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आलू, प्याज, टमाटर, गाेभी उगाकर कमाएं 48 से 56 हजार रुपए प्रति एकड़

सरकार द्वारा बागवानी फसलों के लिए चलाई गई भावांतर भरपाई योजना किसानों की आय सुनिश्चित करेगी। सरकार ने किसानों को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:00 AM IST

सरकार द्वारा बागवानी फसलों के लिए चलाई गई भावांतर भरपाई योजना किसानों की आय सुनिश्चित करेगी। सरकार ने किसानों को नुकसान से बचाने के लिए यह योजना बनाई है। अब प्रदेश का किसान आलू, प्याज, टमाटर एवं गाेभी उगाकर प्रति एकड़ 48 से 56 हजार रुपए की आमदनी कर सकता है। इसके लिए सरकार ने प्रदेश के किसानों को समृद्ध बनाने के लिए 31 दिसंबर 2017 को भावांतर भरपाई योजना लागू कर इन चार सब्जियों के सरकारी मूल्य निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए किसान को पंजीकरण करवाना जरूरी है। पंजीकरण कार्य बागवानी विभाग एवं मार्केट कमेटी कार्यालय में नि:शुल्क होगा। हालांकि इस बार आलू एवं फूल गोभी के पंजीकरण की समयावधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सरकार की इस योजना से अनेक किसान लाभांवित होंगे।

भावांतर भरपाई योजना से सुनिश्चित होगी किसान की आय

योजना का लाभ

इस तरह लें योजना का लाभ

योजना का लाभ लेने के लिए इन सब्जियों को उगाने के बाद जिले के बागवानी विभाग या मार्केट कमेटी कार्यालय में ई-रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। किसान को फसल उगाने के बाद बागवानी कार्यालय व मार्केट कमेटी कार्यालय में आवेदन करना होगा। किसान डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एचएसएएमबी.जीओवी.इन या बीबीवाई पोर्ट पर जाकर भी रजिस्ट्रेशन कर सकता है। संबंधित विभाग का अधिकारी मौके पर जाकर फसलों का मुआयना करेगा।

यह अनूठी योजना है

1 भूमि मालिक, पट्टेदार या किराए पर काश्ताकार ले सकते हैं। भावांतर भरपाई योजना का मुख्य उदेश्य प्रदेश के किसानों को आलू, प्याज, टमाटर व फूलगोभी की पैदावार को ध्यान में रखते हुए संरक्षित मूल्य निर्धारित किया है।

बागवानी किसानों के लिए सरकार की यह अनूठी योजना है। इससे किसानों को संरक्षित मूल्य मिलेगा। वहीं किसान बिना किसी चिंता के बागवानी की खेती कर सकेंगे। -डॉ. रघुबीर सिंह झोरड़, जिला उद्यान अधिकारी

2 इस योजना के तहत सरकार ने 4 रुपए प्रति किलोग्राम आलू व टमाटर तथा 5 रुपए प्रति किलोग्राम प्याज व फूलगोभी का मूल्य निर्धारित किया है। आलू पर 120 क्विंटल प्रति एकड़, प्याज पर 100 क्विंटल प्रति एकड़, टमाटर पर 140 क्विंटल प्रति एकड़ व फूलगोभी पर 100 क्विंटल प्रति एकड़ तक यह लाभ देगी। इस प्रकार किसान इन सब्जियों पर प्रति एकड़ 48 हजार से 56 हजार रुपए आमदनी ले सकेगा।

पंजीकरण, अपील, सत्यापन

आलू की पंजीकरण अवधि 10 अक्टूबर से 30 नवंबर तक, सत्यापन अवधि 31 दिसंबर तक, सत्यापन के विरुद्ध अपील अवधि 15 जनवरी तक व बिक्री अवधि फरवरी व मार्च माह के दौरान होगी। प्याज की पंजीकरण अवधि 20 दिसंबर से 15 फरवरी तक, सत्यापन अवधि 15 मार्च तक, सत्यापन के विरुद्ध अपील अवधि 25 मार्च तक व बिक्री अवधि अप्रैल व मई माह के दौरान होगी। टमाटर की पंजीकरण अवधि 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक होगी।

योजना की मुख्य विशेषताएं

जे फार्म पर बिक्री जरूरी: इस प्रोत्साहन के लिए जे-फार्म पर बिक्री अनिवार्य होगी। जे-फार्म पर बिक्री उपरांत बिक्री विवरण बीबीवाई पोर्टल पर अपलोड होगा। बिक्री की अवधि के दौरान यदि फसल उत्पादन का थोक मूल्य संरक्षित मूल्य से कम मिलता है, तो किसान भाव के अंतर की भरपाई के लिए पात्र होगा। जे-फार्म पर बिक्री तथा निर्धारित उत्पादन प्रति एकड़ जो भी कम होगा को भाव के अंतर से गुना करने पर प्रोत्साहन देय होगा।

3 हालांकि सरकार किसान से आलू, प्याज, टमाटर व फूलगोभी नहीं खरीदेगी। अपनी सब्जी तो पहले की तरह आढ़त पर ही बेचनी होगी, लेकिन यदि आढ़त पर संरक्षित रेट से कम मूल्य पर सब्जी बिकेगी तो किसान को शेष राशि की भरपाई सरकार करेगी।

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