भिवानी

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आधी-अधूरी तैयारी

जिला प्रशासन और नगर परिषद ने बैठकें कर जिले और शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाने का फैसला लिया था।...

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2018, 02:00 AM IST
आधी-अधूरी तैयारी
जिला प्रशासन और नगर परिषद ने बैठकें कर जिले और शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाने का फैसला लिया था। जिला प्रशासन द्वारा सक्षम योजना के तक ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए 284 युवाओं को लगाया है। वहीं नगर परिषद ने अभी तक टीमों का गठन ही नहीं किया है। बाजार में पॉलीथिन धड़ल्ले से बिक रही है। इनको रोकने के लिए न तो प्रशासन ने कोई टीम बनाई और न ही नगर परिषद ने। जिले में हर रोज करीबन 4 क्विंटल पॉलीथिन की खपत हो रही है।

इन दिनों शहर और गांवों में स्कूली बच्चे हो या फिर सक्षम योजना के तहत कार्य करने वाले युवा। हर कोई जिला प्रशासन के कहे अनुसार जिले को पॉलीथिन मुक्त करने के लिए लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाए हैं। जागरूकता रैली निकाल इसके नुकसान बताए जा रहे हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान शहर की दुकानों पर हो रही बिक्री की तरफ नहीं है। अगर हमें जिले को पॉलीथिन मुक्त करना है तो सबसे पहले इनका उत्पादन और इनकी बिक्री को बैन करना होगा।

अभियान चलाने के लिए टीम तक नहीं बनाई दादरी में रोज 4 क्विंटल िबक रहा पॉलीथिन

ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए 284 युवाओं को अभियान में लगाया

होलसेलर कर रहे मदद

शहर में पॉलीथिन की बिक्री कई जगह की जा रही है। होल सेल विक्रेता दुकानदारों को पॉलीथिन उपलब्ध करा रहे हैं। दुकानदार इन्हीं पॉलीथिन में सामान डालकर ग्राहकों को दें रहे हैं। पुरानी सब्जी मंडी स्थित होलसेल के एक व्यापारी ने बताया कि शहर के साथ साथ जिलेभर में हर रोज पॉलीथिन की खपत चार क्विंटल हो रही है। छोटा हो या बड़ा दुकानदार हर कोई ले रहा।

बैठकों में होती हैं सिर्फ बातें

शहर को पॉलीथिन मुक्त करने के लिए हर बार नप की हाउस की बैठक में इस पर चर्चा की जाती है। सभी की सहमति से अभियान चलाने की बात की जाती है। बैठक खत्म होने के साथ ही अभियान शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाता है। अगर वास्तव में शहर और गांवों को पॉलीथिन मुक्त करना है तो इसके लिए पॉलीथिन की बिक्री रोकने के लिए टीमों को गठन किया जाएगा। शहर में बिकने वाले पॉलीथिन को जब्त कर बेचने वाले के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा तब जाकर बात बनेगी।

पॉलीथीन में सामान लेकर गुजरते राहगीर।

प्रशासन युवाओं के सहारे

जनवरी माह से अतिरिक्त उपायुक्त के आदेश पर स्कूली बच्चे गांवों में जागरूकताा रैलियां निकालकर ग्रामीणों पॉलीथिन को प्रयोग न करने के लिए जागरूकत कर रहे हैं। इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने 154 गावों में लोगों को जागरूक करने के लिए ए 284 सक्षम युवाओं को इस कार्य के लिए लगाया गया है। अब देखना ये है कि इन युवाओं की जागरूकता को कितना असर होता है।

2017 में काटे मात्र 11 चालान

पर्यावरण विभाग पॉलीथिन को रोकने के लिए कितना सजग है इस बात को अंदाजा उनके अधिकारियों द्वारा बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ लिए गए एक्शन से पता चलता है। शहर में धड़ल्ले से बिक रही पॉलीथिन के बारे में भिवानी स्थित पर्यावरण विभाग के एसडीओ विनय कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि साल 2017 में हमने पॉलीथिन के उपयोगकर्ताओं और विक्रेताओं के 11 चालान किए है। इस कार्य प्रणाली को देखकर आप सोच सकते हैं कि विभाग इससे राेकने के लिए कितने गंभीर हैं।

ये है जुर्माने का प्रावधान

पॉलीथिन जुर्माना (रुपये में)

100 ग्राम तक 500

101 से 500 ग्राम तक 1500

501 ग्राम से 1 किलो तक 3000

1 किलो से 5 किलो तक 10000

5 किलो से 10 किलो तक 20000

10 किलो अधिक 25000

अतिरिक्त उपायुक्त बोले-


टीमों का होगा गठन


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