प्लांट लगेगा, जिसका काम अक्टूबर, 2019 में पूरा होगा।

पुन्हाना कलस्टर: इसमें पुन्हाना के अलावा फिरोजपुर झीरका, हथिन, पलवल और होडल नगर निकाय क्षेत्र को शामिल किया है। इन क्षेत्रों से 132 टन कचरा प्रतिदिन निकल रहा है। पुन्हाना में लगने वाले प्लांट का काम अक्टूबर, 2019 में पूरा होगा।

जींद कलस्टर: जींद के अलावा असंध, कैथल, कलायत, नरवाना, राजौंद, सफीदों और उचाना नगर निकाय क्षेत्र को शामिल किया है। अभी स्थान चिह्नित नहीं है लेकिन सरकार ने प्लांट लगाने का समय अक्टूबर, 2019 का तय किया है।

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