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सरकार के छुट्टी रद्द करने के फैसले को अध्यापकों ने बताया गलत

6 वर्ष पहले
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भिवानी। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने सरकार के ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्कूलों में जाकर पढ़ाने के तुगलकी फरमान को लेकर अपना रोष प्रकट किया है। संघ के राज्य प्रेस सचिव मा.जगरोशन, जिला भिवानी के प्रधान मास्टर सुखदर्शन ब्लाक भिवानी के प्रधान मा.अजीत राठी ने बताया कि मैट्रिक परीक्षा में जो विद्यार्थी दो से ज्यादा विषयों में फेल हुए थे, उनकी रि अपीयर आई थी।
उनमें से कुछ विद्यार्थियों ने तो दूसरे स्कूलों में दाखिला ले लिया और कुछ ने उसी स्कूल में उसी कक्षा में प्रवेश ले लिया। अब उन विद्यार्थियों को स्कूल में कैसे उपलब्ध करवाया जा सकता है। अध्यापक एक या दो विषय को लेकर पूरे दिन छात्रों को कैसे पढ़ा सकता हैω एक या दो विषयों को लेकर पूरे दिन छात्र को पढ़ाना बाल मनोविज्ञान के भी खिलाफ है।

उन्होंने बताया कि सरकार पढ़ाई के समय तो अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य करवाती है। ये अतिरिक्त कक्षाएं सीआरपी कार्यक्रम के समय लगाई जा सकती थी। अतिरिक्त कक्षाएं लगाने का फरमान 30 मई को छुट्टी के बाद स्कूलों में ईमेल पर शिक्षा विभाग द्वारा भेजा गया है। छात्रों को इसकी सूचना कैसे भेजी जाए। यह भी चुनौती भरा प्रश्न है। ग्रीष्मकालीन अवकाश अत्यधिक गर्मी के चलते होता है। ऐसे में ज्यादा छात्रों का स्कूल में पहुंचना असंभव सा लगता है। इसलिए छुट्टियों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग एक वोकेशनल विभाग है। अगर छुट्टियां रद्द की जाती है तो सरकार पहले शिक्षा विभाग को नॉन वोकेशनल विभाग बनाए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा विभाग में तो रिक्त पदों को भर रही है और ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। अत: संघ सरकार के तुगलकी, अविवेकपूर्ण, अन्यायपूर्ण मानव अधिकार विरोधी फरमान की निंदा करते हुए इसका बहिष्कार करता है।
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