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‘मूल अवस्था में लाया जाए एससीएसटी एक्ट’

भिवानी | सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी उत्पीड़न अधिनियम की व्याख्या करने के बाद यह अधिनियम लगभग निष्क्रिय हो गया...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:05 AM IST
भिवानी | सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी उत्पीड़न अधिनियम की व्याख्या करने के बाद यह अधिनियम लगभग निष्क्रिय हो गया है। यह बात हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के राज्य महासचिव बलजीत सिंह दहिया ने कही। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार की अनदेखी से हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस अधिनियम को अपनी मूल अवस्था में वापस लाने के लिए तुरंत प्रभाव से इसमें संशोधन के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।

सुरेंद्र रंगा, जयकिशन बौद्ध, संतकुमार, नरेंद्र, ने बताया कि सुबह 10 बजे नेहरू पार्क में एकत्रित होकर सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया जाएगा और डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री व कानून मंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा। इस अवसर पर जिले से अनेक कर्मचारी, नौजवान, सेवानिवृत्त लोग आदि भाग लेते हुए संवैधानिक दायरे में रहकर रोष प्रदर्शन करेंगे। दूसरी ओर लोकतंत्र रक्षा मंच के वरिष्ठ युवा नेता सुरेश सैनी ने 2 अप्रैल के भारत बंद को समर्थन देते हुए बताया कि डाॅ. भीम राव अंबेडकर ने सभी को समान अधिकार दिलाने के लिए एससी एसटी एक्ट का गठन किया था लेकिन पिछले कुछ दिनों से जिस प्रकार से भाजपा के केंद्रीय मंत्री बयान दे रहे थे कि वो लोग सत्ता में संविधान को बदलने की बात सार्वजनिक मंच पर कह रहे हैं जो सरासर गलत है। सैनी ने केंद्र और प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट के अंदर दोबारा से हलफनामा दाखिल करने की मांग रखी जिससे कि देश में रहने वाले सभी नागरिकों को समान रूप से जीने का अधिकार मिले।