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भ्रूण लिंग जांच पर अंकुश के लिए सख्ती के निर्देश

बया पर्यटन केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट पर एक कार्यशाला हुई। कार्यशाला में जिलेभर से...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 03:05 AM IST
बया पर्यटन केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट पर एक कार्यशाला हुई। कार्यशाला में जिलेभर से अल्ट्रासाउंड संचालकों ने भाग लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता चौ. बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. रणदीप पूनिया ने की। डॉ. पूनिया ने अल्ट्रासाउंड संचालकों से लिंग जांच पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए और अधिक सख्ती बरतने के निर्देश दिए।

रचनात्मक परिणाम आए हैं सामने

डॉ. पूनिया ने बताया कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के बड़े ही रचनात्मक परिणाम आए हैं, जिससे कि जिला भिवानी का लिंगानुपात पहली बार 900 पार करके 913 पहुंचा है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी भूमिका रही है। सिविल सर्जन ने बताया कि लिंगानुपात में और सुधार करना है और इसे बढ़ाकर 950 तक लेकर जाना है। इसके लिए विभाग को और अधिक मेहनत करनी होगी। सिविल सर्जन ने अल्ट्रासाउंड संचालकों को चेतावनी दी कि उनके केंद्रों पर लिंग जांच की कोई सूचना मिली तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि कोई लिंग जांच करवाने के बारे में उनसे संपर्क करें तो उसकी जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन को दें ताकि लिंग जांच या कन्या भ्रूण हत्या में शामिल लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की अाेर से कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। कार्यशाला में उप सिविल सर्जन डॉ. सुनील ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. यतिन गुप्ता डॉ. विवेक गेरा, डॉ. दिव्यकीर्ति आहुजा, डॉ. सोमदत्त मजीठिया, डॉ. कर्ण पूनिया, डॉ. आरसी शर्मा और डॉ. वीरेंद्र चुघ अादि मौजूद थे।

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