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20 फीसदी स्कूलों में ही सेफ्टी क्लब समितियां बनाकर हो रही खानापूर्ति

बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों में बेशक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की हुई हैं, लेकिन सेफ्टी क्लब बनाने में अभी भी...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:05 AM IST
20 फीसदी स्कूलों में ही सेफ्टी क्लब समितियां बनाकर हो रही खानापूर्ति
बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों में बेशक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की हुई हैं, लेकिन सेफ्टी क्लब बनाने में अभी भी स्कूल बहुत पीछे हैं। किसी भी सरकारी स्कूल में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। जिले के 20 प्रतिशत ही स्कूल ही सेफ्टी क्लब बना पाए हैं।

स्कूलों में बच्चों व स्टाफ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग ज्यादा गंभीर नहीं है। प्रदेश के विभिन्न स्कूल में विद्यार्थियों व शिक्षक के साथ बीते तीन से चार महीनों में कई आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं। शिक्षकों से बदसलूकी आदि की घटनाएं आम बनी हुई हैं। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने को प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी का परिणाम था कि मंगलवार को प्रदेशभर लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों ने एक दिन स्कूल बंद का आह्वान कर सुरक्षा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल संचालकों ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को मांगों का ज्ञापन भेजा था, जबकि आठ सितंबर को गुरुग्राम के प्रद्युमन हत्याकांड के बाद स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे।

जिला स्तरीय कमेटी में डीसी-एसपी, डीईओ-डीईईओ, सब-डिवीजन पर एसडीएम-डीएसपी, बीईओ, प्राइवेट स्कूल प्रतिनिधि, स्कूल स्तर पर प्राचार्य, पीटीआई-डीपीई सहित अन्य प्रशासनिक आला अधिकारियों काे शामिल किया गया था। कमेटी को नियमित तौर पर स्कूलों में निरीक्षण करना था व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना था हालांकि यह शिक्षा विभाग अधिकारियों द्वारा स्कूलों में महीने में होने वाला रूटीन पर्यवेक्षण किया।

किसी सरकारी स्कूल में नहीं सीसीटीवी कैमरे

भिवानी में 743 सरकारी व 450 प्राइवेट स्कूल हैं। बच्चों व स्कूल हालांकि सरकारी स्कूलों में किसी भी सरकारी स्कूल में सीसी कैमरे नहीं हैं। फायर ब्रिगेड यंत्र लगभग अधिकतर स्कूलों में हैं। 20 प्रतिशत स्कूलों में सेफ्टी क्लब गठन कर लिया गया है। प्राचार्यों का कहना है कि साइट खुलने में दिक्कत आ रही है। इसलिए क्लब के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। उधर, मामले को देख रहे शिक्षा विभाग में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर के अनुसार रजिस्ट्रेशन की डेट बढ़ा दी गई है और एक पखवाड़े तक सभी स्कूलों में सेफ्टी क्लब का गठन कर लिया जाएगा।

स्कूलों में शुरू किए टीचरों ने राउंड लेने

स्कूलों में हुई घटनाओं के बाद अनेक स्कूलों में टीचरों ने खाली पीरियड में राउंड लेने शुरू कर दिए हंै। वे टीचर जिनका पीरियड खाली होता हैं वे हर घंटी बाद राउंड लेते रहते हैं। ये टीचर खाली कमरों, टायलेट, पेयजल टंकी वाले क्षेत्र में राउंड लेते रहते हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल मिताथल के प्राचार्य रमेश बूरा ने बताया कि उनके यहां शिक्षक हर घंटी के बाद स्कूल का राउंड लेते रहते हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष आकाश रहेजा ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं। टीआईटी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के प्राचार्या डॉ. डीपी कौशिक ने बताया कि उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल में मॉनिटरिंग कमेटी गठित की हुई है तथा बच्चों को भी समय समय पर जागरूक किया जाता है तथा उन्हें यैल, रन व टेल यानि कि किसी भी संकट के समय पहले विरोध करों, बात न बने तो फौरन दौड़ों तथा शिक्षक या परिजनों को पूरी जानकारी दो। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश शर्मा ने बताया कि स्कूल प्राचार्य या मुख्य शिक्षक साइट पर जाकर सेफ्टी क्लब के लिए रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों के लिए मुख्यालय को लिखा हुआ है।

स्कूलों में हैं मॉनिटरिंग कमेटी

बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति या स्कूल मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया हुआ है। सरकारी स्कूलों में एसएमसी गठित की हुई है। उधर प्राइवेट स्कूलों में सुरक्षा के पुख्ता उपाय किए हुए हैं। सबसे अहम हर निजी स्कूल में सीसी कैमरे लगाए हुए हैं आैर उन का रिकार्ड होता है।

प्राचार्य होता है चेयरमैन

सेफ्टी क्लब या मॉनिटरिंग कमेटी का चेयरमैन प्राचार्य होता है। इस कमेटी में फिजिकल एजुकेशन टीचर, महिला सीनियर टीचर, पीजी टीचर व सिक्योरिटी इंचार्ज होते हैं। फिजिकल एजुकेशन टीचर कमेटी का नोडल अधिकारी होता है।

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